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Hisar News: योग्य अध्यापक + बुद्धिमान विद्यार्थी + 25 प्रतिशत सिलेबस कम, 12वीं का परीक्षा परिणाम 47.30 प्रतिशत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2023 12:31 AM IST
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Qualified teachers   intelligent students   25 percent syllabus less, 12th exam result 47.30 percent
प्रदीप शर्मा
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चरखी दादरी। हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं एवं 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया था। जिसमें जिले के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों का 12वीं कक्षा का परिणाम मात्र 47.30 प्रतिशत रहा। तीनों मॉडल स्कूलों से कक्षा 12वीं में 463 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें मात्र 219 बच्चे पास हुए हैं। मॉडल स्कूल का दर्जा प्राप्त इन स्कूलों में योग्य अध्यापक और बुद्धिमान बच्चे हैं। इन स्कूलों में स्टाफ का चयन एवं विद्यार्थियों का दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। बावजूद इसके स्कूलों का परिणाम निराशाजनक रहा है। सबसे खास बात तो यह है कि इस बार सीबीएसई ने 25 प्रतिशत सिलेबस भी कम कर दिया था। वहीं दसवीं का परीक्षा परिणाम 63.88 प्रतिशत के साथ बारहवीं से बेहतर रहा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर ब्लॉक स्तर पर मॉडल स्कूल बनाए हुए हैं। सरकार ने मॉडल स्कूल इसलिए बनाए थे ताकि गरीब एवं बुद्धिमान विद्यार्थी पैसों के अभाव में पढ़ाई में पीछे न रह जाए। सरकार ने इन स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता भी दिलाई है। जिले में शहर के झाडू चौक पर स्थित राजकीय स्कूल, बौंदकलां तथा बाढड़ा के राजकीय स्कूलों को मॉडल स्कूल का दर्जा प्राप्त है। पहली बार ये स्कूल सीबीएसई की दसवीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल हुए थे। इन स्कूलों से 463 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी जिनमें 219 विद्यार्थी पास, 105 कंपार्टमेंट तथा 139 बच्चे फेल हो गए। वहीं दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 12वीं से बेहतर रहा। दसवीं में 216 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। जिनमें 138 पास, 51 कंपार्टमेंट तथा 26 विद्यार्थी फेल हो गए। दसवीं का परीक्षा परिणाम 63.88 प्रतिशत रहा।
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प्रवक्ताओं का चयन एवं विद्यार्थियों का दाखिला टेस्ट के पश्चात होता है
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में क्वालीफाइड स्टाफ होता है। इन स्कूलों में अध्यापक एवं प्रवक्ताओं का चयन राज्य स्तरीय पेंटा टेस्ट के आधार पर होता है। मेरिट सूची में नाम दर्ज करवाने वाले अध्यापकों को ही मॉडल स्कूलों में तैनात किया जाता है। इन स्कूलों में दाखिला भी प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। परीक्षा पास करने वाले बच्चों को ही स्कूल में दाखिला दिया जाता है।
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टैब एवं डिजिटल बोर्ड पर होती है विद्यार्थियों की पढ़ाई
प्रदेश सरकार राज्य के स्कूलों में सुधार के लिए विद्यार्थियों को हर तरह की सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही है। सरकारी ने मॉडल स्कूलों में टैब तथा डिजिटल बोर्ड की सुविधा दी हुई है। अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगवाई गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी स्कूलों का 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहा।


वर्जन
मॉडल स्कूलों का दसवीं कक्षा का परिणाम अच्छा रहा है। 12वीं कक्षा का परिणाम के लिए स्कूलों में जो कमियां रही हैं, उनको देखा जा रहा है, उनको जल्द दूर कर दिया जाएगा।
- कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी।


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