आर्यनगर गांव में निवासी 22 वर्षीय कुसुम की शादी से एक दिन पहले शनिवार को घुड़चढ़ी की रस्म की गई। पहली बार गांव की बेटी ने घुड़चढ़ी की रस्म अदा की। खासी संख्या में ग्रामीण भी रस्म में शामिल हुए। कुसुम ने 12वीं कक्षा पास की है और अभी कंप्यूटर की कोचिंग करती है। कुसुम ने कहा कि उसके परिजनों ने उसे बेटों की तरह रखा है और उसी के तहत बेटों की तरह ही घोड़ी पर बैठाकर आज रस्म अदा की है। यह बेटियों के लिए सम्मान है। गांव निवासी अधिवक्ता पूनम ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी शुरुआत है। समाज उनका अनुसरण करे। इस मौके पर कुसुम के पिता राजकुमार, माता सलोचना व मोनिका, बीरमति, परवारी, जयवीर, हरीश, रोहित, विजय, हरपाल, सुनीता, जयसिंह, धर्मवीर, सुमन आदि मौजूद रहे।