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गोअभयारण्य में बीमार व स्वस्थ गायों को किया अलग-अलग
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policital
- फोटो : Hisar
गांव ढंढूर स्थित गोअभयारण्य में 529 गायों की मौत मामले में किरकिरी होने के बाद निगम प्रशासन अब नींद से जागा है। इसके तहत गोअभयारण्य में स्वस्थ गायों को बचाने के लिए बीमार व स्वस्थ गायों को अलग-अलग कर दिया गया है, ताकि अगर गायों में किसी का तरह इंफेक्शन हो तो वह न फैल सके। उधर इनेलो हांसी हलकाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि गोअभयारण्य में गायों की स्थिति चिंताजनक है। उनका सही ढंग से रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इस मामले को लेकर विधायक कुलदीप बिश्नोई ने भी प्रदेश सरकार व निगम प्रशासन को घेरा है और इस पूूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। बता दें कि गोअभयारण्य में पिछले दिनों 529 गायों की मौत हो गई थी। यह मामला सामने आने के बाद गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने भी यहां का दौरा किया था। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में जवाब तलबी की थी। इस दौरान पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु ने उनके सामने गोअभयारण्य में मैनेजमेंट की कमी बताई थी।
निगम के अधिकारी प्रतिदिन करेंगे गोअभयारण्य का दौरा
अब निगम के अधिकारी प्रतिदिन गोअभयारण्य का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति पर अपनी नजर रखेंगे। इसके अलावा निगम की टेक्निकल विंग को यह आदेश दिया गया है कि वह गोअभयारण्य में जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, उसे जल्द से जल्द से पूरा करे। इसके अलावा निगम प्रशासन ने गोअभयारण्य में बीमार व स्वस्थ गायों को अलग-अलग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि बीमार गायों से इंफेक्शन स्वस्थ गायों में न फैले। साथ ही बीमार गायों की अलग से पहचान हो सके और उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जा सके।
गोअभयारण्य में गायों के हालात बुरे : बेरवाल
उधर इनेलो के हांसी हलकाध्यक्ष यशपाल बेरवाल ने गोअभयारण्य का दौरा किया। यशपाल के मुताबिक जैसे ही वह गोअभयारण्य में दाखिल हुए, उन्हें देेखकर वहां के कर्मचारियों ने सात-आठ बीमार गायों को आईसीयू में भिजवाया। यशपाल ने बताया कि वहां गायों की स्थिति काफी बुरी है। गायों के शेड में कीचड़ जमा है और गाय उस कीचड़ में बैठने का मजबूर है। वहां सिर्फ तूड़ी ही है, हरा चारा मात्र दिखाने के लिए रखा हुआ है। यशपाल के मुताबिक चूंकि इन गायों ने काफी पॉलिथीन खाया हुआ है तो इनके लिए अब स्पेशल डाइट प्लान होना चाहिए, ताकि इनकी जान बच सके। यशपाल का कहना है कि लोगों को इन गायों को बचाने के लिए आगे आकर मदद करनी चाहिए।
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गायों की मौत मामले की हो जांच : बिश्नोई
कांग्रेस केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार, राज्य में भाजपा की सरकार, हिसार में विधायक भाजपा का, मेयर भाजपा का। उसके बावजूद गोअभयारण में सैकड़ों गाय अकाल मौत का ग्रास बन रही हैं। भाजपा नेताओं की गोरक्षा की बातें सिर्फ भाषणों तक ही सीमित नजर आती है। गो सेवा आयोग को ढंढूर मामले की जांच करनी चाहिए और मृत गायों के लिए जवाबदेही तय करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
लुवास के चिकित्सकों की मदद लेगा निगम
निगम प्रशासन ने अब गायों को बचाने के लिए लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के चिकित्सकों की मदद लेने का फैसला किया है। एक-दो दिन में लुवास के चिकित्सक गोअभयारण्य का दौरा करेंगे।
मैंने अधिकारियों को लुुवास के चिकित्सकों की मदद लेने को कहा है। क्योंकि लुवास में हर बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक है।
गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
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निगम के अधिकारी प्रतिदिन करेंगे गोअभयारण्य का दौरा
अब निगम के अधिकारी प्रतिदिन गोअभयारण्य का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति पर अपनी नजर रखेंगे। इसके अलावा निगम की टेक्निकल विंग को यह आदेश दिया गया है कि वह गोअभयारण्य में जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, उसे जल्द से जल्द से पूरा करे। इसके अलावा निगम प्रशासन ने गोअभयारण्य में बीमार व स्वस्थ गायों को अलग-अलग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि बीमार गायों से इंफेक्शन स्वस्थ गायों में न फैले। साथ ही बीमार गायों की अलग से पहचान हो सके और उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जा सके।
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गोअभयारण्य में गायों के हालात बुरे : बेरवाल
उधर इनेलो के हांसी हलकाध्यक्ष यशपाल बेरवाल ने गोअभयारण्य का दौरा किया। यशपाल के मुताबिक जैसे ही वह गोअभयारण्य में दाखिल हुए, उन्हें देेखकर वहां के कर्मचारियों ने सात-आठ बीमार गायों को आईसीयू में भिजवाया। यशपाल ने बताया कि वहां गायों की स्थिति काफी बुरी है। गायों के शेड में कीचड़ जमा है और गाय उस कीचड़ में बैठने का मजबूर है। वहां सिर्फ तूड़ी ही है, हरा चारा मात्र दिखाने के लिए रखा हुआ है। यशपाल के मुताबिक चूंकि इन गायों ने काफी पॉलिथीन खाया हुआ है तो इनके लिए अब स्पेशल डाइट प्लान होना चाहिए, ताकि इनकी जान बच सके। यशपाल का कहना है कि लोगों को इन गायों को बचाने के लिए आगे आकर मदद करनी चाहिए।
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गायों की मौत मामले की हो जांच : बिश्नोई
कांग्रेस केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार, राज्य में भाजपा की सरकार, हिसार में विधायक भाजपा का, मेयर भाजपा का। उसके बावजूद गोअभयारण में सैकड़ों गाय अकाल मौत का ग्रास बन रही हैं। भाजपा नेताओं की गोरक्षा की बातें सिर्फ भाषणों तक ही सीमित नजर आती है। गो सेवा आयोग को ढंढूर मामले की जांच करनी चाहिए और मृत गायों के लिए जवाबदेही तय करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
लुवास के चिकित्सकों की मदद लेगा निगम
निगम प्रशासन ने अब गायों को बचाने के लिए लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के चिकित्सकों की मदद लेने का फैसला किया है। एक-दो दिन में लुवास के चिकित्सक गोअभयारण्य का दौरा करेंगे।
मैंने अधिकारियों को लुुवास के चिकित्सकों की मदद लेने को कहा है। क्योंकि लुवास में हर बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक है।
गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।