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Hisar News: 20 दिन के लिए राहत, नया टैक्स स्लैब 1 अक्तूबर से होगा लागू
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हिसार। प्रदेश सरकार ने शहर के करीब एक लाख प्रॉपर्टीधारकों को 20 दिन के लिए राहत दी है। नया टैक्स स्लैब अब 1 अक्तूबर से लागू होगा। यानी 30 सितंबर तक प्रॉपर्टीधारक पुराने स्लैब के अनुसार टैक्स जमा करा सकेंगे। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन के पास पत्र भी आ चुका है।
नया टैक्स स्लैब कलेक्टर रेट के आधार पर लागू होना है मगर पुराने स्लैब में अलग-अलग दरें लागू होती है। नए स्लैब में टैक्स ज्यादा बनेगा। नए स्लैब के अनुसार, टैक्स बनते समय एक निश्चित बढ़ोतरी पर कैप लगा दी जाएगी। यानी उससे ज्यादा टैक्स नहीं बढ़ पाएगा। हालांकि कैपिंग तक टैक्स धीरे-धीरे बढ़ेगा। जो लोग सितंबर महीने के 20 दिनों में टैक्स भरेंगे उन्हें पुराने स्लैब का फायदा मिलेगा। 1 अक्तूबर से बिल जनरेट होते ही नई दरों के हिसाब से भुगतान करना होगा।
इस उदाहरण से समझें क्या फर्क पड़ेगा :
किसी शहरवासी का 200 गज का प्लॉट है तो पुराने स्लैब में उसका 0.75 प्रतिशत के हिसाब से 150 रुपये का टैक्स बनता है। कलेक्टर रेट 20 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से टैक्स बना तो 870 रुपये हो जाएगा। हालांकि पहले साल टैक्स बढ़ोतरी के साथ कैपिंग के अनुसार 187.50 रुपये भरने होंगे। कॉमर्शियल श्रेणी की बात की जाए तो अगर 50 गज में ग्राउंड फ्लोर पर दुकान बनी है तो पुराने स्लैब में टैक्स 900 रुपये बनता है जबकि नई पॉलिसी में कलेक्टर रेट 2 लाख 39 हजार से गणना हुई तो यही टैक्स करीब 5400 रुपये जाएगा। कैपिंग के बाद भी करीब 2,700 रुपये टैक्स भरना होगा।
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यह है कैपिंग की व्यवस्था :
कैपिंग का मतलब हुआ कि घर या फ्लैट के आकार के हिसाब से सालाना टैक्स बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। इससे ज्यादा बढ़ोतरी पहले साल में नहीं होगी। यानी 1.25 गुना या अधिकतम 25 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं पाएगी। यानी किसी का टैक्स 100 रुपये बन रहा था तो पहले साल 125 रुपये भरना होगा।
ऑनलाइन भी जांच सकते हैं अपना संभावित टैक्स :
प्रॉपर्टी मालिक property.ulbharyana.gov.in वेबसाइट पर जाकर टैक्स कैलकुलेटर के माध्यम से अपने नए प्रॉपर्टी टैक्स का अनुमान लगा सकते हैं। इसके लिए प्रॉपर्टी आईडी नंबर, पुराना टैक्स अमाउंट, कारपेट एरिया और अपने क्षेत्र का नया कलेक्टर रेट दर्ज करना होगा।
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नया प्रॉपर्टी टैक्स स्लैब 1 अक्तूबर से लागू करने के संबंध में पत्र आ गया है। प्रॉपर्टी धारक 30 सितंबर तक पुराने स्लैब के अनुसार टैक्स भर सकेंगे। -सी जयाश्रद्धा, आयुक्त, नगर निगम हिसार
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नया टैक्स स्लैब कलेक्टर रेट के आधार पर लागू होना है मगर पुराने स्लैब में अलग-अलग दरें लागू होती है। नए स्लैब में टैक्स ज्यादा बनेगा। नए स्लैब के अनुसार, टैक्स बनते समय एक निश्चित बढ़ोतरी पर कैप लगा दी जाएगी। यानी उससे ज्यादा टैक्स नहीं बढ़ पाएगा। हालांकि कैपिंग तक टैक्स धीरे-धीरे बढ़ेगा। जो लोग सितंबर महीने के 20 दिनों में टैक्स भरेंगे उन्हें पुराने स्लैब का फायदा मिलेगा। 1 अक्तूबर से बिल जनरेट होते ही नई दरों के हिसाब से भुगतान करना होगा।
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इस उदाहरण से समझें क्या फर्क पड़ेगा :
किसी शहरवासी का 200 गज का प्लॉट है तो पुराने स्लैब में उसका 0.75 प्रतिशत के हिसाब से 150 रुपये का टैक्स बनता है। कलेक्टर रेट 20 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से टैक्स बना तो 870 रुपये हो जाएगा। हालांकि पहले साल टैक्स बढ़ोतरी के साथ कैपिंग के अनुसार 187.50 रुपये भरने होंगे। कॉमर्शियल श्रेणी की बात की जाए तो अगर 50 गज में ग्राउंड फ्लोर पर दुकान बनी है तो पुराने स्लैब में टैक्स 900 रुपये बनता है जबकि नई पॉलिसी में कलेक्टर रेट 2 लाख 39 हजार से गणना हुई तो यही टैक्स करीब 5400 रुपये जाएगा। कैपिंग के बाद भी करीब 2,700 रुपये टैक्स भरना होगा।
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यह है कैपिंग की व्यवस्था :
कैपिंग का मतलब हुआ कि घर या फ्लैट के आकार के हिसाब से सालाना टैक्स बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। इससे ज्यादा बढ़ोतरी पहले साल में नहीं होगी। यानी 1.25 गुना या अधिकतम 25 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं पाएगी। यानी किसी का टैक्स 100 रुपये बन रहा था तो पहले साल 125 रुपये भरना होगा।
ऑनलाइन भी जांच सकते हैं अपना संभावित टैक्स :
प्रॉपर्टी मालिक property.ulbharyana.gov.in वेबसाइट पर जाकर टैक्स कैलकुलेटर के माध्यम से अपने नए प्रॉपर्टी टैक्स का अनुमान लगा सकते हैं। इसके लिए प्रॉपर्टी आईडी नंबर, पुराना टैक्स अमाउंट, कारपेट एरिया और अपने क्षेत्र का नया कलेक्टर रेट दर्ज करना होगा।
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नया प्रॉपर्टी टैक्स स्लैब 1 अक्तूबर से लागू करने के संबंध में पत्र आ गया है। प्रॉपर्टी धारक 30 सितंबर तक पुराने स्लैब के अनुसार टैक्स भर सकेंगे। -सी जयाश्रद्धा, आयुक्त, नगर निगम हिसार
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