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Hisar News: अमृत टू योजना के बजट के लिए अधिकारी दो माह और करेंगे इंतजार
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हिसार। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अमृत टू योजना के बजट के लिए दो माह और इंतजार करेंगे। अगर बजट को लेकर केंद्र से मंजूरी नहीं मिलती है तो राज्य सरकार से ही पूरे बजट की मांग की जाएगी। अमृत टू योजना के तहत शहर में सीवर कार्यों के लिए करीब 236 करोड़ रुपये व पेयजल कार्यों के लिए करीब 198 करोड़ रुपये मंंजूर किए हैं। इसके अंतर्गत शहर की 40 साल पुरानी सीवर व पेयजल लाइन को बदला जाएगा।
बता दें कि बता दें कि केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए डीपीआर तैयार की गई थी। डीपीआर में सीवर के कार्यों को लेकर करीब 260 करोड़ रुपये व पेयजल के लिए करीब 237 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। हालांकि पिछले वर्ष अगस्त में हुई राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी ने शहर में सीवर कार्यों के लिए करीब 236 करोड़ रुपये व पेयजल कार्यों के लिए करीब 198 करोड़ रुपये मंंजूर किए। मगर इसके बाद से इस एस्टीमेट को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिली है, क्योंंकि इस प्रोजेक्ट पर आने वाले कुल खर्च का कुछ हिस्सा केंद्र सरकार को ही वहन करना है।
101 किलोमीटर की नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी
अधिकारियों की तरफ से तैयार की गई डीपीआर के मुताबिक शहर में करीब 101 किलोमीटर की नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस दौरान करीब 40 साल पुरानी सीवर लाइनों को बदला जाएगा। साथ ही अभी हाल में वैध हुई कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। शहर में दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इसमें एक 25 एमएलटी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ऋषि नगर व दूसरा 10 एमएलडी का प्लांट कैमरी रोड पर बनाया जाएगा। 6 डिस्पोजल भी बनाए जाएंगे। ये डिस्पोजल जहाजपुल, नवदीप कॉलोनी, सेक्टर 9-11 के पास व वैध हुई कॉलोनियों में बनाए जाएंगे। इसके अलावा 13 किलोमीटर की ईंटों की बनी सीवर लाइन की सीआईपीपी तकनीक की मदद से मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा।
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पेयजल की 370 किलोमीटर की लाइन बिछेगी
पेयजल कार्यों के अंतर्गत करीब 370 किलोमीटर की नई पेयजल लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित है। इसमें अभी वैध हुई कॉलोनियों में 46 किलोमीटर की लाइन, पुरानी लाइनों की जगह 150 किलोमीटर की लाइन व जलघर से बूस्टिंग स्टेशनों तक करीब 174 किलोमीटर की लाइन बिछाई जाएगी। तीन नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इनमें 18 एमएलडी का प्लांट महाबीर कॉलोनी, 10 एमएलडी का प्लांट सातरोड व 10 एमएलडी का प्लांट आजाद नगर में बनाया जाएगा। शहर में 10 बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
अग्रसेन कॉलोनी, राठी कॉलोनी, रामपुरा मोहल्ला, आनंद कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, सातरोड, काली माता मंदिर व विश्वासपुरम कॉलोनी में एक-एक और आजाद नगर में दो बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक स्टारेज टैंक स्काडा जलघर, एक आजाद नगर व दो सातरोड में बनाए जाएंगे। साथ ही महाबीर कॉलोनी के दो स्टोरेज टैंक की मरम्मत की जाएगी। अमृत टू के तहत पेयजल 42600 कनेक्शन किए जाएंगे।
अभी अमृत टू योजना के बजट को केंद्र की मंजूरी नहीं मिली है। हम डेढ़ से दो माह और इंतजार करेंगे। अगर केंद्र से मंजूरी नहीं मिलती है तो जनस्वास्थ्य मंत्री की मदद से पूरा बजट राज्य सरकार से ही लेने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द शहर में पेयजल व सीवर लाइन का कार्य शुरू करवाया जा सके। - आरके शर्मा, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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बता दें कि बता दें कि केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए डीपीआर तैयार की गई थी। डीपीआर में सीवर के कार्यों को लेकर करीब 260 करोड़ रुपये व पेयजल के लिए करीब 237 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। हालांकि पिछले वर्ष अगस्त में हुई राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी ने शहर में सीवर कार्यों के लिए करीब 236 करोड़ रुपये व पेयजल कार्यों के लिए करीब 198 करोड़ रुपये मंंजूर किए। मगर इसके बाद से इस एस्टीमेट को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिली है, क्योंंकि इस प्रोजेक्ट पर आने वाले कुल खर्च का कुछ हिस्सा केंद्र सरकार को ही वहन करना है।
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101 किलोमीटर की नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी
अधिकारियों की तरफ से तैयार की गई डीपीआर के मुताबिक शहर में करीब 101 किलोमीटर की नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस दौरान करीब 40 साल पुरानी सीवर लाइनों को बदला जाएगा। साथ ही अभी हाल में वैध हुई कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। शहर में दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इसमें एक 25 एमएलटी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ऋषि नगर व दूसरा 10 एमएलडी का प्लांट कैमरी रोड पर बनाया जाएगा। 6 डिस्पोजल भी बनाए जाएंगे। ये डिस्पोजल जहाजपुल, नवदीप कॉलोनी, सेक्टर 9-11 के पास व वैध हुई कॉलोनियों में बनाए जाएंगे। इसके अलावा 13 किलोमीटर की ईंटों की बनी सीवर लाइन की सीआईपीपी तकनीक की मदद से मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा।
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पेयजल की 370 किलोमीटर की लाइन बिछेगी
पेयजल कार्यों के अंतर्गत करीब 370 किलोमीटर की नई पेयजल लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित है। इसमें अभी वैध हुई कॉलोनियों में 46 किलोमीटर की लाइन, पुरानी लाइनों की जगह 150 किलोमीटर की लाइन व जलघर से बूस्टिंग स्टेशनों तक करीब 174 किलोमीटर की लाइन बिछाई जाएगी। तीन नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इनमें 18 एमएलडी का प्लांट महाबीर कॉलोनी, 10 एमएलडी का प्लांट सातरोड व 10 एमएलडी का प्लांट आजाद नगर में बनाया जाएगा। शहर में 10 बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
अग्रसेन कॉलोनी, राठी कॉलोनी, रामपुरा मोहल्ला, आनंद कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, सातरोड, काली माता मंदिर व विश्वासपुरम कॉलोनी में एक-एक और आजाद नगर में दो बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक स्टारेज टैंक स्काडा जलघर, एक आजाद नगर व दो सातरोड में बनाए जाएंगे। साथ ही महाबीर कॉलोनी के दो स्टोरेज टैंक की मरम्मत की जाएगी। अमृत टू के तहत पेयजल 42600 कनेक्शन किए जाएंगे।
अभी अमृत टू योजना के बजट को केंद्र की मंजूरी नहीं मिली है। हम डेढ़ से दो माह और इंतजार करेंगे। अगर केंद्र से मंजूरी नहीं मिलती है तो जनस्वास्थ्य मंत्री की मदद से पूरा बजट राज्य सरकार से ही लेने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द शहर में पेयजल व सीवर लाइन का कार्य शुरू करवाया जा सके। - आरके शर्मा, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग।