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Hisar News: दर्दनाक...ऑक्सीजन प्लांट में सिलिंडर का हिस्सा फटने से कर्मचारी की मौत
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विजेंद्र फाइल फोटो
हिसार। सेक्टर 27-28 में स्थित गुप्ता इंडस्ट्रियल गैस प्राइवेट लिमिटेड में मंगलवार दोपहर ऑक्सीजन प्लांट में सिलिंडर की जांच करते समय उसका अगला हिस्सा प्रेशर के साथ फटकर कर्मचारी के सीने में लगा। गंभीर हालत में जिंदल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान नियाना निवासी विजेंद्र (38) के रूप में हुई। उनके साथ काम कर रहे गांव खरड़ निवासी एक युवक को भी चोटें आईं। देर शाम पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा। फिलहाल शव मोर्चरी में ही रखा है। परिजनों ने कंपनी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मैनेजर पर बच्चों का अपहरण करवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
सदर थाने के जांच अधिकारी नटवर सिंह ने बताया कि विजेंद्र कंपनी में फीटर के पद पर कार्यरत था। करीब 15 दिन पहले ही उसने इस कंपनी में काम शुरू किया था। दोपहर करीब दो बजे जब गैस सिलिंडर भरने के बाद सील लीकेज की जांच कर रहे थे तो सिलिंडर का अगला हिस्सा फट गया, जो उनके सीने पर लगा।
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मृतक के भाई राजेश ने बताया कि विजेंद्र पिछले कुछ दिनों से इस कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने घर पर बताया था कि वह कंपनी मालिक के आदेशानुसार काम करता है। कंपनी में सुरक्षा मानक पूरे नहीं हैं। इसके बावजूद उससे काम कराया जाता है।
तुम काम करो, वरना तेरे बच्चे से कराऊंगा...
राजेश ने आरोप लगाया कि विजेंद्र ने उसे बताया था कि जब उसने कंपनी मालिक को सेफ्टी किट न होने की बात कही तो कहा, तुम काम करो, वरना तुझे व तेरे बच्चों को बांध कर यहां काम कराऊंगा। सुरक्षा मानकों में अनदेखी की वजह से ही उसकी जान गई है। हादसे के बाद विजेंद्र को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि कंपनी के मैनेजर प्रवीण शर्मा ने कहा कि मालिक नहीं आएगा। आपको जो करना है, वो कर लो। नहीं मानोगे तो विजेंद्र की पत्नी व बच्चों का अपहरण कर काम कराऊंगा।
प्राथमिक उपचार की सुविधा भी नहीं थी...
राजेश ने आरोप लगाया कि कंपनी में प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं थी। एबुंलेंस को भी फोन नहीं किया गया। हादसे के बाद पुलिस को भी सूचित नहीं किया गया। घटना के बाद मौके पर किसी तरह की जांच भी नहीं कराई गई। कंपनी के कर्मी ही उसे अपने निजी वाहन में अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को तो उसकी मौत होने बाद जानकारी मिली।
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दोपहर करीब 2 बजे के आसपास यह हादसा हुआ। हादसे के बाद विजेंद्र को तत्काल जिंदल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुरक्षा में चूक का मामला नहीं था। कंपनी में सभी नियमों का पालन किया जाता है।हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी। - प्रवीण शर्मा मैनेजर, गुप्ता इंडस्ट्रीयल गैस ,प्राइवेट लिमिटेड
जीवन बचाने वाली कंपनी ने ली जान..
गुप्ता इंडस्ट्रीयल गैस प्राइवेट लिमिटेड ने कोरोना के समय हजारों लोगों की जान बचाने का काम किया था। इस ऑक्सीजन प्लांट से हिसार के अलावा आसपास के कई जिलों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई थी। यहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। तब प्लांट संचालकों को प्रशासन और सरकार से भरपूर सराहना मिली थी।
-- -18 साल पहले हुई थी शादी
विजेंद्र की करीब 18 शाल पहले शादी हुई थी। उसकी बेटी पायल ने 12वीं पास करने के बाद कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया हुआ है। बेटा प्रवेश 11वीं कक्षा का छात्र है। पत्नी अनिता गृहिणी है और बड़ा भाई राजेश खेतीबाड़ी का काम करता है। अनिता को विजेंद्र की मौत की जानकारी मिली तो वह अचेत हो गई। बच्चों का विलाप देखकर पड़ोसी भी भावुक हो गए।
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कंपनी में सिलिंडर हादसे के कारण कर्मचारी की मौत की जानकारी मिली है। परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। - नटवर सिंह, जांच अधिकारी, सदर थाना
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मृतक की पहचान नियाना निवासी विजेंद्र (38) के रूप में हुई। उनके साथ काम कर रहे गांव खरड़ निवासी एक युवक को भी चोटें आईं। देर शाम पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा। फिलहाल शव मोर्चरी में ही रखा है। परिजनों ने कंपनी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मैनेजर पर बच्चों का अपहरण करवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
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सदर थाने के जांच अधिकारी नटवर सिंह ने बताया कि विजेंद्र कंपनी में फीटर के पद पर कार्यरत था। करीब 15 दिन पहले ही उसने इस कंपनी में काम शुरू किया था। दोपहर करीब दो बजे जब गैस सिलिंडर भरने के बाद सील लीकेज की जांच कर रहे थे तो सिलिंडर का अगला हिस्सा फट गया, जो उनके सीने पर लगा।
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मृतक के भाई राजेश ने बताया कि विजेंद्र पिछले कुछ दिनों से इस कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने घर पर बताया था कि वह कंपनी मालिक के आदेशानुसार काम करता है। कंपनी में सुरक्षा मानक पूरे नहीं हैं। इसके बावजूद उससे काम कराया जाता है।
तुम काम करो, वरना तेरे बच्चे से कराऊंगा...
राजेश ने आरोप लगाया कि विजेंद्र ने उसे बताया था कि जब उसने कंपनी मालिक को सेफ्टी किट न होने की बात कही तो कहा, तुम काम करो, वरना तुझे व तेरे बच्चों को बांध कर यहां काम कराऊंगा। सुरक्षा मानकों में अनदेखी की वजह से ही उसकी जान गई है। हादसे के बाद विजेंद्र को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि कंपनी के मैनेजर प्रवीण शर्मा ने कहा कि मालिक नहीं आएगा। आपको जो करना है, वो कर लो। नहीं मानोगे तो विजेंद्र की पत्नी व बच्चों का अपहरण कर काम कराऊंगा।
प्राथमिक उपचार की सुविधा भी नहीं थी...
राजेश ने आरोप लगाया कि कंपनी में प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं थी। एबुंलेंस को भी फोन नहीं किया गया। हादसे के बाद पुलिस को भी सूचित नहीं किया गया। घटना के बाद मौके पर किसी तरह की जांच भी नहीं कराई गई। कंपनी के कर्मी ही उसे अपने निजी वाहन में अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को तो उसकी मौत होने बाद जानकारी मिली।
दोपहर करीब 2 बजे के आसपास यह हादसा हुआ। हादसे के बाद विजेंद्र को तत्काल जिंदल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुरक्षा में चूक का मामला नहीं था। कंपनी में सभी नियमों का पालन किया जाता है।हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी। - प्रवीण शर्मा मैनेजर, गुप्ता इंडस्ट्रीयल गैस ,प्राइवेट लिमिटेड
जीवन बचाने वाली कंपनी ने ली जान..
गुप्ता इंडस्ट्रीयल गैस प्राइवेट लिमिटेड ने कोरोना के समय हजारों लोगों की जान बचाने का काम किया था। इस ऑक्सीजन प्लांट से हिसार के अलावा आसपास के कई जिलों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई थी। यहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। तब प्लांट संचालकों को प्रशासन और सरकार से भरपूर सराहना मिली थी।
विजेंद्र की करीब 18 शाल पहले शादी हुई थी। उसकी बेटी पायल ने 12वीं पास करने के बाद कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया हुआ है। बेटा प्रवेश 11वीं कक्षा का छात्र है। पत्नी अनिता गृहिणी है और बड़ा भाई राजेश खेतीबाड़ी का काम करता है। अनिता को विजेंद्र की मौत की जानकारी मिली तो वह अचेत हो गई। बच्चों का विलाप देखकर पड़ोसी भी भावुक हो गए।
कंपनी में सिलिंडर हादसे के कारण कर्मचारी की मौत की जानकारी मिली है। परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। - नटवर सिंह, जांच अधिकारी, सदर थाना