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अब अनपढ़ नहीं चला सकेंगे गांव की सरकार
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2015 01:32 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अनपढ़ों के जनप्रतिनिधि चुने जाने के प्लान पर ब्रेक लगा दिया है। पिछली बार पंचायत निकाय चुनाव में 4248 पदों पर चुने गए जनप्रतिनिधि में से 2883 विजेता इस बार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
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वर्ष 2010 पंचायत चुनाव में पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य के लिए 4248 विजेता जीतकर जनप्रतिनिधि बने थे। इसमें 2883 जनप्रतिनिधि दसवीं से कम पढे़ लिखे थे।
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1381 तो पूरी तरह से निरक्षर थे। प्रदेश सरकार की ओर से तय की गई शर्तों में से सबसे अधिक लोग शिक्षा के कारण अयोग्य हो जाएंगे।
वर्तमान में पंचायत चुनाव के लिए फाइनल मतदाता सूची में हिसार जिले की करीब 8 लाख 45 हजार 50 मतदाता हैं।
अगर याचिकाकर्ताओं के आंकड़ों को माना जाए तो इसमें करीब 67 प्रतिशत मतदाता चुनाव लड़ने से बाहर हो जाएंगे। इसमें करीब 5 लाख 66 हजार 150 मतदाता इस बार चुनाव के लिए आवेदन ही नहीं कर पाएंगे।
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इसमें सबसे अधिक लोग आठवीं व दसवीं की अनिवार्यता के कारण आवेदन नहीं कर पाएंगे।
डेढ़ लाख पूरी तरह से निरक्षर
साक्षर भारत योजना के तहत वर्ष 2012 में सर्वे किया गया था। इसमें हिसार जिले में करीब 17 लाख की आबादी में डेढ़ लाख से अधिक लोग पूरी तरह से निरक्षर हैं।
यह सभी वयस्क मतदाता हैं, जिनकी आयु 15 से 80 साल के बीच है। इस योजना में अगर साक्षर हुए लोग भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव के लिए आठवीं व दसवीं की मार्कशीट जरूरी है।
इतना है बकाया
बिजली निगम के हिसार जिले में एक लाख 17 हजार डिफॉल्टर हैं, जिस पर बिजली निगम का करीब 505 करोड़ रुपये बकाया है।
बिजली निगम डिफॉल्टरों में सबसे लंबी सूची बरवाला सब डिविजन की है। इसके बाद नारनौंद सब डिविजन के गांवों में भी करीब 15353 डिफॉल्टर हैं।
बिना शौचालय वाले 35 हजार
स्वच्छ भारत अभियान के तहत पिछले साल सर्वे किया गया था। इसके अनुसार जिले में करीब 35 हजार मकानों में टॉयलेट नहीं है।
ऐसे आवदेक भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आवेदक को इस बारे में शपथ पत्र देना होगा, जिसमें वह बताएगा कि उसके घर में टॉयलेट है।
बैंकों के 84108 डिफॉल्टर
जिले में सहकारी बैंकों के डिफॉल्टरों की संख्या भी 84108 के पार है। चुनाव लड़ने से पहले बैंक का कर्ज चुकाना अनिवार्य है।
इसके लिए आवेदकों को बैंक की ओर से एनओसी लेनी होगी। एनओसी के बाद ही आवेदन को स्वीकार किया जाएगा।
पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगा था ब्रेक
हिसार जिले में पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नामांकन के आखिरी दो दिनों में सभी आवेदकों के आवेदन स्वीकार किए गए थे।
जिले में 9 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें पहले चरण में हिसार प्रथम, हिसार द्वितीय तथा नारनौंद खंड के लिए आवेदन लिए गए थे। 15 से 19 सितंबर तक नामांकन लिए गए थे।