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Hisar News: अब जलभराव हुआ तो जेई जिम्मेदार...

Thu, 06 Aug 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 06 Aug 2026 01:21 AM IST
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Now, the JE will be held responsible if waterlogging occurs...
हांसी पानी की निकासी के बाद एसडी कॉलेज रोड का दृश्य। प्रशासन
हांसी। बारिश के बाद मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने दावों की पोल खोल दी। हालांकि बुधवार को शहर के कई क्षेत्रों से पानी की निकासी नहीं हो पाई। प्रशासन ने भविष्य में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
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उपायुक्त राहुल नरवाल ने उपायुक्त आवास मार्ग और आसपास के क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था की निगरानी के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) की विशेष ड्यूटी लगा दी है। उन्होंने दाे टूक कहा कि कहीं भी जलभराव होने और लापरवाही पाए जाने पर जेई जिम्मेदार होगा। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को शहर में जगह-जगह जलभराव के बावजूद पर प्रशासन का दावा है कि करीब 20 एमएम बारिश के बावजूद जिन क्षेत्रों में पहले बरसाती पानी निकलने में तीन से चार दिन लग जाते थे वहां इस बार चार से छह घंटे के भीतर पानी की निकासी कर दी गई।
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उपायुक्त ने कहा कि मानसून से पहले नगर परिषद, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और अन्य संबंधित विभागों को नालों, सीवरेज लाइनों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने एसडी महिला महाविद्यालय मार्ग को लेकर कहा कि खरड़ चुंगी स्थित स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल केंद्र पर हाल ही में लगाई गई 110 हॉर्स पावर की नई मोटर ने पानी निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपायुक्त ने बताया कि शहर की मुख्य सीवर लाइनों की सफाई के लिए सुपर सक्कर और बकेट मशीनों का भी लगातार उपयोग किया गया जिससे जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रही। पानी की निकासी के लिए 8 डिस्पोजल व तीन एसटीपी हैं। इसमें मुख्य खरड़ चुंगी स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल है, जहां से शहर के सबसे अधिक हिस्से की बरसाती पानी की निकासी होती है। समाधा रोड पंपिंग स्टेशन पर सीवर लाइन के पानी की निकासी होती है। इससे लालपुरा रोड स्थित दो एसटीपी पर पानी जाता है।
उपायुक्त आवास पर विशेष निगरानी के निर्देश:
उपायुक्त आवास मार्ग पर लंबे समय से जलभराव की समस्या है। हल्की बारिश के साथ ही यहां जलभराव हो जाता है व साथ ही सीवर लाइन ओवरफ्लो की समस्या रहती है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी जिला प्रशासन की किरकिरी हो चुकी है। अब उपायुक्त ने विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए जेई को बारिश के दौरान स्वयं मौके पर उपस्थित रहने और जल निकासी कार्य की निगरानी के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जलभराव की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

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जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल बारिश के दौरान राहत पहुंचाना नही बल्कि शहरवासियों को बेहतर और सुरक्षित शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- राहुल नरवाल, उपायुक्त।
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