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Hisar News: पांच दिन के धरने के बाद मानी गईं शोधार्थियों की मांगें
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में शोधार्थियों की लंबित यूआरएफ और पीएचडी फीस से संबंधित मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के पांच दिवसीय आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर निर्णय लिया।
अभाविप की जीजेयू इकाई के अध्यक्ष कमलदीप अत्री ने 8 अक्तूबर को शोधार्थियों के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था। अभाविप ने आंदोलन की शुरुआत से ही शोधार्थियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने विभिन्न माध्यमों से ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से समाधान की मांग की।
कमलदीप अत्री ने स्पष्ट किया था कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा। पांच दिन तक चले धरने में अभाविप कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और प्रशासन से जल्द समाधान की अपील की।
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जीजेयू प्रशासन ने शोधार्थियों के धरना समाप्त करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे संवाद, आपसी समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रशासन के अनुसार इससे विवि परिसर में शैक्षणिक सौहार्द, आपसी विश्वास और शोध के अनुकूल वातावरण को मजबूती मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि आपसी सहयोग से शोधार्थी निर्बाध रूप से अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगे। संवाद
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अभाविप की जीजेयू इकाई के अध्यक्ष कमलदीप अत्री ने 8 अक्तूबर को शोधार्थियों के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था। अभाविप ने आंदोलन की शुरुआत से ही शोधार्थियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने विभिन्न माध्यमों से ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से समाधान की मांग की।
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कमलदीप अत्री ने स्पष्ट किया था कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा। पांच दिन तक चले धरने में अभाविप कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और प्रशासन से जल्द समाधान की अपील की।
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जीजेयू प्रशासन ने शोधार्थियों के धरना समाप्त करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे संवाद, आपसी समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रशासन के अनुसार इससे विवि परिसर में शैक्षणिक सौहार्द, आपसी विश्वास और शोध के अनुकूल वातावरण को मजबूती मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि आपसी सहयोग से शोधार्थी निर्बाध रूप से अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगे। संवाद