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Hisar News: कालीरावण में न पीएचसी-न सीएचसी, एकमात्र आयुष डिस्पेंसरी के भरोसे 7 गांवों के 38,000 ग्रामीणों का स्वास्थ्य
Sun, 02 Mar 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 02 Mar 2025 01:00 AM IST
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हिसार। गांव कालीरावण सहित 7 गांवों के कुल 38,000 ग्रामीणों का स्वास्थ्य एकमात्र आयुष डिस्पेंसरी के भरोसे टिका है। आलम यह है कि डिलिवरी, ऑपरेशन या फिर अन्य संवेदनशील स्थिति में चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपरोक्त गांव के ग्रामीणों को या तो 8 किलोमीटर दूर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज व पीएचसी या फिर 14 किलोमीटर दूर काजला के पीएचसी सेंटर पर जाना पड़ रहा है, जिससे कई बार तो डिलीवरी सहित अन्य केस में मरीज की जान पर भी बनी रहती है।
ऐसी परेशानी न हो इसके लिए कालीरावण के पूर्व सरपंच ने सीएमओ को मांग पत्र भेजा था। जिस पर सीएमओ ने गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने को लेकर प्रपोजल तैयार मुख्यालय भेज दिया है, जिससे पीएचसी बनने की उम्मीद जग चुकी है। अब डीजी हेल्थ की मुहर लगने का इंतजार है। यदि मुहर लगती है तो पीएचसी बनने से गांव कालीरावण के अलावा समीपवर्ती गांव खासा, फ्रांसी, महलसरा, कोहली, मोठसरा व खैरमपुर में रहने वाले अतिरिक्त 24,000 ग्रामीणों को फायदा मिल सकेगा।
आचार संहिता हटने का इंतजार
सीएमओ की ओर से गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने को लेकर प्रपोजल भेजा जा चुका है। उम्मीद थी कि नगर निगम के चुनाव से पहले डीजी हेल्थ की ओर से मुहर लगकर आ जाएगी। इसी दौरान आचार संहिता लग गई, जिस कारण यह फाइल लटक गई। अब उम्मीद है कि 12 मार्च के बाद डीजी हेल्थ की ओर से फाइल पर मुहर लगेगी। जैसे ही मुहर लगती है तो धरातल पर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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पीएचसी बनने से ये मिलेंगे फायदे
- पीएचसी बनती है तो एक मेडिकल ऑफिसर मिलेगा।
- 14 पैरामेडिकल का स्टाफ मिलेगा, जिनमें फार्मासिस्ट, दो एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होते हैं
- 6 बिस्तर का बेड होता है
मेरी तरफ से सीएमओ को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने की मांग की थी। अभी इंतजार है। यदि पीएचसी बनती है तो कालीरावण सहित गांव खासा, फ्रांसी, महलसरा, कोहली, मोठसरा व खैरमपुर में रहने वाले ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।- प्रभू कस्वां, पूर्व सरपंच, गांव कालीरावण।
अगर कालीरावण में पीएचसी बनती है तो लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अभी ग्रामीणों को 8 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अग्रोहा जाकर चिकित्सा सुविधा लेनी पड़ रही है।- रवि सिवाच, सरपंच प्रतिनिधि, गांव कालीरावण।
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ऐसी परेशानी न हो इसके लिए कालीरावण के पूर्व सरपंच ने सीएमओ को मांग पत्र भेजा था। जिस पर सीएमओ ने गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने को लेकर प्रपोजल तैयार मुख्यालय भेज दिया है, जिससे पीएचसी बनने की उम्मीद जग चुकी है। अब डीजी हेल्थ की मुहर लगने का इंतजार है। यदि मुहर लगती है तो पीएचसी बनने से गांव कालीरावण के अलावा समीपवर्ती गांव खासा, फ्रांसी, महलसरा, कोहली, मोठसरा व खैरमपुर में रहने वाले अतिरिक्त 24,000 ग्रामीणों को फायदा मिल सकेगा।
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आचार संहिता हटने का इंतजार
सीएमओ की ओर से गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने को लेकर प्रपोजल भेजा जा चुका है। उम्मीद थी कि नगर निगम के चुनाव से पहले डीजी हेल्थ की ओर से मुहर लगकर आ जाएगी। इसी दौरान आचार संहिता लग गई, जिस कारण यह फाइल लटक गई। अब उम्मीद है कि 12 मार्च के बाद डीजी हेल्थ की ओर से फाइल पर मुहर लगेगी। जैसे ही मुहर लगती है तो धरातल पर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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पीएचसी बनने से ये मिलेंगे फायदे
- पीएचसी बनती है तो एक मेडिकल ऑफिसर मिलेगा।
- 14 पैरामेडिकल का स्टाफ मिलेगा, जिनमें फार्मासिस्ट, दो एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होते हैं
- 6 बिस्तर का बेड होता है
मेरी तरफ से सीएमओ को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें गांव कालीरावण में पीएचसी बनाने की मांग की थी। अभी इंतजार है। यदि पीएचसी बनती है तो कालीरावण सहित गांव खासा, फ्रांसी, महलसरा, कोहली, मोठसरा व खैरमपुर में रहने वाले ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।- प्रभू कस्वां, पूर्व सरपंच, गांव कालीरावण।
अगर कालीरावण में पीएचसी बनती है तो लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अभी ग्रामीणों को 8 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अग्रोहा जाकर चिकित्सा सुविधा लेनी पड़ रही है।- रवि सिवाच, सरपंच प्रतिनिधि, गांव कालीरावण।