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Hisar News: संदिग्ध हालत में मिले राजस्थान के युवक की नागरिक अस्पताल में दम
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हिसार। फव्वारा चौक के पास तिकोना पार्क में बुधवार शाम संदिग्ध हालत में मिले राजस्थान के युवक मनीष (23) की जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, लेकिन बुधवार रात करीब ढाई बजे उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी। पुलिस ने वीरवार दोपहर को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीष हनुमानगढ़ जिले के शेरड़ा गांव का निवासी था। जब मनीष को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया तो वह नशे की हालत में था। किसी ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि युवक तिकोना पार्क में संदिग्ध हालत में पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास से फोन मिला, जिससे करीब रात 12 बजे परिजनों को सूचना दी गई। परिजन रात दो बजे अस्पताल पहुंचे।
माता-पिता का इकलौता बेटा था मनीष
अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि मनीष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। माता-पिता दिव्यांग हैं। वह रंगाई-पुताई का काम करता था और कुछ दिन अपनी बुआ के यहां रुका था। घटना से दो दिन पहले ही मनीष अपने घर भोडिया खेड़ा आया था। बुधवार को वह घर से 9 हजार रुपये लेकर निकला था और गांव के एक युवक के साथ फोन खरीदने हिसार गया। युवक वापस गांव लौट गया, जबकि मनीष के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली।
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इत्तेफाकिया कार्रवाई की
अर्बन एस्टेट थाना के एएसआई और जांच अधिकारी वीरेंद्र ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर मामले में फिलहाल इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि मनीष हनुमानगढ़ जिले के शेरड़ा गांव का निवासी था। जब मनीष को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया तो वह नशे की हालत में था। किसी ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि युवक तिकोना पार्क में संदिग्ध हालत में पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास से फोन मिला, जिससे करीब रात 12 बजे परिजनों को सूचना दी गई। परिजन रात दो बजे अस्पताल पहुंचे।
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माता-पिता का इकलौता बेटा था मनीष
अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि मनीष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। माता-पिता दिव्यांग हैं। वह रंगाई-पुताई का काम करता था और कुछ दिन अपनी बुआ के यहां रुका था। घटना से दो दिन पहले ही मनीष अपने घर भोडिया खेड़ा आया था। बुधवार को वह घर से 9 हजार रुपये लेकर निकला था और गांव के एक युवक के साथ फोन खरीदने हिसार गया। युवक वापस गांव लौट गया, जबकि मनीष के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली।
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इत्तेफाकिया कार्रवाई की
अर्बन एस्टेट थाना के एएसआई और जांच अधिकारी वीरेंद्र ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर मामले में फिलहाल इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है।