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Hisar News: सितंबर में सामान्य से कम होगी बारिश, तापमान रहेगा ज्यादा
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हिसार। सितंबर में प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जबकि तापमान सामान्य से अधिक रहेंगे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 3 सितंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर पश्चिमी जिलों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा।
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवात की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाओं को रोक रखा है। इसके चलते लगातार दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। अगस्त के बाद सितंबर में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक तीन कम दबाव के क्षेत्र बनने से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। वहीं अन्य हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी जिलों में बूंदाबांदी तक सीमित रहने की संभावना है।
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उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में चार-पांच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश होगी। मानसून की विदाई भी इस माह तय मानी जा रही है और निर्धारित समय से पहले हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से इसकी विदाई हो सकती है।
4 दिन बारिश की संभावना
3 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 3 से 6 सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां होने की संभावना है। इसका असर उत्तर, पूर्वी और मध्यवर्ती जिलों में अधिक रहेगा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में बादलवाही और बूंदाबांदी हो सकती है।
अगस्त में हुई 138.5 एमएम बारिश
अगस्त में प्रदेश में 138.5 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 146.1 एमएम है। इस तरह पिछले माह सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई। जिलानुसार करनाल में सामान्य से 68 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। वहीं जींद में सामान्य से 51, कैथल में 49, अंबाला में 37 और सिरसा में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
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डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवात की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाओं को रोक रखा है। इसके चलते लगातार दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। अगस्त के बाद सितंबर में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक तीन कम दबाव के क्षेत्र बनने से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। वहीं अन्य हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी जिलों में बूंदाबांदी तक सीमित रहने की संभावना है।
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उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में चार-पांच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश होगी। मानसून की विदाई भी इस माह तय मानी जा रही है और निर्धारित समय से पहले हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से इसकी विदाई हो सकती है।
4 दिन बारिश की संभावना
3 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 3 से 6 सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां होने की संभावना है। इसका असर उत्तर, पूर्वी और मध्यवर्ती जिलों में अधिक रहेगा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में बादलवाही और बूंदाबांदी हो सकती है।
अगस्त में हुई 138.5 एमएम बारिश
अगस्त में प्रदेश में 138.5 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 146.1 एमएम है। इस तरह पिछले माह सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई। जिलानुसार करनाल में सामान्य से 68 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। वहीं जींद में सामान्य से 51, कैथल में 49, अंबाला में 37 और सिरसा में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।