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अब सेटेलाइट सिस्टम से माप
तोशाम (भिवानी)/ब्यूरो।
Updated Fri, 27 Dec 2013 10:51 PM IST
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हरियाणा के भिवानी में डाडम पहाड़ में एरिया को लेकर वन विभाग और खनन विभाग के बीच रस्साकशी जारी है। शुक्रवार को चंडीगढ़ के आला अधिकारियों ने डाडम पहाड़ी का मुआयना किया।
अब सेटेलाइट सिस्टम से वन एरिया का मापतोल किया जा रहा है। अब तक दोनों विभागों का विवाद खत्म नहीं हुआ है जबकि वहीं बोली के लिए निर्धारित समय के दो दिन शेष रह गए हैं।
करीब चार साल से बंद खनन पर रोक हटने के बाद खनन विभाग ने माईनिंग कराने की तैयारी की है। खनन विभाग के नोटिफिकेशन के तहत जिले में खनन के लिए पहाड़ों की बोली 30 दिसंबर को लगाई जाएगी।
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शुरुआती चरण में 316 हेक्टेयर में खनन शुरू करने की योजना है। इसमें डाडम की पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा शामिल है लेकिन डाडम पहाड़ पर वीरवार पांच दिसंबर को विवाद तब सामने आया जब डीसी समेत जिले के अन्य अधिकारी और वन विभाग अफसर चंडीगढ़ से पहाड़ पर पहुंचे।
नोटिफिकेशन में खनन के लिए डाडम पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा अधिकृत किया गया है। नोटिफिकेशन के बाद दोनों विभाग के अधिकारी अपने-अपने हिस्से को लेकर सक्रिय हो गए।
वन विभाग ने डाडम पहाड़ी में खनन विभाग का 32 हेक्टेयर बताया और अपना हिस्सा 47 हेक्टेयर बताया। पांच दिसंबर को डीसी समेत अनेक अधिकारियों ने यहां का मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया था।
इसके बाद शुक्रवार 6-7 दिसंबर को भी वन विभाग व खनन विभाग की टीम विवाद को निपटाने के लिए दिनभर पहाड़ी में पत्थरों को नापते रहे। इसी दौरान डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई।
दोनों विभागों में तीन-तीन दौर की मीटिंग होने के बावजूद मामला ज्यों का त्यों बना रहा। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह, माईनिंग इंजीनियर पीके शर्मा, चंडीगढ से कंजरवेटर डी हेंब्रम व विनोद झाझडिया के अलावा एसडीम अजय चोपड़ा, जिला खनन अधिकारी राजेंद्र यादव, डीएफओ आरके भाटिया, बीडीपीओ सीताराम अधिकारी डाडम पहुंचे और देर शाम तक पहाड़ के नापतोल में लगे रहे।
शुक्रवार को एक बार फिर चंडीगढ़ के आला अधिकारी डाडम पहाड़ी पहुंचे। चंडीगढ़ से पहुंचे अतिरिक्त पीसीसीएफ आरके सपरा ने पहाड़ी का मुआयना किया।
जिला वन अधिकारी आरके भाटिया का कहना है कि अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। सेटेलाइट सिस्टम से एरिया का मापतोल किया जा रहा है। फैसला उच्च अधिकारियों को ही करना है।
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अब सेटेलाइट सिस्टम से वन एरिया का मापतोल किया जा रहा है। अब तक दोनों विभागों का विवाद खत्म नहीं हुआ है जबकि वहीं बोली के लिए निर्धारित समय के दो दिन शेष रह गए हैं।
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करीब चार साल से बंद खनन पर रोक हटने के बाद खनन विभाग ने माईनिंग कराने की तैयारी की है। खनन विभाग के नोटिफिकेशन के तहत जिले में खनन के लिए पहाड़ों की बोली 30 दिसंबर को लगाई जाएगी।
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शुरुआती चरण में 316 हेक्टेयर में खनन शुरू करने की योजना है। इसमें डाडम की पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा शामिल है लेकिन डाडम पहाड़ पर वीरवार पांच दिसंबर को विवाद तब सामने आया जब डीसी समेत जिले के अन्य अधिकारी और वन विभाग अफसर चंडीगढ़ से पहाड़ पर पहुंचे।
नोटिफिकेशन में खनन के लिए डाडम पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा अधिकृत किया गया है। नोटिफिकेशन के बाद दोनों विभाग के अधिकारी अपने-अपने हिस्से को लेकर सक्रिय हो गए।
वन विभाग ने डाडम पहाड़ी में खनन विभाग का 32 हेक्टेयर बताया और अपना हिस्सा 47 हेक्टेयर बताया। पांच दिसंबर को डीसी समेत अनेक अधिकारियों ने यहां का मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया था।
इसके बाद शुक्रवार 6-7 दिसंबर को भी वन विभाग व खनन विभाग की टीम विवाद को निपटाने के लिए दिनभर पहाड़ी में पत्थरों को नापते रहे। इसी दौरान डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई।
दोनों विभागों में तीन-तीन दौर की मीटिंग होने के बावजूद मामला ज्यों का त्यों बना रहा। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह, माईनिंग इंजीनियर पीके शर्मा, चंडीगढ से कंजरवेटर डी हेंब्रम व विनोद झाझडिया के अलावा एसडीम अजय चोपड़ा, जिला खनन अधिकारी राजेंद्र यादव, डीएफओ आरके भाटिया, बीडीपीओ सीताराम अधिकारी डाडम पहुंचे और देर शाम तक पहाड़ के नापतोल में लगे रहे।
शुक्रवार को एक बार फिर चंडीगढ़ के आला अधिकारी डाडम पहाड़ी पहुंचे। चंडीगढ़ से पहुंचे अतिरिक्त पीसीसीएफ आरके सपरा ने पहाड़ी का मुआयना किया।
जिला वन अधिकारी आरके भाटिया का कहना है कि अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। सेटेलाइट सिस्टम से एरिया का मापतोल किया जा रहा है। फैसला उच्च अधिकारियों को ही करना है।