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Hisar News: रोडवेज को चार माह से 20 नई बसों का इंतजार
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बस स्टैंड पर खड़ी बस।
हिसार। रोडवेज विभाग को चार माह से 20 नई बसों का इंतजार है। अप्रैल में कोटे के तहत बीएस-6 इंजन वाली ये बसें हिसार डिपो को मिलनी थीं लेकिन मुख्यालय से अब तक बसें नहीं मिली हैं।
बसों की कमी के कारण बड़े शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूट प्रभावित हो रहे हैं और यात्रियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज विभाग पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहा है। नई बसें नहीं मिलने के कारण कई रूटों पर बसों के फेरे कम करने पड़ रहे हैं। वहीं रोडवेज यूनियनें लगातार बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही हैं।
ये रूट हो रहे प्रभावित
थुराना (नाइट) वाया नारनौंद, मोठ, लुहारी, राजली, हिसार
सिवानी-आदमपुर
घिराय
आदमपुर
भूना
बालसमंद
दिल्ली
चंडीगढ़
जिले के रोडवेज बेड़े में 250 बसें
वर्तमान में हिसार और हांसी डिपो में करीब 250 बसें हैं। इनमें बीएस-6 इंजन वाली करीब 37 बसें हैं। जनसंख्या के लिहाज से बसों की संख्या काफी कम है। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक जिले में कम से कम 100 और बसों की जरूरत है।
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चार माह से टायरों का भी इंतजार
रोडवेज को पिछले चार माह से टायरों का कोटा भी नहीं मिला है। ऐसे में बसों को पुराने टायरों के सहारे चलाया जा रहा है। टायरों की कमी के कारण कुछ बसें वर्कशॉप में भी खड़ी हैं।
मुख्यालय से 20 नई बसें आनी थीं, लेकिन अब तक नहीं मिली हैं। डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। इससे विभाग के साथ-साथ आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- राजकुमार चौहान, डिपो प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ)।
पिछले साल दिसंबर में डिपो को 20 नई बसें मिली थीं। बसें भेजना मुख्यालय का काम है। मुख्यालय जब किसी डिपो में बसों की जरूरत महसूस करता है, तो वहां बसें भेज दी जाती हैं।
- प्रीतम सिवाच, यातायात प्रबंधक, हिसार डिपो, रोडवेज।
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बसों की कमी के कारण बड़े शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूट प्रभावित हो रहे हैं और यात्रियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज विभाग पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहा है। नई बसें नहीं मिलने के कारण कई रूटों पर बसों के फेरे कम करने पड़ रहे हैं। वहीं रोडवेज यूनियनें लगातार बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही हैं।
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ये रूट हो रहे प्रभावित
थुराना (नाइट) वाया नारनौंद, मोठ, लुहारी, राजली, हिसार
सिवानी-आदमपुर
घिराय
आदमपुर
भूना
बालसमंद
दिल्ली
चंडीगढ़
जिले के रोडवेज बेड़े में 250 बसें
वर्तमान में हिसार और हांसी डिपो में करीब 250 बसें हैं। इनमें बीएस-6 इंजन वाली करीब 37 बसें हैं। जनसंख्या के लिहाज से बसों की संख्या काफी कम है। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक जिले में कम से कम 100 और बसों की जरूरत है।
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चार माह से टायरों का भी इंतजार
रोडवेज को पिछले चार माह से टायरों का कोटा भी नहीं मिला है। ऐसे में बसों को पुराने टायरों के सहारे चलाया जा रहा है। टायरों की कमी के कारण कुछ बसें वर्कशॉप में भी खड़ी हैं।
मुख्यालय से 20 नई बसें आनी थीं, लेकिन अब तक नहीं मिली हैं। डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। इससे विभाग के साथ-साथ आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- राजकुमार चौहान, डिपो प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ)।
पिछले साल दिसंबर में डिपो को 20 नई बसें मिली थीं। बसें भेजना मुख्यालय का काम है। मुख्यालय जब किसी डिपो में बसों की जरूरत महसूस करता है, तो वहां बसें भेज दी जाती हैं।
- प्रीतम सिवाच, यातायात प्रबंधक, हिसार डिपो, रोडवेज।