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Hisar News: नए बीज एक्ट के विरोध में बंद रखीं दुकानें, नहीं बेचा बीज
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हिसार में बंद बीज की दुकानें। संवाद
हिसार। प्रदेश सरकार की ओर से लाए गए नए बीज एक्ट के विरोध में सोमवार को बीज विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके चलते बीज लेने आए लोगों को लौटना पड़ा। बस अड्डा के पास सेवक सभा अस्पताल व राजपूत धर्मशाला के बाहर बनी बीज की दुकानों के बाहर दिन भर ताले लगे रहे। इस समय किसान कपास का बीज, पशु चारे के लिए ज्वार व मक्का का बीज लेने के लिए आ रहे हैं।
बीज व्यापारी आत्माराम गोदारा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा सत्र में नया बीज एक्ट पारित किया था। जिसमें धारा 19 एक को लेकर बीज उत्पादक एसोसिएशन का विरोध है। इस धारा में कहा गया है कि अगर किसान के खेत में बीज नहीं उगा तो बीज उत्पादक पर गैर जमानती धारा में केस दर्ज होगा। उत्पादक की गिरफ्तारी होगी। उत्पादक-कंपनी पर दो से तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उसे एक से दो साल तक की सजा होगी। दूसरी बार तीन साल की सजा तथा तीन से पांच लाख रुपये का जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इस बिल को प्रदेश सरकार की ओर से पारित होने के बाद राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा गया है।
हरियाणा बीज उत्पादक एसोसिएशन के सदस्य नरेश सिंगल ने कहा, इस अधिनियम के तहत प्रशासन को बीज उत्पादकों, डीलरों, कृषि उत्पाद कारोबारियों का शोषण व दमन करने का मौका मिलेगा। इससे कृषि व्यापार को भारी नुकसान होगा। यह कानून छोटे कारोबारियों के बर्बाद होने की आशंका है।ऐसे में कानून को लेकर सभी को एकजुट होना होगा।इस कानून से बीज का काम करने वाले किसानों को भी नुकसान होगा। मल्टीनेशनल कंपनियां भी डीलरों को फोन कर हरियाणा में बीज बेचने से इनकार कर रही हैं। ऐसे में किसानों को अच्छी कंपनी के गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। किसानों को दूसरे प्रदेश में जाकर बीज खरीदने होंगे। 6 अप्रैल को कुरुक्षेत्र में जुटे संघ के सदस्यों ने बीज न बेचने का फैसला लिया था।
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व्यापार मंडल ने किया समर्थन
व्यापारियों प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की ओर से व्यापारियों पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा का कानून बनाया है। हरियाणा सरकार द्वारा बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स निर्माता, विक्रेताओं, खाद्य, बीज, कीटनाशक दवाई विक्रेताओं पर जो नाजायज कानून बनाया गया है वह सरासर गलत है।सरकार ने व्यापारियों को सजा देने का कानून वापिस नही किया तो व्यापार मंडल हरियाणा बंद का आह्वान करेगा। बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स, खाद्य, बीज, कीटनाशक दवाई विक्रेताओं व उत्पादक हड़ताल पर हैं, जिसका व्यापार मंडल का पूरा समर्थन है।
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बीज व्यापारी आत्माराम गोदारा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा सत्र में नया बीज एक्ट पारित किया था। जिसमें धारा 19 एक को लेकर बीज उत्पादक एसोसिएशन का विरोध है। इस धारा में कहा गया है कि अगर किसान के खेत में बीज नहीं उगा तो बीज उत्पादक पर गैर जमानती धारा में केस दर्ज होगा। उत्पादक की गिरफ्तारी होगी। उत्पादक-कंपनी पर दो से तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उसे एक से दो साल तक की सजा होगी। दूसरी बार तीन साल की सजा तथा तीन से पांच लाख रुपये का जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इस बिल को प्रदेश सरकार की ओर से पारित होने के बाद राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा गया है।
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हरियाणा बीज उत्पादक एसोसिएशन के सदस्य नरेश सिंगल ने कहा, इस अधिनियम के तहत प्रशासन को बीज उत्पादकों, डीलरों, कृषि उत्पाद कारोबारियों का शोषण व दमन करने का मौका मिलेगा। इससे कृषि व्यापार को भारी नुकसान होगा। यह कानून छोटे कारोबारियों के बर्बाद होने की आशंका है।ऐसे में कानून को लेकर सभी को एकजुट होना होगा।इस कानून से बीज का काम करने वाले किसानों को भी नुकसान होगा। मल्टीनेशनल कंपनियां भी डीलरों को फोन कर हरियाणा में बीज बेचने से इनकार कर रही हैं। ऐसे में किसानों को अच्छी कंपनी के गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। किसानों को दूसरे प्रदेश में जाकर बीज खरीदने होंगे। 6 अप्रैल को कुरुक्षेत्र में जुटे संघ के सदस्यों ने बीज न बेचने का फैसला लिया था।
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व्यापार मंडल ने किया समर्थन
व्यापारियों प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की ओर से व्यापारियों पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा का कानून बनाया है। हरियाणा सरकार द्वारा बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स निर्माता, विक्रेताओं, खाद्य, बीज, कीटनाशक दवाई विक्रेताओं पर जो नाजायज कानून बनाया गया है वह सरासर गलत है।सरकार ने व्यापारियों को सजा देने का कानून वापिस नही किया तो व्यापार मंडल हरियाणा बंद का आह्वान करेगा। बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स, खाद्य, बीज, कीटनाशक दवाई विक्रेताओं व उत्पादक हड़ताल पर हैं, जिसका व्यापार मंडल का पूरा समर्थन है।