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रेलू राम हत्याकांड: भतीजे जितेंद्र ने चिट्ठी लिख लगाई न्याय की गुहार, कहा- सोनिया-संजीव से परिवार को खतरा

Wed, 10 Dec 2025 10:39 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, हिसार
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार Published by: शाहिल शर्मा Updated Wed, 10 Dec 2025 10:39 PM IST
सार

पूर्व विधायक रेलू राम के भतीजे ने दोषी सोनिया और संजीव की रिहाई से परिवार को जान का खतरा बताया। अगस्त 2001 में हरियाणा में जघन्य हत्याकांड हुआ था। इस मामले में बरवाला से विधायक रहे रेलू राम पूनिया सहित 8 लोगों की हत्या की गई थी।

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Nephew Jitendra wrote a letter and appealed for justice Relu Ram Poonia murder case
रेलू राम पूनिया की बेटी सोनिया और दामाद संजीव कुमार - फोटो : संवाद

विस्तार

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पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया हत्याकांड के दोषी सोनिया और संजीव कुमार की समय से पूर्व रिहाई की याचिका मंजूर होने पर इस केस से जुड़े परिवार के सदस्य भयभीत हैं। इसी कड़ी में रेलू राम के भतीजे जितेंद्र ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। जितेंद्र पूनिया ने पत्र में लिखा है कि संजीव और सोनिया के जेल से बाहर आए तो उनकी हत्या करा सकते हैं।

जितेंद्र पूनिया परिवार संग मिले एडवोकेट से 

बुधवार को जितेंद्र पूनिया अपने परिजनों के साथ हिसार बार परिसर में एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल से मिले। इन लोगों ने इस बारे में सभी कानूनी पक्षों की जानकारी ली। जितेंद्र ने कहा कि दोनों को हिसार कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सोनिया- संजीव को फांसी की सजा सुना चुका है। वर्ष 2014 में उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदला गया था। इन्होंने पहले भी हाईकोर्ट में रिहाई के लिए याचिका लगाई थी। वकील के माध्यम से इसका विरोध किया तो याचिका वापस ले ली गई थी। अब दोबारा इन्होंने रिहाई के लिए याचिका लगाई है।

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साल 2001 में हुआ था जघन्य हत्याकांड 

एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि अगस्त 2001 में हरियाणा में जघन्य हत्याकांड हुआ था। इस मामले में बरवाला से विधायक रहे रेलू राम पूनिया सहित 8 लोगों की हत्या की गई थी। इस मामले में उनकी बेटी सोनिया और दामाद संजीव को फांसी हुई थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी इनकी एप्लिकेशन डिसमिस कर दी। इसके बाद 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इनकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा मर्जी एप्लिकेशन डिसमिस करने में देरी हुई।

जितेंद्र पूनिया ने बताया कि सुनने में आया है कि हाईकोर्ट ने संजीव और सोनिया के रिहाई ऑर्डर को रिजर्व किया है। ऑर्डर अभी अपलोड नहीं हुआ है। मगर, परिवार को आशंका है कि अगर रिहाई जैसा ऑर्डर रिलीज हो जाता है तो इससे परिवार को बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। रेलू राम के भाई राम सिंह के परिवार का कहना है कि अगर रिहाई हुई तो हमें जान का खतरा है। हमने इन लोगों की रिहाई न करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस सहित को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि सोनिया व संजीव ने लोहे की रॉड और डंडों से रेलू राम को मारा था। रेलू राम पूनिया हत्याकांड हरियाणा के सबसे क्रूरतम मामलों में माना जाता है। 23 अगस्त 2001 की रात हिसार के लितानी गांव स्थित फार्म हाउस में पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया, उनकी पत्नी, बेटा-बहू, पोता-पोती और 45 दिन के बच्चे सहित कुल 8 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
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