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Hisar News: डेयरी प्रोजेक्ट के लिए ऑनलाइन मिलेंगे प्लॉट, नगर निगम ने तैयार कराया पोर्टल
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हिसार। शहरवासियों को पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए पशु डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट पर फिर से हलचल शुरू हुई है। अब तक कागजी कार्रवाई में ही उलझे इस प्रोजेक्ट के लिए प्लॉट की ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी। इसके लिए मुख्यालय ने पोर्टल तैयार करवाया है। उधर, नगर निगम की तरफ से मुख्यालय को भेजे गए 45.34 करोड़ रुपये के संशोधित एस्टीमेट को लौटा दिया गया है। इस एस्टीमेट को हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल (एचईडब्ल्यूपी) के माध्यम से भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम को इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए 42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने बगला रोड पर चयनित करीब 50 एकड़ जमीन पर डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट का ले आउट प्लान बनाकर कुछ प्लॉट की बोली भी कर दी। मगर इसी बीच मुख्यालय ने ले आउट पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद निगम प्रशासन ने यह कहते हुए प्लाॅट की बोली को रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। इसके बाद निगम ने नए सिरे से प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर मंजूर करवाया। साथ ही संशोधित एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा।
डेयरी प्रोजेक्ट के नए ले आउट में प्लॉट का ब्योरा
250 वर्ग गज-239 प्लॉट
350 वर्ग गज-68 प्लॉट
500 वर्ग गज-27 प्लॉट
1000 वर्ग गज-8 प्लॉट
16 दुकान-9 गुणा 15
वेटरनरी अस्पताल-2194 वर्ग मीटर
मिल्क चिलिंग प्लांट-1170 वर्ग मीटर
गैस प्लांट-5360 वर्ग मीटर
वाटर वर्क्स-3688 वर्ग मीटर
24 साल पहले हुई थी डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा
वर्ष 2000 में इनेलो सरकार में पहली बार डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा हुई थी। निगम ने इसके लिए धान्सू रोड पर जमीन ली थी। मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे भी हुआ था, जिसमें 292 डेयरियां संचालित मिलीं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ सात कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। 29 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की घोषणा की गई। मगर अलग-अलग जमीन नहीं मिली। आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल हुई।
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शहर में करीब 396 डेयरियां संचालित
दोबारा से इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने के दौरान निगम ने शहर में डेयरियों को लेकर फिर से सर्वे करवाया। इस दौरान करीब 396 डेयरियां मिलीं। हालांकि अभी इस आंकड़े को फाइनल नहीं माना गया है। इससे पहले भी एक बार निगम ने सर्वे करवाया था और उस समय 410 डेयरियां मिलीं थी।
यह होगा फायदा
डेयरी संचालक पशुओं का गोबर सीधे सीवर में डालते हैं, जिससे सीवर व्यवस्था बाधित होती है। डेयरी शिफ्टिंग होने से यह समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा डेयरियों के कारण गंदगी भी फैलती है। डेयरियों के शहर से बाहर शिफ्ट होने से इस समस्या का भी समाधान होगा।
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प्लॉट की ऑनलाइन बोली के लिए पोर्टल तैयार हो चुका है। जल्द ही इसके माध्यम से डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के प्लॉटों की ऑनलाइन बोली करवाई जाएगी। प्रोजेक्ट का संशोधित एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा था। मगर मुख्यालय ने इसे एचईडब्ल्यू पोर्टल से भिजवाने को कहा है।
- नीरज, निगमायुक्त
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नगर निगम को इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए 42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने बगला रोड पर चयनित करीब 50 एकड़ जमीन पर डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट का ले आउट प्लान बनाकर कुछ प्लॉट की बोली भी कर दी। मगर इसी बीच मुख्यालय ने ले आउट पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद निगम प्रशासन ने यह कहते हुए प्लाॅट की बोली को रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। इसके बाद निगम ने नए सिरे से प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर मंजूर करवाया। साथ ही संशोधित एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा।
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डेयरी प्रोजेक्ट के नए ले आउट में प्लॉट का ब्योरा
250 वर्ग गज-239 प्लॉट
350 वर्ग गज-68 प्लॉट
500 वर्ग गज-27 प्लॉट
1000 वर्ग गज-8 प्लॉट
16 दुकान-9 गुणा 15
वेटरनरी अस्पताल-2194 वर्ग मीटर
मिल्क चिलिंग प्लांट-1170 वर्ग मीटर
गैस प्लांट-5360 वर्ग मीटर
वाटर वर्क्स-3688 वर्ग मीटर
24 साल पहले हुई थी डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा
वर्ष 2000 में इनेलो सरकार में पहली बार डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा हुई थी। निगम ने इसके लिए धान्सू रोड पर जमीन ली थी। मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे भी हुआ था, जिसमें 292 डेयरियां संचालित मिलीं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ सात कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। 29 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की घोषणा की गई। मगर अलग-अलग जमीन नहीं मिली। आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल हुई।
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शहर में करीब 396 डेयरियां संचालित
दोबारा से इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने के दौरान निगम ने शहर में डेयरियों को लेकर फिर से सर्वे करवाया। इस दौरान करीब 396 डेयरियां मिलीं। हालांकि अभी इस आंकड़े को फाइनल नहीं माना गया है। इससे पहले भी एक बार निगम ने सर्वे करवाया था और उस समय 410 डेयरियां मिलीं थी।
यह होगा फायदा
डेयरी संचालक पशुओं का गोबर सीधे सीवर में डालते हैं, जिससे सीवर व्यवस्था बाधित होती है। डेयरी शिफ्टिंग होने से यह समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा डेयरियों के कारण गंदगी भी फैलती है। डेयरियों के शहर से बाहर शिफ्ट होने से इस समस्या का भी समाधान होगा।
प्लॉट की ऑनलाइन बोली के लिए पोर्टल तैयार हो चुका है। जल्द ही इसके माध्यम से डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के प्लॉटों की ऑनलाइन बोली करवाई जाएगी। प्रोजेक्ट का संशोधित एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा था। मगर मुख्यालय ने इसे एचईडब्ल्यू पोर्टल से भिजवाने को कहा है।
- नीरज, निगमायुक्त