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देशद्रोह केस में रामपाल की कोर्ट में अर्जी: वीडियो कान्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग, क्या बोले वकील?
Sat, 09 May 2026 05:42 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 09 May 2026 05:42 PM IST
सार
रामपाल के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि अदालत में दायर अर्जी में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होने की अनुमति देने की मांग की गई है।
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बाबा रामपाल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
देशद्रोह के चर्चित मामले में हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने अब हिसार की अदालत में भविष्य की पेशियों को लेकर नई अर्जी दाखिल की है। रामपाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जैस्मीन शर्मा की अदालत में आवेदन देकर आगामी सुनवाईयों में वीडियो कान्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए पेश होने की अनुमति मांगी है। अदालत ने इस आवेदन पर पुलिस से 16 मई तक जवाब तलब किया है।
यह मामला उस बहुचर्चित देशद्रोह केस से जुड़ा है, जिसमें रामपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में 2014 में हुई हिंसा और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। उस समय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में बड़े स्तर पर टकराव हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और पुलिस-प्रशासन को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बाद रामपाल के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे।
रामपाल के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि अदालत में दायर अर्जी में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होने की अनुमति देने की मांग की गई है। अदालत ने पुलिस पक्ष से विस्तृत जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि रामपाल लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ है। 16 मई को होने वाली सुनवाई में अदालत पुलिस का पक्ष सुनने के बाद वीसी पेशी की मांग पर निर्णय ले सकती है।
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पुलिस ने रामपाल को 19 नवंबर, 2014 को गिरफ्तार किया था और विभिन्न मामलों में पुलिस रिमांड के बाद 8 दिसंबर, 2014 से न्यायिक हिरासत जेल में था। हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल, 2026 को रामपाल की नियमित जमानत याचिका स्वीकार की थी। रामपाल चार आपराधिक मामलों में जिला अदालत से बरी हो चुका है जबकि हत्या के दो मामलों की मिली उम्रकैद की सजा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से निलंबित किया हुआ है।
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यह मामला उस बहुचर्चित देशद्रोह केस से जुड़ा है, जिसमें रामपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में 2014 में हुई हिंसा और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। उस समय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में बड़े स्तर पर टकराव हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और पुलिस-प्रशासन को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बाद रामपाल के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे।
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रामपाल के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि अदालत में दायर अर्जी में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होने की अनुमति देने की मांग की गई है। अदालत ने पुलिस पक्ष से विस्तृत जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि रामपाल लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ है। 16 मई को होने वाली सुनवाई में अदालत पुलिस का पक्ष सुनने के बाद वीसी पेशी की मांग पर निर्णय ले सकती है।
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पुलिस ने रामपाल को 19 नवंबर, 2014 को गिरफ्तार किया था और विभिन्न मामलों में पुलिस रिमांड के बाद 8 दिसंबर, 2014 से न्यायिक हिरासत जेल में था। हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल, 2026 को रामपाल की नियमित जमानत याचिका स्वीकार की थी। रामपाल चार आपराधिक मामलों में जिला अदालत से बरी हो चुका है जबकि हत्या के दो मामलों की मिली उम्रकैद की सजा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से निलंबित किया हुआ है।