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Hisar News: आठ दवा खिड़कियों पर तीन फार्मेसी ऑफिसर, ट्रेनी और नर्सिंग स्टाफ के सहारे काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:44 AM IST
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Operations at the eight medicine counters are being managed with the help of three pharmacy officers, trainees, and nursing staff.
दवा ​खिड़की
हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में आठ दवा खिड़कियों को संचालित करने के लिए केवल तीन फार्मेसी ऑफिसर उपलब्ध हैं। फार्मासिस्टों की कमी के चलते अन्य खिड़कियों पर ट्रेनी विद्यार्थियों, नर्सिंग ऑफिसर और दूसरे स्टाफ की मदद से काम चलाया जा रहा है।
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इससे फार्मेसी ऑफिसरों पर मरीजों को दवा देने के साथ दवा प्रबंधन का अतिरिक्त दबाव है और मरीजों को भी लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। हिसार-हांसी जिले में फार्मेसी ऑफिसर के 72 पदों में से 45 भरे हैं और 27 खाली हैं। प्रदेश में 1085 स्वीकृत पदों में करीब 600 पर ही फार्मासिस्ट कार्यरत हैं।
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जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल रिकॉर्ड में 300 बेड का है। नियम के अनुसार यहां फार्मेसी ऑफिसर के 16 पद होने चाहिए, लेकिन अब भी 200 बेड के अस्पताल के हिसाब से 10 पद स्वीकृत हैं। इनमें भी केवल चार फार्मेसी ऑफिसर कार्यरत बताए जा रहे हैं। अस्पताल के दो दवा काउंटर पर आठ खिड़कियां हैं और प्रत्येक पर एक फार्मासिस्ट होना चाहिए।
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फार्मेसी ऑफिसर को मरीज के पर्चे के अनुसार दवा देने के साथ उसका सेवन करने का तरीका समझाना, दवाओं का रिकॉर्ड रखना, नई दवाओं की खरीद के लिए ऑर्डर करना, खपत का ब्योरा तैयार करना, एक्सपायरी दवाओं को अलग करना, पोर्टल पर दवाओं का ब्योरा दर्ज करना और 644 तरह की दवाओं में जरूरत के अनुसार नई दवाओं की मांग भेजने का काम भी करना होता है।
जन औषधि केंद्र में भी दवाओं का टोटा
प्रदेश सरकार ने मरीजों के लिए अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खोला है। यहां भी दवाओं की कमी रहती है और मरीजों को कई बार बिना दवा लौटना पड़ता है। दवाओं की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। केंद्र पर सामान्य दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं मिलती हैं।

दवा को लेकर यह सावधानी बेहद जरूरी
ऑनलाइन दवा ढूंढकर या यू-ट्यूब देखकर कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
चिकित्सक की जांच के बाद उनके निर्देशानुसार निर्धारित मात्रा में ही दवा लें।
दवा खरीदते समय हमेशा एक्सपायरी डेट जांचें।
दवा खरीदते समय बिल जरूर लें। ऑनलाइन मंगवाई गई दवा का उपयोग करने से बचें।
दवा से रिएक्शन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
किसी अन्य व्यक्ति के लिए निर्धारित दवा न खुद लें और न अपनी दवा किसी और को दें।
चिकित्सक की ओर से दी गई दवा का पूरा कोर्स करें और बीच में दवा न छोड़ें।
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फार्मेसी ऑफिसर के प्रदेश भर में करीब 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों और स्वास्थ्य केंद्रों के हिसाब से नए पद सृजित करने की जरूरत है। हमें जिला मुख्यालय पर भी पदों की कमी से जूझना पड़ रहा है। ट्रेनी और नर्सिंग स्टाफ की मदद से काम चला रहे हैं। इस बारे में सीएमओ को कई बार पत्र लिख चुके हैं।
- डॉ. विनोद दलाल, चीफ फार्मेसी ऑफिसर, हिसार
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