{"_id":"6a9dc05d3840c31c0e0ec63b","slug":"outrage-over-failure-to-implement-written-assurances-warning-of-a-nationwide-struggle-starting-november-26-hisar-news-c-21-hsr1005-946034-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: लिखित आश्वासनों को लागू न करने पर रोष, 26 नवंबर से देशव्यापी संघर्ष की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: लिखित आश्वासनों को लागू न करने पर रोष, 26 नवंबर से देशव्यापी संघर्ष की चेतावनी
Mon, 07 Sep 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
सांसद जयप्रकाश को ज्ञापन सौंपत संयुक्त किसान मोर्चा हिसार के सदस्य। स्रोत : संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य किसानों-मजदूरों ने रविवार को सांसद और मंत्री रणबीर गंगवा, हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार को प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। मोर्चा नेताओं ने 9 दिसंबर 2021 के लिखित आश्वासनों को लागू नहीं करने को किसानों के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 नवंबर से देशव्यापी किसान संघर्ष फिर शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत की दर से कानूनी एमएसपी और खरीद की गारंटी, किसानों-मजदूरों की कर्जमाफी तथा 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने, श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा में काम व दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने बिजली के निजीकरण और बीज विधेयक को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने तथा भूमि अधिकारों की रक्षा की मांग की। एफसीआई को मजबूत करने, अडानी-लीप इंडिया के अधिकार समाप्त करने, उर्वरक व डीजल की कालाबाजारी रोकने और प्रभावी फसल बीमा व राहत व्यवस्था की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
विज्ञापन
किसानों-मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन, लोकतांत्रिक अधिकारों पर दमन रोकने और धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति समाप्त करने की मांग की गई। संयुक्त किसान मोर्चा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करेगा।
इस अवसर पर शमशेर सिंह नंबरदार, सरदानंद राजली, राजीव मलिक, ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी, अनिल बैंदा, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र मान और देवेंद्र सिंह लौरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ज्ञापन में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत की दर से कानूनी एमएसपी और खरीद की गारंटी, किसानों-मजदूरों की कर्जमाफी तथा 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने, श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा में काम व दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
विज्ञापन
किसानों ने बिजली के निजीकरण और बीज विधेयक को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने तथा भूमि अधिकारों की रक्षा की मांग की। एफसीआई को मजबूत करने, अडानी-लीप इंडिया के अधिकार समाप्त करने, उर्वरक व डीजल की कालाबाजारी रोकने और प्रभावी फसल बीमा व राहत व्यवस्था की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
विज्ञापन
किसानों-मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन, लोकतांत्रिक अधिकारों पर दमन रोकने और धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति समाप्त करने की मांग की गई। संयुक्त किसान मोर्चा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करेगा।
इस अवसर पर शमशेर सिंह नंबरदार, सरदानंद राजली, राजीव मलिक, ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी, अनिल बैंदा, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र मान और देवेंद्र सिंह लौरा आदि मौजूद रहे।