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नियम 134ए : बीते तीन सालों में घटा रुझान, इस बार 50 प्रतिशत कम आए आवेदन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:45 AM IST
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Rule 134A: Trend decreased in the last three years, this time 50 percent less applications
हिसार। कोरोना और सरकार की लेट-लतीफी के कारण बीते तीन सालों में नियम134ए के तहत दाखिले में विद्यार्थियों से लेकर अभिभावकों में रुझान इस साल घटा है। बीते दो सत्र के मुकाबले इस बार जिले में 50 प्रतिशत से भी कम आवेदन आए हैं। दूसरी कक्षा से 12वीं कक्षा तक 4 हजार आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जबकि 2019-20 में 8400 और 2020-21 में 8100 आवेदन आए थे।
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शिक्षा निदेशालय ने आनन-फानन में अक्तूबर और नवंबर में नियम 134ए के तहत दाखिले प्रक्रिया के लिए आवेदन का शेड्यूल जारी कर दिया। जिस कारण जरूरतमंद विद्यार्थी अब चाहकर भी नियम 134ए के तहत दाखिले प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखा पा रहे हैं। नियम 134ए के तहत 5 सितंबर को 9 परीक्षा केंद्रों पर 3224 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक का होगा। जिले के 468 निजी स्कूलों 12150 सीटें हैं।
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कब कितने आवेदन आए
वर्ष आवेदन
2019-20 8400
2020-21 8100
2021-22 4000
9 परीक्षा केंद्रों पर 3224 विद्यार्थी देंगे परीक्षा
ब्लॉक केंद्र का स्थान
हिसार प्रथम राजकीय स्कूल, गंगवा
हिसार द्वितीय राजकीय विद्यालय, हिसार
आदमपुर राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय
उकलाना आरोही मॉडल स्कूल
अग्रोहा राजकीय विद्यालय
बरवाला राजकीय विद्यालय, अनाज मंडी
नारनौंद राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल
हांसी प्रथम राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय
हांसी-2 बंदा बहादुर पब्लिक स्कूल
बास राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय
नियम 134ए के तहत ये रहीं बड़ी अड़चनें
- कोरोना के कारण डेढ़ साल तक स्कूल बंद रहे। जिस कारण 2020-21 में तो एक लाख आवेदन प्रदेश स्तर पर आए लेकिन कोरोना ने ब्रेक लगा दिए।
- इस साल स्कूल काफी लेट खुले। जिस कारण अभिभावकों ने समय बचाने के लिए अधिकांश बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा दिया।
अफवाह : कुछ निजी स्कूल संचालकों का तर्क था कि सरकार ने नियम 134ए के तहत दाखिले प्रक्रिया को खत्म करने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल खोले हैं। जिस कारण सरकार ने नियम 134ए के तहत दाखिले प्रक्रिया बंद कर दिया है। जबकि यह सिर्फ एक अफवाह है।
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इस साल स्कूल लेट खुले, जिस कारण अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवा दिया। दूसरा बड़ा कारण था कोरोना। महामारी ने भी नियम 134ए के तहत दाखिले प्रक्रिया को प्रभावित किया है। - धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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