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किसान और सरकार के बीच नहीं बनी सहमति, 10 नामजद समेत 700-800 लोगों पर किया केस दर्ज
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हिसार। खेदड़ थर्मल प्लांट की राख को लेकर शुक्रवार को किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव में मारे गए 56 वर्षीय धर्मपाल सहारण के शव उठाने को लेकर शनिवार को किसानों और प्रशासन के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। खेदड़ गांव में आयोजित शोकसभा में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यहां की जो लोकल कमेटी है वह जो निर्णय लेगी वे उसके साथ हैं। वहीं बरवाला थाना पुलिस ने 10 नामजद समेत 700-800 लोगों पर हत्या, हत्या प्रयास, सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
एसपी और दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वापस लौटे
गांव खेदड़ में गोशाला के पास शनिवार सुबह शोक सभा का आयोजन किया है। काफी तादात में पुरुष, महिलाएं और युवा वहां पर पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कौथ, कुलदीप खरड़, सरदानंद राजली, अमरजीत सिंह, शमशेर सिंह आदि पहुंचे थे। शोक सभा के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। आंदोलनकारी अपने हक की आवाज उठा रहे है। उन पर लाठीचार्ज करना निदंनीय है। नेताओं ने कहा कि यहां की जो कमेटी फैसला लेगी हम उनके साथ है। दोपहर बाद पुलिस प्रशासन की तरफ से जींद एसपी नरेंद्र, गुरुग्राम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कादयान और हिसार की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ धरनारत किसानों से बातचीत करने पहुंचे लेकिन कोई बात नहीं बन पाई। आंदोलनकारी पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों को छोड़ने की बात पर अड़े रहे।
पोस्टमार्टम के बाद नहीं उठाया शव
किसान और पुलिस के बीच हुए टकराव के दौरान किसान धर्मपाल की मौत के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा ले जाया गया। शनिवार सुबह मृतक के परिजन और कमेटी के सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहीं गांव में आयोजित शोक सभा पहुंचे किसान नेताओं ने प्रशासन के सामने मांग रखी की शव का बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी करवाई जाए। इसके अलावा परिवार का एक सदस्य भी पोस्टमार्टम के दौरान अंदर मौजूद हो। दोपहर बाद तक इस पर कोई सहमति नहीं बनी थी। दोपहर बाद सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। वहां पर मौजूद बरवाला एसडीएम और डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने ग्रामीणों ने कहा कि यहीं पर बात कर लो। ग्रामीण और मृतक के परिजनों ने कहा कि धरनास्थल पर बातचीत की जाएगी। यह कहते हुए वे शवगृह के बाहर से बिना शव को लिए धरना स्थल के लिए निकल पड़े।
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सत्ता क्या हाथ लगी तानाशाह बन गए
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत का कहना है कि 87 दिन से किसान अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे है। उनकी जायज मांग है। प्लांट से जो राख निकलती है उसे गोशाला चला रहे है। सरकार तानाशाही हो रही है। जबकि बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है। जो लाठी के दम पर सरकार चलाएगा उसका विरोध होगा। सत्ता क्या हाथ में आ गई तानाशाह बन गए। आगे की रणनीति क्या रहेगी इस पर यहां की जो कमेटी फैसला लेगी वह उनके साथ है।
10 नामजद समेत 700-800 पर केस
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि खेदड़ में शुक्रवार को हुए घटनाक्रम में 10 नामजद समेत 700-800 लोगों पर हत्या, हत्या प्रयास, उकसाने, षड्यंत्र रचने, मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है। बरवाला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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एसपी और दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वापस लौटे
गांव खेदड़ में गोशाला के पास शनिवार सुबह शोक सभा का आयोजन किया है। काफी तादात में पुरुष, महिलाएं और युवा वहां पर पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कौथ, कुलदीप खरड़, सरदानंद राजली, अमरजीत सिंह, शमशेर सिंह आदि पहुंचे थे। शोक सभा के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। आंदोलनकारी अपने हक की आवाज उठा रहे है। उन पर लाठीचार्ज करना निदंनीय है। नेताओं ने कहा कि यहां की जो कमेटी फैसला लेगी हम उनके साथ है। दोपहर बाद पुलिस प्रशासन की तरफ से जींद एसपी नरेंद्र, गुरुग्राम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कादयान और हिसार की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ धरनारत किसानों से बातचीत करने पहुंचे लेकिन कोई बात नहीं बन पाई। आंदोलनकारी पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों को छोड़ने की बात पर अड़े रहे।
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पोस्टमार्टम के बाद नहीं उठाया शव
किसान और पुलिस के बीच हुए टकराव के दौरान किसान धर्मपाल की मौत के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा ले जाया गया। शनिवार सुबह मृतक के परिजन और कमेटी के सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहीं गांव में आयोजित शोक सभा पहुंचे किसान नेताओं ने प्रशासन के सामने मांग रखी की शव का बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी करवाई जाए। इसके अलावा परिवार का एक सदस्य भी पोस्टमार्टम के दौरान अंदर मौजूद हो। दोपहर बाद तक इस पर कोई सहमति नहीं बनी थी। दोपहर बाद सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। वहां पर मौजूद बरवाला एसडीएम और डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने ग्रामीणों ने कहा कि यहीं पर बात कर लो। ग्रामीण और मृतक के परिजनों ने कहा कि धरनास्थल पर बातचीत की जाएगी। यह कहते हुए वे शवगृह के बाहर से बिना शव को लिए धरना स्थल के लिए निकल पड़े।
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सत्ता क्या हाथ लगी तानाशाह बन गए
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत का कहना है कि 87 दिन से किसान अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे है। उनकी जायज मांग है। प्लांट से जो राख निकलती है उसे गोशाला चला रहे है। सरकार तानाशाही हो रही है। जबकि बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है। जो लाठी के दम पर सरकार चलाएगा उसका विरोध होगा। सत्ता क्या हाथ में आ गई तानाशाह बन गए। आगे की रणनीति क्या रहेगी इस पर यहां की जो कमेटी फैसला लेगी वह उनके साथ है।
10 नामजद समेत 700-800 पर केस
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि खेदड़ में शुक्रवार को हुए घटनाक्रम में 10 नामजद समेत 700-800 लोगों पर हत्या, हत्या प्रयास, उकसाने, षड्यंत्र रचने, मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है। बरवाला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।