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Hisar News: अधिकारियों ने नहीं दिखाई मुख्यमंत्री घोषणा में रूचि, 4.77 करोड़ का प्रोजेक्ट अब 6 करोड़ रुपये में बनेगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2022 04:30 AM IST
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Officers did not show interest in Chief Minister's announcement, now 6 crores will be spent on the road built in 4.77 crores
हिसार। अधिकारियों के रुचि न दिखाने के कारण मुख्यमंत्री घोषणा के तहत शहर की महावीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक बनने वाली रोड की लागत बढ़ गई है। पहले इस रोड को करीब 4.77 करोड़ रुपये (सिविल वर्क कॉस्ट) में बनकर तैयार होना था, अब करीब 6 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने इस रोड के निर्माण की घोषणा की थी। यही नहीं बीएंडआर के अधिकारियों ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर भी अलॉट कर दिया था, मगर वन विभाग से एनओसी नहीं ले सका।
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अब 6 साल बाद बीएंडआर ने वन विभाग को पेड़ लगाने के लिए चरखी दादरी में जमीन उपलब्ध करवाई है। हालांकि अभी भी विभाग से एनओसी नहीं मिली है। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि वह अगले साल मार्च तक रोड निर्माण का टेंडर अलॉट कर देंगे। बता दें कि अगर किसी प्रोजेक्ट की एवज में पेड़ काटे जाते हैं तो बदले में वन विभाग को जमीन उपलब्ध करवाई जाती है, जहां वह काटे गए पेड़ों की संख्या के हिसाब से नए पेड़ लगाता है। चूंकि इस मामले में भी ऐसा कुछ ही था। यह रोड मेजर ड्रिस्ट्रीब्यूटरी के साथ बनाया जाना है। जिस जमीन पर रोड बनाया जाना है, वहां 2.136 एकड़ जमीन पर वन क्षेत्र है। रोड बनने से इन पेड़ों का कुल्हाड़ी चलना तय है तो वन विभाग ने बीएंडआर से इतनी ही जमीन मांगी। 6 साल में अधिकारी वन विभाग को चरखी दादरी में 1.85 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा सके। इसी माह बीएंडआर ने जमीन का मालिकाना हक वन विभाग को सौंपा है।
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7 मीटर होगी रोड की चौड़ाई, 585 पेड़ कटेंगे
इस रोड की चौड़ाई 7 मीटर व लंबाई करीब 1800 मीटर होगी। हालांकि इसके लिए बीएंडआर वन विभाग से 9.75 मीटर ली है। इस जमीन पर करीब 585 पेड़ लगे हुए हैं, जिन पर कुल्हाड़ी चलेगी। हालांकि पहले वन विभाग ने 11 मीटर के हिसाब से केस बना दिया था। उस स्थिति में कटने वाले पेड़ों की संख्या भी बढ़ गई थी, मगर बाद ने बीएंडआर ने वन विभाग से 9.75 मीटर के हिसाब से केस तैयार करने को कहा।
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लागत बढ़ने पर इस प्रक्रिया से गुजरना होगा
अधिकारियों की मानें तो अगर प्रोजेक्ट की लागत 10 प्रतिशत तक बढ़ती है तो एसीएस की मंजूरी लेनी पड़ती है। अगर 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होती है तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी इस पर मंजूरी देती है। इससे ऊपर लागत बढ़ने पर मुख्यमंत्री की मंजूरी की आवश्यकता पड़ती है।
इन कॉलोनियों को होगा फायदा
इस रोड के बनने से महावीर कॉलोनी, सेक्टर 1-4, सूर्य नगर, शिव कॉलोनी के लोगों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा इस रोड के निर्माण से दिल्ली रोड से भी वाहनों का बोझ कम होगा।
पुराना एस्टीमेट 6 साल पुराना है। अब नए एचएसआर रेट आ गए हैं। इसके अलावा निर्माण सामग्री के रेट भी बढ़ गए हैं। ऐसे में इसकी लागत से 25-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

- सचिन भाटी, एक्सईएन, बीएंडआर
पहले तारकोल के रेट 32 हजार रुपये प्रति टन थे, जो अब बढ़कर 50 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए है। इसके अलावा अन्य निर्माण सामग्री के रेट भी बढ़े हैं। इस हिसाब से प्रोजेक्ट की लागत कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। - सहदेव, ठेकेदार
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