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निजी स्कूल में बच्चे से गलत हरकत, मारपीट करने के मामले की रिकॉर्डिंग गायब
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शहर के एक निजी स्कूल में बच्चे से गलत हरकतें करने व कुकर्म के प्रयास मामले में नया मोड़ आ गया है। स्कूल से उन दिनों की रिकॉर्डिंग ही गायब है, जब बच्चे के साथ लगातार ये हरकतें हो रही थीं। शनिवार को जिला शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी भी स्कूल में पहुंची और पूरा रिकॉर्ड जांचा।
कमेटी ने माना है कि स्कूल प्रशासन से चूक हुई है और यहां तक कि रिकॉर्डिंग के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। स्कूल प्रशासन कैमरों की रिकॉर्डिंग पेश नहीं कर सका। कमेटी ने स्कूल से विद्यार्थियों की अटेंडेंस, शिक्षकों की उपस्थिति सहित सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की। मामले की रिपोर्ट सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी। वहीं, मामले को लेकर पुलिस की जांच टीम भी स्कूल में पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया।
5 से 9 फरवरी के बीच की नहीं मिली रिकॉर्डिंग
पीड़ित बच्चे के साथ 5 से 9 फरवरी के बीच घटना हुई थी। कमेटी सदस्यों के अनुसार स्कूल प्रशासन इन दिनों की ही रिकॉर्डिंग पेश नहीं कर सका। वहीं, कुछ कैमरों की जो रिकॉर्डिंग दिखाई गई है, उसे देखकर भी लग रहा है कि रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई है। वहीं, स्कूल प्रशासन ने भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी गलती स्वीकार की है।
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परिजनों का आरोप - जान बूझकर गायब की रिकॉर्डिंग
पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि 31 जनवरी से पहले की रिकॉर्डिंग चेक की है तो कैमरा घूमता हुआ दिख रहा है। वहीं, एक जगह पर आरोपी बच्चे उनके बेटे को पकड़कर ले जाते हुए दिख रहे थे, लेकिन वो रिकॉर्डिंग उन्हें दोबारा नहीं दिखाई गई। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर भी बच्चे पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
यह था मामला
शहर के एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा के एक बच्चे से गलत हरकत करने और लगातार चार दिन तक कुकर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया था। घटना का पता तब चला था, जब 15 दिन से गुमसुम छात्र ने डर के मारे स्कूल जाने से इनकार कर दिया। परिजनों ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी, बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पुलिस चौकी में दी थी, जिसके बाद पीड़ित छात्र के छह सहपाठियों पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी और मजिस्ट्रेट के समक्ष बच्चे के बयान हुए। शनिवार को पुलिस जांच कर्मी और जिला शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए स्कूल पहुंची।
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कमेटी ने माना है कि स्कूल प्रशासन से चूक हुई है और यहां तक कि रिकॉर्डिंग के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। स्कूल प्रशासन कैमरों की रिकॉर्डिंग पेश नहीं कर सका। कमेटी ने स्कूल से विद्यार्थियों की अटेंडेंस, शिक्षकों की उपस्थिति सहित सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की। मामले की रिपोर्ट सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी। वहीं, मामले को लेकर पुलिस की जांच टीम भी स्कूल में पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया।
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5 से 9 फरवरी के बीच की नहीं मिली रिकॉर्डिंग
पीड़ित बच्चे के साथ 5 से 9 फरवरी के बीच घटना हुई थी। कमेटी सदस्यों के अनुसार स्कूल प्रशासन इन दिनों की ही रिकॉर्डिंग पेश नहीं कर सका। वहीं, कुछ कैमरों की जो रिकॉर्डिंग दिखाई गई है, उसे देखकर भी लग रहा है कि रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई है। वहीं, स्कूल प्रशासन ने भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी गलती स्वीकार की है।
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परिजनों का आरोप - जान बूझकर गायब की रिकॉर्डिंग
पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि 31 जनवरी से पहले की रिकॉर्डिंग चेक की है तो कैमरा घूमता हुआ दिख रहा है। वहीं, एक जगह पर आरोपी बच्चे उनके बेटे को पकड़कर ले जाते हुए दिख रहे थे, लेकिन वो रिकॉर्डिंग उन्हें दोबारा नहीं दिखाई गई। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर भी बच्चे पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
यह था मामला
शहर के एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा के एक बच्चे से गलत हरकत करने और लगातार चार दिन तक कुकर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया था। घटना का पता तब चला था, जब 15 दिन से गुमसुम छात्र ने डर के मारे स्कूल जाने से इनकार कर दिया। परिजनों ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी, बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पुलिस चौकी में दी थी, जिसके बाद पीड़ित छात्र के छह सहपाठियों पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी और मजिस्ट्रेट के समक्ष बच्चे के बयान हुए। शनिवार को पुलिस जांच कर्मी और जिला शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए स्कूल पहुंची।