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Haryana: सेटेलाइट तस्वीरों से पता लगेगा कितनी होगी फसल की पैदावार, हरसैक तकनीक आधारित सर्वे की तैयारी में जुटा
Fri, 16 May 2025 10:34 AM IST
नवीन दलाल
सुरेंद्र दलाल, हिसार (हरियाणा)
सुरेंद्र दलाल, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 16 May 2025 10:34 AM IST
सार
हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा किया जाता है। इसके लिए खरीफ और रबी में फसल की पैदावार का आंकड़ा निकाला जाता है। पैदावार औसत से कम रहे तो किसानों को उसकी भरपाई करते हुए मुआवजा दिया जाता है।
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सांकेतिक
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रदेश में फसल विशेष की औसत पैदावार कितनी होगी, इसके सटीक आकलन के लिए भविष्य में खेतों में जाकर सैंपल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए हरियाणा रिमोट एप्लीकेशन सेंटर (हरसैक) तकनीक आधारित सर्वे की तैयारी में जुटा है। हरसैक की ओर से सेटेलाइट के जरिए ली गई तस्वीरों से फसलों का सर्वे किया जाएगा। इससे बेहद कम समय में फसल विशेष का सर्वे किया जा सकेगा और इसके बाद औसत पैदावार का आकलन किया जाएगा।
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हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा किया जाता है। इसके लिए खरीफ और रबी में फसल की पैदावार का आंकड़ा निकाला जाता है। पैदावार औसत से कम रहे तो किसानों को उसकी भरपाई करते हुए मुआवजा दिया जाता है। वर्तमान में फसल पैदावार का आंकड़ा निकालने के लिए फसल कटाई सर्वे किया जाता है। इसमें कृषि विभाग की टीमें हर गांव में जाती है और चार अलग-अलग दिशाओं में निर्धारित क्षेत्र में फसल कटाई कर पैदावार का आकलन किया जाता है। इसके बाद हर गांव की फसल पैदावार जोड़कर औसत निकाला जाता है। इसी तरह पूरे प्रदेश में फसल कटाई सर्वे होता है, जिसमें काफी श्रम व समय लगता है।
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तकनीक आधारित होगा सर्वे
फसल कटाई सर्वे में अधिक समय व श्रम लगने के कारण अब हरसैक तकनीक आधारित सर्वे कराएगा। इसमें फसल की कटाई से पहले उसके सेटेलाइट चित्र लिए जाएंगे। इन चित्रों से पौधों का आकार, दाने, पकाई की प्रतिशत आदि आकलन किया जाएगा। फसल पैदावार निकालने का यह आंकड़ा पूरी तरह सटीक रहेगा। इसमें कोई व्यक्ति अपनी ओर से कुछ बदलाव नहीं कर सकता।हरसैक के जरिये हो रहा क्षतिपूर्ति का सर्वे
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बारिश,आंधी,ओलावृष्टि, सहित अन्य प्राकृतिक आपदा के समय क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसानों के आवेदन लिए जाते हैं। इसके बाद हरसैक के जरिए सर्वे कराया जाता है। हरसैक की टीम सर्वे कर नुकसान का सत्यापन करती है। इसके बाद ही सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाता है।
किसानों को कितना मिला मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2016-17 में शुरू की गई थी। हरियाणा के किसानों को 2016-17 में 298.23 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। वित्तीय सत्र 2017-18 में 898.93 करोड़, 2018-19 में 948.30 करोड़, 2019-20 में 938 करोड़, 2020-21 में 1285.51 करोड़, 2021-22 में 1714.26 करोड़, 2022-23 में 2496.89 करोड़ और 2023-24 में 224.43 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया।
अधिकारी के अनुसार
फसल पैदावार के औसत आकलन के लिए तकनीक आधारित सर्वे करवाने की बातचीत चल रही है। इस तकनीक के जरिये न केवल समय कम लगेगा, बल्कि ज्यादा मानव संसाधन की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। - डॉ. सुलतान सिंह, निदेशक, हरसैक।