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Hisar News: प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल खरीद की शर्त, मंडियों में नहीं बिक रहा अतिरिक्त धान
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हिसार। जिले की मंडियों में धान की आवक जारी है, लेकिन प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल खरीद की सीमा किसानों के लिए परेशानी बनी हुई है। तय सीमा से अधिक धान लेकर पहुंचने वाले किसानों की अतिरिक्त फसल नहीं खरीदी जा रही। ऐसे में किसानों के सामने शेष धान बेचने की चुनौती है। अधिक धान लाने वाले किसानों की पड़ताल भी की जा रही है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सोमवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में धान की कुल आवक 39,536.09 टन हो चुकी है। अब तक 5995 किसान मंडियों में पहुंचे हैं। सोमवार को 427 किसानों ने 2,642.60 टन धान बेचा। नीलामी के माध्यम से 1128 किसानों ने कुल 8,409.90 टन धान बेचा, जबकि खुली बोली में 174 किसानों की 1,164.70 टन फसल बिकी। अब तक 17,241.60 टन धान की उठान हुई है।
किसानों को धान के 11 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उकलाना मंडी में सबसे अधिक 24,932.90 टन धान पहुंचा। बरवाला में 9,963 क्विंटल और पाबड़ा में 3,143 क्विंटल धान की आवक हुई।
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बाजरे की आवक 12,171.06 टन, भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी
जिले में बाजरे की कुल आवक 12,171.06 टन हो चुकी है। सोमवार को 509.50 टन बाजरा आया, जिसमें से निजी व्यापारियों ने 489.80 टन खरीदा। अब तक कुल निजी खरीद 9,366.93 टन हुई है। हिसार मंडी में सबसे अधिक 4,814.40 टन और बरवाला में 4,290.70 टन बाजरा पहुंचा। मंडियों में आए बाजरे में से केवल 41 प्रतिशत की उठान हुई है। खरीद खुली बोली के माध्यम से हो रही है। जिले में बाजरे का अनुमानित उत्पादन 28,231.60 टन है। किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही है।
नई शर्तों के कारण मंडियों में पड़ा है किसानों का धान
प्रदेश सरकार ने धान खरीद के लिए प्रति एकड़ सीमा तय की है। सामान्य तौर पर प्रति एकड़ करीब 21.30 क्विंटल धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाता है। अलग-अलग जिलों में पैदावार के आधार पर यह सीमा करीब 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ तक है। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। तय मात्रा की खरीद के बाद किसानों का अतिरिक्त धान मंडियों में पड़ा है।
बचा हुआ धान कहां लेकर जाए किसान : दिलबाग हुड्डा
भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने कहा कि सरकार समर्थन मूल्य देने से बचने के लिए नए नियम लागू कर रही है। प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल खरीद की शर्त से किसान परेशान हैं। शेष धान मंडियों में पड़ा है और किसानों पर उसे वापस ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2,461 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने से बच रही है। पोर्टल पर आंकड़े अपडेट नहीं होने या अन्य कारणों से भी किसानों की फसल नहीं बिक पा रही है।
मंडियों में खरीद और उठान का कार्य तेज गति से चल रहा है। खरीद एजेंसियों की जिम्मेदारी उठान की है। जिले की मंडियों से धान की 66 प्रतिशत से अधिक उठान हो चुकी है।
- डाॅ. गगन जोशी, डीएमईओ, हिसार
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सोमवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में धान की कुल आवक 39,536.09 टन हो चुकी है। अब तक 5995 किसान मंडियों में पहुंचे हैं। सोमवार को 427 किसानों ने 2,642.60 टन धान बेचा। नीलामी के माध्यम से 1128 किसानों ने कुल 8,409.90 टन धान बेचा, जबकि खुली बोली में 174 किसानों की 1,164.70 टन फसल बिकी। अब तक 17,241.60 टन धान की उठान हुई है।
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किसानों को धान के 11 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उकलाना मंडी में सबसे अधिक 24,932.90 टन धान पहुंचा। बरवाला में 9,963 क्विंटल और पाबड़ा में 3,143 क्विंटल धान की आवक हुई।
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बाजरे की आवक 12,171.06 टन, भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी
जिले में बाजरे की कुल आवक 12,171.06 टन हो चुकी है। सोमवार को 509.50 टन बाजरा आया, जिसमें से निजी व्यापारियों ने 489.80 टन खरीदा। अब तक कुल निजी खरीद 9,366.93 टन हुई है। हिसार मंडी में सबसे अधिक 4,814.40 टन और बरवाला में 4,290.70 टन बाजरा पहुंचा। मंडियों में आए बाजरे में से केवल 41 प्रतिशत की उठान हुई है। खरीद खुली बोली के माध्यम से हो रही है। जिले में बाजरे का अनुमानित उत्पादन 28,231.60 टन है। किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही है।
नई शर्तों के कारण मंडियों में पड़ा है किसानों का धान
प्रदेश सरकार ने धान खरीद के लिए प्रति एकड़ सीमा तय की है। सामान्य तौर पर प्रति एकड़ करीब 21.30 क्विंटल धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाता है। अलग-अलग जिलों में पैदावार के आधार पर यह सीमा करीब 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ तक है। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। तय मात्रा की खरीद के बाद किसानों का अतिरिक्त धान मंडियों में पड़ा है।
बचा हुआ धान कहां लेकर जाए किसान : दिलबाग हुड्डा
भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने कहा कि सरकार समर्थन मूल्य देने से बचने के लिए नए नियम लागू कर रही है। प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल खरीद की शर्त से किसान परेशान हैं। शेष धान मंडियों में पड़ा है और किसानों पर उसे वापस ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2,461 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने से बच रही है। पोर्टल पर आंकड़े अपडेट नहीं होने या अन्य कारणों से भी किसानों की फसल नहीं बिक पा रही है।
मंडियों में खरीद और उठान का कार्य तेज गति से चल रहा है। खरीद एजेंसियों की जिम्मेदारी उठान की है। जिले की मंडियों से धान की 66 प्रतिशत से अधिक उठान हो चुकी है।
- डाॅ. गगन जोशी, डीएमईओ, हिसार