{"_id":"60a172488ebc3ebf1b550871","slug":"police-release-85-farmer-hisar-news-rtk608780064","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने 85 किसानों को रिहा किया, थानों का घेराव रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने 85 किसानों को रिहा किया, थानों का घेराव रद्द
विज्ञापन
हिसार। आईजी राकेश कुमार आर्य के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद 85 किसानों को रिहा करने सहमति बनने के बाद किसानों ने आईजी आवास पर धरने को खत्म कर दिया। किसानों ने कहा कि थानों का घेराव रद्द कर दिया है। नेताओं के विरोध का कार्यक्रम जारी रहेगा।
रविवार को लाठीचार्ज के बाद किसान संगठनों ने आईजी के आवास के बाहर दो घंटे तक धरना दिया। आईजी राकेश कुमार आर्य ने किसानों के प्रतिनिधिंडल को बातचीत के लिए बुलाया। करीब छह बजे किसान प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता शुरू हुई।जिसमें डीसी डॉ. प्रियंका, एसपी बलवान सिंह राणा शामिल हुए। किसानों की ओर से गुरनाम चढूनी, दिलबाग हुड्डा, पूर्व एसडीओ सतबीर, कुलदीप खरड़, आजाद पालवां, सुमन हुड्डा, सतबीर पहलवान, विकास सीसर बातचीत के लिए अंदर गए। करीब ढाई घंटे तक बातचीत चली। करीब आठ बजे किसान नेताओं ने बाहर आकर कहा कि उनकी मांगों पर सहमति बन गई है। 85 किसानों को रिहा करने पर सहमति बन गई है। किसी पर कोई मामला नहीं किया जाएगा। जब्त किए वाहन पुलिस लौटाएगी। थानों के घेराव को रद्द कर दिया गया है। रात साढ़े आठ बजे महिला तथा बुजुुर्ग किसानों को घर भेज दिया गया। अन्य किसान रिहा किए जाने वाले किसानों के इंतजार में आईजी की कोठी के बाहर डटे रहे। सभी घायल किसानों का उपचार किसान संगठन कराएंगे।
वाहनों को भी छोड़ दिया
हमारे गिरफ्तार किए गए सभी 85 किसानों को रिहा कर दिया गया है। हमारे वाहनों को भी छोड़ दिया गया है। सोमवार को थानों के घेराव कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। नेताओं के खिलाफ हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हमने किसी भी पुलिस कर्मी पर हाथ नहीं उठाना। किसी तरह का उलाहना नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष भाकियू, हरियाणा
किसान संगठन करेंगे नुकसान की भरपाई
पुलिस के साथ हुए समझौते के बाद 85 किसानों को छोड़ा जा रहा गाड़ियों में हुए नुकसान की भरपाई किसान संगठन करेंगे। महिलाओं के अपमान को भुला नहीं सकते। सत्ता के नशे में चूर खट्टर सरकार को आने वाले समय में जवाब दिया जाएगा।
राकेश टिकैत, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
उपद्रवियों ने तोड़े बैरिकेड्स
उपद्रवियों ने नहर पुल पर बने बैरिकेड्स तोड़कर फेंक दिए। जिंदल ओवर ब्रिज के नीचे लगे पुलिस नाका को तोड़ा। डीएसपी अभिमन्यु लोहान के साथ धक्कामुक्की की। पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश की। जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के पांव पर भी चोट लगी है। पुलिस पर पथराव, पांच वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया है। इन लोगों ने अस्पताल की परिधि में घुसने की कोशिश की। हमारी 5 महिला पुलिसकर्मियों सहित लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिनका नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
- विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार।
विज्ञापन
रविवार को लाठीचार्ज के बाद किसान संगठनों ने आईजी के आवास के बाहर दो घंटे तक धरना दिया। आईजी राकेश कुमार आर्य ने किसानों के प्रतिनिधिंडल को बातचीत के लिए बुलाया। करीब छह बजे किसान प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता शुरू हुई।जिसमें डीसी डॉ. प्रियंका, एसपी बलवान सिंह राणा शामिल हुए। किसानों की ओर से गुरनाम चढूनी, दिलबाग हुड्डा, पूर्व एसडीओ सतबीर, कुलदीप खरड़, आजाद पालवां, सुमन हुड्डा, सतबीर पहलवान, विकास सीसर बातचीत के लिए अंदर गए। करीब ढाई घंटे तक बातचीत चली। करीब आठ बजे किसान नेताओं ने बाहर आकर कहा कि उनकी मांगों पर सहमति बन गई है। 85 किसानों को रिहा करने पर सहमति बन गई है। किसी पर कोई मामला नहीं किया जाएगा। जब्त किए वाहन पुलिस लौटाएगी। थानों के घेराव को रद्द कर दिया गया है। रात साढ़े आठ बजे महिला तथा बुजुुर्ग किसानों को घर भेज दिया गया। अन्य किसान रिहा किए जाने वाले किसानों के इंतजार में आईजी की कोठी के बाहर डटे रहे। सभी घायल किसानों का उपचार किसान संगठन कराएंगे।
विज्ञापन
वाहनों को भी छोड़ दिया
हमारे गिरफ्तार किए गए सभी 85 किसानों को रिहा कर दिया गया है। हमारे वाहनों को भी छोड़ दिया गया है। सोमवार को थानों के घेराव कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। नेताओं के खिलाफ हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हमने किसी भी पुलिस कर्मी पर हाथ नहीं उठाना। किसी तरह का उलाहना नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष भाकियू, हरियाणा
किसान संगठन करेंगे नुकसान की भरपाई
पुलिस के साथ हुए समझौते के बाद 85 किसानों को छोड़ा जा रहा गाड़ियों में हुए नुकसान की भरपाई किसान संगठन करेंगे। महिलाओं के अपमान को भुला नहीं सकते। सत्ता के नशे में चूर खट्टर सरकार को आने वाले समय में जवाब दिया जाएगा।
राकेश टिकैत, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
उपद्रवियों ने तोड़े बैरिकेड्स
उपद्रवियों ने नहर पुल पर बने बैरिकेड्स तोड़कर फेंक दिए। जिंदल ओवर ब्रिज के नीचे लगे पुलिस नाका को तोड़ा। डीएसपी अभिमन्यु लोहान के साथ धक्कामुक्की की। पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश की। जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के पांव पर भी चोट लगी है। पुलिस पर पथराव, पांच वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया है। इन लोगों ने अस्पताल की परिधि में घुसने की कोशिश की। हमारी 5 महिला पुलिसकर्मियों सहित लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिनका नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
- विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार।