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नप घोटाला: निवर्तमान चेयरमैन से साढ़े आठ घंटे तक चली पुलिस की पूछताछ
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नगर परिषद भिवानी कार्यालय।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नप घोटाले में रविवार को पुलिस की इकॉनोमिक सेल ने निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव को बुलाया। पुलिस ने करीब साढ़े आठ घंटे तक उनसे पूछताछ की। शाम करीब साढ़े चार बजे पूछताछ के बाद रणसिंह यादव घर लौटे। वहीं नप के तत्कालीन सचिव राजेश महता को भी पुलिस द्वारा जल्द पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि रिमांड पर लिये आरोपी बैंक मैनेजर ने कुछ राज उगले हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने निवर्तमान प्रधान रण सिंह यादव से पूछताछ की है और बाकी जांच की जा रही है।
नगर परिषद में पूर्व पार्षद सुदर्शन की शिकायत के बाद फर्जी फर्मों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर की जांच हुई तो परत दर परत नए घोटाले सामने आ रहे हैं और अब यह घोटाला करोड़ों में हो चुका है। नगर परिषद के तीन खातों से ही 12 से 15 करोड़ ट्रांसफर किये गए हैं। अन्य खातों में तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है। पूर्व पार्षद सुदर्शन की शिकायत पर एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश, व्यापारी विनोद व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर चुकी है, जो कि फिलहाल पांच दिन के रिमांड पर है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि बैंक मैनेजर ने अनेक खुलासे किये हैं। इन खुलासों के बाद ही नगर परिषद का आरोपी अकाउंटेंट फरार हो गया है। पिछले चार दिन से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
वहीं पुलिस ने रविवार सुबह निवर्तमान प्रधान रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया तो हड़कंप मच गया और शहर वासी खासकर निवर्तमान और पूर्व पार्षद फोन पर इसकी जानकारी लेते दिखे। रण सिंह यादव भाजपा से जुड़े है। पुलिस ने सुबह करीब आठ बजे रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया और शाम करीब साढ़े चार बजे तक पूछताछ की।
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पुलिस ने व्हाट्सअप पर भेजा था पूछताछ का नोटिस, नहीं देखा तो पहुंची घर
पुलिस ने निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव के व्हाट्सअप पर आर्थिक अपराध शाखा में पूछताछ के लिए आने का नोटिस भेजा था मगर रणसिंह यादव ने यह मैसेज देखा ही नहीं। इसलिए पुलिस सुबह करीब आठ बजे उनके आवास पर ही पहुंच गई और उन्हें पूछताछ के लिए साथ ले गई। रणसिंह यादव से करीब साढ़े आठ घंटे तक पुलिस की पूछताछ चली और वे शाम करीब साढ़े चार बजे घर लौटे। निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह ने बताया कि पुलिस ने उनसे फर्जी चेकों पर हस्ताक्षर से संबंधित मामले में पूछताछ की थी। पुलिस ने एक अन्य व्यापारी से भी इस मामले में पूछताछ की
जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा, फंस सकते हैं कई बड़े चेहरे
पुलिस निवर्तमान चेयरमैन के बाद तत्कालीन नगर परिषद सचिव राजेश महता को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है। बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी, नप के निवर्तमान चेयरमैन से पूछताछ, सचिव राजेश महता से पूछताछ के बाद जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है और कई बड़े चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
पूछताछ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस ने जैसे ही निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया, शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। चर्चाएं रही कि बैंक मैनेजर के खुलासों के बाद पुलिस ने रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं देर शाम तक सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी को लेकर भी काफी चर्चाएं रही। हालांकि आधिकारिक तौर पर मामले में अभी तक सिर्फ बैंक मैनेजर की ही गिरफ्तारी हुई है। जबकि पुलिस ने रविवार को नप के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह के साथ आरोपी बनाए व्यापारी विनोद से भी पूछताछ की है।
जिला स्तरीय सतर्कता कमेटी भी कर रही जांच
जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद में हुई वित्तीय मामलों की अनियमितताओं की जांच के लिए जिलास्तरीय सतर्कता कमेटी का गठन किया है। इसका अध्यक्ष अतिरिक्त उपायुक्त को बनाया गया है। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता, विजिलेंस के उप पुलिस अधीक्षक, जिला नगर योजनाकार, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, उपायुक्त कार्यालय से वरिष्ठ लेखा अधिकारी इसके सदस्य है। अध्यक्ष को किसी अन्य अधिकारी को कमेटी में शामिल करने का अधिकार है। जिलास्तरीय सतर्कता कमेटी भी अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटी है और नगर परिषद का सारा रिकार्ड तलब किया गया है।
नगर पालिका बवानीखेड़ा के मामलों की जांच करेगी उपमंडल स्तरीय सतर्कता कमेटी गठित
नगर पालिका बवानी खेड़ा में भी धांधली और वित्तीय मामलों में अनियमितता के मामले सामने आए हैं। इसके बाद उपायुक्त ने उपमंडल स्तरीय सतर्कता कमेटी का गठन जांच के लिए किया है। कमेटी में उपमंडल अधिकारी अध्यक्ष होंगे। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता, सहायक नगर योजनाकार, सचिव नगर पालिका बवानीखेड़ा, लेखाकार कार्यालय खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बवानीखेड़ा सतर्कता कमेटी के सदस्य होंगे।
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नगर परिषद में पूर्व पार्षद सुदर्शन की शिकायत के बाद फर्जी फर्मों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर की जांच हुई तो परत दर परत नए घोटाले सामने आ रहे हैं और अब यह घोटाला करोड़ों में हो चुका है। नगर परिषद के तीन खातों से ही 12 से 15 करोड़ ट्रांसफर किये गए हैं। अन्य खातों में तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है। पूर्व पार्षद सुदर्शन की शिकायत पर एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश, व्यापारी विनोद व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर चुकी है, जो कि फिलहाल पांच दिन के रिमांड पर है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि बैंक मैनेजर ने अनेक खुलासे किये हैं। इन खुलासों के बाद ही नगर परिषद का आरोपी अकाउंटेंट फरार हो गया है। पिछले चार दिन से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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वहीं पुलिस ने रविवार सुबह निवर्तमान प्रधान रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया तो हड़कंप मच गया और शहर वासी खासकर निवर्तमान और पूर्व पार्षद फोन पर इसकी जानकारी लेते दिखे। रण सिंह यादव भाजपा से जुड़े है। पुलिस ने सुबह करीब आठ बजे रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया और शाम करीब साढ़े चार बजे तक पूछताछ की।
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पुलिस ने व्हाट्सअप पर भेजा था पूछताछ का नोटिस, नहीं देखा तो पहुंची घर
पुलिस ने निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव के व्हाट्सअप पर आर्थिक अपराध शाखा में पूछताछ के लिए आने का नोटिस भेजा था मगर रणसिंह यादव ने यह मैसेज देखा ही नहीं। इसलिए पुलिस सुबह करीब आठ बजे उनके आवास पर ही पहुंच गई और उन्हें पूछताछ के लिए साथ ले गई। रणसिंह यादव से करीब साढ़े आठ घंटे तक पुलिस की पूछताछ चली और वे शाम करीब साढ़े चार बजे घर लौटे। निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह ने बताया कि पुलिस ने उनसे फर्जी चेकों पर हस्ताक्षर से संबंधित मामले में पूछताछ की थी। पुलिस ने एक अन्य व्यापारी से भी इस मामले में पूछताछ की
जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा, फंस सकते हैं कई बड़े चेहरे
पुलिस निवर्तमान चेयरमैन के बाद तत्कालीन नगर परिषद सचिव राजेश महता को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है। बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी, नप के निवर्तमान चेयरमैन से पूछताछ, सचिव राजेश महता से पूछताछ के बाद जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है और कई बड़े चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
पूछताछ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस ने जैसे ही निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया, शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। चर्चाएं रही कि बैंक मैनेजर के खुलासों के बाद पुलिस ने रण सिंह यादव को पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं देर शाम तक सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी को लेकर भी काफी चर्चाएं रही। हालांकि आधिकारिक तौर पर मामले में अभी तक सिर्फ बैंक मैनेजर की ही गिरफ्तारी हुई है। जबकि पुलिस ने रविवार को नप के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह के साथ आरोपी बनाए व्यापारी विनोद से भी पूछताछ की है।
जिला स्तरीय सतर्कता कमेटी भी कर रही जांच
जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद में हुई वित्तीय मामलों की अनियमितताओं की जांच के लिए जिलास्तरीय सतर्कता कमेटी का गठन किया है। इसका अध्यक्ष अतिरिक्त उपायुक्त को बनाया गया है। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता, विजिलेंस के उप पुलिस अधीक्षक, जिला नगर योजनाकार, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, उपायुक्त कार्यालय से वरिष्ठ लेखा अधिकारी इसके सदस्य है। अध्यक्ष को किसी अन्य अधिकारी को कमेटी में शामिल करने का अधिकार है। जिलास्तरीय सतर्कता कमेटी भी अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटी है और नगर परिषद का सारा रिकार्ड तलब किया गया है।
नगर पालिका बवानीखेड़ा के मामलों की जांच करेगी उपमंडल स्तरीय सतर्कता कमेटी गठित
नगर पालिका बवानी खेड़ा में भी धांधली और वित्तीय मामलों में अनियमितता के मामले सामने आए हैं। इसके बाद उपायुक्त ने उपमंडल स्तरीय सतर्कता कमेटी का गठन जांच के लिए किया है। कमेटी में उपमंडल अधिकारी अध्यक्ष होंगे। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता, सहायक नगर योजनाकार, सचिव नगर पालिका बवानीखेड़ा, लेखाकार कार्यालय खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बवानीखेड़ा सतर्कता कमेटी के सदस्य होंगे।