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Hisar News: हांसी प्रशासन की अनदेखी...बुजुर्ग-युवा बने आमटी झील के रखवाले
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हांसी की आमटी झील के पास सफाई करते बुजुर्ग।
हांसी। शहर की ऐतिहासिक आमटी झील की हालत बहुत खराब हो चुकी है। झील में गंदा पानी भरा हुआ है और परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। नगर परिषद की अनदेखी के कारण आसपास कचरे के ढेर लगे हुए थे, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान थे। नगर परिषद के इस रवैये से तंग आकर आसपास के बुजुर्गों और युवाओं ने टीम गठित कर झील की सफाई का काम शुरू कर दिया है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार चार साल पहले करोड़ों रुपये खर्च करके झील का सुंदरीकरण किया गया था, लेकिन अब उसकी स्थिति बहुत खराब हो गई है। सौंदर्यीकरण के नाम पर किए गए खर्च बेकार साबित हुए हैं। पार्क में लंबी घास, झाड़ियां और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। लोगों ने नगर परिषद से कई बार सफाई की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण सफाई के लिए स्वयं टीम बनाई गई। इस टीम में महा सिंह जांगड़ा, शिवकुमार सोनी, उमेद सिंह मास्टर, ललित कुमार, शिवकुमार जांगड़ा, पवन सक्सेना, जसवंत ट्रेलर, राजेंद्र सिंह यादव, कृष्ण सोनी, कमलेश कुमार गर्ग, नवीन मेहरा शामिल रहे।
आमटी झील के विकास के कई प्रोजेक्ट अधर में
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, आमटी तालाब झील के सुंदरीकरण का थ्री-डी नक्शा फाइनल हो चुका है। जल्द ही झील के सुंदरीकरण के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल यह योजना पेंडिंग है। नगर परिषद इस योजना के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित कर चुकी है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
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आमटी झील की हालत खराब है। हम यहां सफाई के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को कह चुके हैं, लेकिन नियमित सफाई नहीं है। इसके चलते अब हम खुद ही यहां सफाई करने में जुट गए हैं। - पवन सक्सेना
कहने को तो झील के सुंदरीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी हालत में सुधार नहीं है। हकीकत यह है कि यहां कचरा जमा है। तालाब में गंदा पानी भरी हुआ है। - कृष्ण सोनी
जब सरकार काम न करे तो आम जनता को ही खुद काम करना पड़ता है। अब हम मिल-जुलकर सफाई कर रहे हैं। लगातार तीन दिन सफाई की है। जरूरत पड़ेगी तो आगे भी सफाई करेंगे। - सुदेश गर्ग
नगर परिषद के अधिकारी, विधायक, एसडीएम के पास हम कई बार अवगत चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इसके चलते क्षेत्र के लोगों ने सफाई करने के निर्णय लिया है। - नवीन मेहरा, हनुमान कॉलोनी
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क्षेत्रवासियों के अनुसार चार साल पहले करोड़ों रुपये खर्च करके झील का सुंदरीकरण किया गया था, लेकिन अब उसकी स्थिति बहुत खराब हो गई है। सौंदर्यीकरण के नाम पर किए गए खर्च बेकार साबित हुए हैं। पार्क में लंबी घास, झाड़ियां और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। लोगों ने नगर परिषद से कई बार सफाई की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण सफाई के लिए स्वयं टीम बनाई गई। इस टीम में महा सिंह जांगड़ा, शिवकुमार सोनी, उमेद सिंह मास्टर, ललित कुमार, शिवकुमार जांगड़ा, पवन सक्सेना, जसवंत ट्रेलर, राजेंद्र सिंह यादव, कृष्ण सोनी, कमलेश कुमार गर्ग, नवीन मेहरा शामिल रहे।
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आमटी झील के विकास के कई प्रोजेक्ट अधर में
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, आमटी तालाब झील के सुंदरीकरण का थ्री-डी नक्शा फाइनल हो चुका है। जल्द ही झील के सुंदरीकरण के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल यह योजना पेंडिंग है। नगर परिषद इस योजना के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित कर चुकी है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
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आमटी झील की हालत खराब है। हम यहां सफाई के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को कह चुके हैं, लेकिन नियमित सफाई नहीं है। इसके चलते अब हम खुद ही यहां सफाई करने में जुट गए हैं। - पवन सक्सेना
कहने को तो झील के सुंदरीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी हालत में सुधार नहीं है। हकीकत यह है कि यहां कचरा जमा है। तालाब में गंदा पानी भरी हुआ है। - कृष्ण सोनी
जब सरकार काम न करे तो आम जनता को ही खुद काम करना पड़ता है। अब हम मिल-जुलकर सफाई कर रहे हैं। लगातार तीन दिन सफाई की है। जरूरत पड़ेगी तो आगे भी सफाई करेंगे। - सुदेश गर्ग
नगर परिषद के अधिकारी, विधायक, एसडीएम के पास हम कई बार अवगत चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इसके चलते क्षेत्र के लोगों ने सफाई करने के निर्णय लिया है। - नवीन मेहरा, हनुमान कॉलोनी