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Hisar News: कचरा प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार, बीड़ में छह एकड़ में बनेगा क्लस्टर प्लांट
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ढंढूर स्थित डंपिंग स्टेशन पर लगे कचरे के ढेर।
हिसार। बीड़ में छह एकड़ जमीन पर क्लस्टर स्तरीय कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। इसमें हिसार समेत हांसी, नारनौंद, उकलाना, बरवाला और सिवानी का करीब 290 मीट्रिक टन कचरा रोजाना पहुंचाया जाएगा।
नगर निगम एजेंसी को प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध करवाएगा जबकि मशीनरी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी लगाएगी। प्लांट लगाने पर करीब 9 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च होंगे।
नगर निगम के पास प्रोसेसिंग की व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली की एक और मेरठ की दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। निस्तारण के लिए एजेंसी को प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। दिल्ली की एजेंसी ने 386 रुपये प्रति मीट्रिक टन की सबसे कम बोली दी है।
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अब मंगलवार को चंडीगढ़ में निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक होगी जिसमें रेट को मंजूरी देने के बाद टेंडर फाइनल किया जाएगा। बैठक में हिसार से मेयर प्रवीण पोपली, आयुक्त सी जयाश्रद्धा और एक्सईएन जयवीर डूडी के अलावा अन्य निकायों के चेयरमैन व अधिकारी भी शामिल होंगे।
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ऐसे होगा कचरे का निस्तारण
प्रस्तावित प्लांट में आधुनिक तकनीक से कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से वर्गीकरण व निस्तारण किया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार होगी जिसका उपयोग कृषि और बागवानी में किया जा सकेगा। प्लास्टिक, रिसाइकिल योग्य सामग्री और अन्य गैर-जैविक कचरे को अलग किया जाएगा। प्लास्टिक का इस्तेमाल सीमेंट फैक्ट्रियों, रिसाइकिलिंग उद्योगों और सड़क निर्माण में ईंधन व कच्चे माल के रूप में किया जाएगा।
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पांच कस्बों से आएगा 290 मीट्रिक टन कचरा
क्लस्टर स्तरीय प्लांट में हिसार के अलावा हांसी, नारनौंद, उकलाना, बरवाला और सिवानी से कचरा पहुंचेगा। प्लांट शुरू होने के बाद इन पांचों कस्बों के डंपिंग यार्ड धीरे-धीरे समाप्त होंगे। इससे स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के साथ लोगों को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सकेगा। हिसार शहर में रोजाना 190 से 200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमें मोटे रिसाइकिल कचरे को छोड़कर बाकी कचरा प्लांट में भेजा जाएगा।
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फिलहाल रोहतक में सबसे कम रेट
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली की एजेंसी ने 386 रुपये प्रति मीट्रिक टन की न्यूनतम बोली लगाई है। वर्तमान में हरियाणा में रोहतक नगर निगम में 385 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से कचरा प्रोसेसिंग हो रही है। यदि बैठक में हिसार की बोली में और कमी होती है तो यहां भी इससे कम दर पर प्रोसेसिंग हो सकती है।
जानिए....किस शहर में रोजाना कितना कचरा निकल रहा
हिसार - 190 मीट्रिक टन
हांसी - 45 मीट्रिक टन
बरवाला - 25 मीट्रिक टन
सिवानी - 11 मीट्रिक टन
नारनौंद - 10 मीट्रिक टन
उकलाना - 9 मीट्रिक टन
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नगर निगम की ओर से बीड़ के पास क्लस्टर स्तरीय प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में हिसार व हांसी जिले के सभी निकायों और सिवानी नगरपालिका से कचरा लाया जाएगा। तीन एजेंसियों ने आवेदन किया हुआ है। प्लांट के लिए जगह निगम देगा, जबकि बाकी मशीनरी व अन्य व्यवस्थाएं एजेंसी करेगी।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।
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कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का टेंडर देने के लिए मंगलवार को निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में दोपहर बाद बैठक होगी। इस बैठक में एजेंसी के रेट को मंजूरी देकर टेंडर फाइनल किया जाएगा। इस प्लांट के लगने के साथ ही स्वच्छता की दिशा में और बेहतर काम होगा।
- प्रवीण पोपली, मेयर, नगर निगम हिसार।
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नगर निगम एजेंसी को प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध करवाएगा जबकि मशीनरी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी लगाएगी। प्लांट लगाने पर करीब 9 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च होंगे।
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नगर निगम के पास प्रोसेसिंग की व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली की एक और मेरठ की दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। निस्तारण के लिए एजेंसी को प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। दिल्ली की एजेंसी ने 386 रुपये प्रति मीट्रिक टन की सबसे कम बोली दी है।
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अब मंगलवार को चंडीगढ़ में निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक होगी जिसमें रेट को मंजूरी देने के बाद टेंडर फाइनल किया जाएगा। बैठक में हिसार से मेयर प्रवीण पोपली, आयुक्त सी जयाश्रद्धा और एक्सईएन जयवीर डूडी के अलावा अन्य निकायों के चेयरमैन व अधिकारी भी शामिल होंगे।
ऐसे होगा कचरे का निस्तारण
प्रस्तावित प्लांट में आधुनिक तकनीक से कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से वर्गीकरण व निस्तारण किया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार होगी जिसका उपयोग कृषि और बागवानी में किया जा सकेगा। प्लास्टिक, रिसाइकिल योग्य सामग्री और अन्य गैर-जैविक कचरे को अलग किया जाएगा। प्लास्टिक का इस्तेमाल सीमेंट फैक्ट्रियों, रिसाइकिलिंग उद्योगों और सड़क निर्माण में ईंधन व कच्चे माल के रूप में किया जाएगा।
पांच कस्बों से आएगा 290 मीट्रिक टन कचरा
क्लस्टर स्तरीय प्लांट में हिसार के अलावा हांसी, नारनौंद, उकलाना, बरवाला और सिवानी से कचरा पहुंचेगा। प्लांट शुरू होने के बाद इन पांचों कस्बों के डंपिंग यार्ड धीरे-धीरे समाप्त होंगे। इससे स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के साथ लोगों को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सकेगा। हिसार शहर में रोजाना 190 से 200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमें मोटे रिसाइकिल कचरे को छोड़कर बाकी कचरा प्लांट में भेजा जाएगा।
फिलहाल रोहतक में सबसे कम रेट
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली की एजेंसी ने 386 रुपये प्रति मीट्रिक टन की न्यूनतम बोली लगाई है। वर्तमान में हरियाणा में रोहतक नगर निगम में 385 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से कचरा प्रोसेसिंग हो रही है। यदि बैठक में हिसार की बोली में और कमी होती है तो यहां भी इससे कम दर पर प्रोसेसिंग हो सकती है।
जानिए....किस शहर में रोजाना कितना कचरा निकल रहा
हिसार - 190 मीट्रिक टन
हांसी - 45 मीट्रिक टन
बरवाला - 25 मीट्रिक टन
सिवानी - 11 मीट्रिक टन
नारनौंद - 10 मीट्रिक टन
उकलाना - 9 मीट्रिक टन
नगर निगम की ओर से बीड़ के पास क्लस्टर स्तरीय प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में हिसार व हांसी जिले के सभी निकायों और सिवानी नगरपालिका से कचरा लाया जाएगा। तीन एजेंसियों ने आवेदन किया हुआ है। प्लांट के लिए जगह निगम देगा, जबकि बाकी मशीनरी व अन्य व्यवस्थाएं एजेंसी करेगी।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।
कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का टेंडर देने के लिए मंगलवार को निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में दोपहर बाद बैठक होगी। इस बैठक में एजेंसी के रेट को मंजूरी देकर टेंडर फाइनल किया जाएगा। इस प्लांट के लगने के साथ ही स्वच्छता की दिशा में और बेहतर काम होगा।
- प्रवीण पोपली, मेयर, नगर निगम हिसार।