{"_id":"60734c708ebc3e593b4030b7","slug":"seeing-her-elder-sister-became-a-boxer-poonam-will-show-her-strength-in-the-world-youth-championship-hisar-news-rtk6040190188","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी बहन को देख बॉक्सर बनीं, वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में दम दिखाएंगी पूनम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी बहन को देख बॉक्सर बनीं, वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में दम दिखाएंगी पूनम
विज्ञापन
पूनम।
- फोटो : Hisar
अश्वनी कुमार
हिसार। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह देश की झोली में पदक डालकर नाम रोशन करे, लेकिन कई बार दूसरों से प्रेरणा लेकर खिलाड़ी नई ऊंचाइयां छू लेता है। ऐसा ही कर दिखाया है हिसार जिले के गांव बुड़ाक की 18 साल की पूनम ने। पूनम ने बड़ी बहन सोनू से खेलने की प्रेरणा ली और बॉक्सर बन गईं। अब पूनम पोलैंड में होने वाली वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंच का दम दिखाएगी।
वहीं पूनम किसान परिवार से संबंध रखती हैं। पिता ओमप्रकाश ट्रैक्टर चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। माता कोशल्या गृहिणी हैं। बता दें, कि पूनम से इस चैंपियनशिप को लेकर पिछले दिनों ट्वीट किया था। उसके बाद पूनम के ट्वीट पर बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने री-ट्वीट किया और भारतीय टीम को बधाई दी। पूनम के पिता ने बताया कि 14 अप्रैल से बॉक्सिंग शुरू होगी। इसको लेकर पूनम पोलैंड पहुंच चुकी हैं।
2014 में की थी बॉक्सिंग की शुरुआत
पूनम ने वर्ष 2014 में हिसार साई में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। उसके बाद पूनम ने
कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ती चली गई। पूनम अब तक कई स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। पूनम ने रोहतक की राष्ट्रीय बॉक्सिंग एकेडमी (एनबीए) में अभ्यास किया और ट्रायल में पोलैंड का टिकट पाया। पिता ने बताया कि पूनम दिसंबर से रोहतक में ही प्रशिक्षण ले रही हैं। (संवाद)
विज्ञापन
ये रहीं पूनम की उपलब्धियां
- वर्ष 2020 में खेलों इंडिया में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2019 एशियन यूथ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
वर्जन
मुझे बेटी पर गर्व है। काफी खुशी की बात है कि बेटी पूनम वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
- ओमप्रकाश पूनिया, पूनम के पिता
विज्ञापन
हिसार। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह देश की झोली में पदक डालकर नाम रोशन करे, लेकिन कई बार दूसरों से प्रेरणा लेकर खिलाड़ी नई ऊंचाइयां छू लेता है। ऐसा ही कर दिखाया है हिसार जिले के गांव बुड़ाक की 18 साल की पूनम ने। पूनम ने बड़ी बहन सोनू से खेलने की प्रेरणा ली और बॉक्सर बन गईं। अब पूनम पोलैंड में होने वाली वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंच का दम दिखाएगी।
वहीं पूनम किसान परिवार से संबंध रखती हैं। पिता ओमप्रकाश ट्रैक्टर चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। माता कोशल्या गृहिणी हैं। बता दें, कि पूनम से इस चैंपियनशिप को लेकर पिछले दिनों ट्वीट किया था। उसके बाद पूनम के ट्वीट पर बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने री-ट्वीट किया और भारतीय टीम को बधाई दी। पूनम के पिता ने बताया कि 14 अप्रैल से बॉक्सिंग शुरू होगी। इसको लेकर पूनम पोलैंड पहुंच चुकी हैं।
विज्ञापन
2014 में की थी बॉक्सिंग की शुरुआत
पूनम ने वर्ष 2014 में हिसार साई में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। उसके बाद पूनम ने
कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ती चली गई। पूनम अब तक कई स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। पूनम ने रोहतक की राष्ट्रीय बॉक्सिंग एकेडमी (एनबीए) में अभ्यास किया और ट्रायल में पोलैंड का टिकट पाया। पिता ने बताया कि पूनम दिसंबर से रोहतक में ही प्रशिक्षण ले रही हैं। (संवाद)
विज्ञापन
ये रहीं पूनम की उपलब्धियां
- वर्ष 2020 में खेलों इंडिया में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2019 एशियन यूथ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
वर्जन
मुझे बेटी पर गर्व है। काफी खुशी की बात है कि बेटी पूनम वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
- ओमप्रकाश पूनिया, पूनम के पिता