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निगम प्रशासन ने तलाकी गेट पार्किंग का टेंडर सवा दो महीने बाद ही किया रद्द
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नगर निगम प्रशासन की ओर से तलाकी गेट पार्किंग का टेंडर रद्द कर दिया गया है। यह टेंडर मात्र सवा दो महीने बाद ही रद्द किया गया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद ठेकेदार ने टेंडर के दौरान निर्धारित राशि ही जमा नहीं कराई। हालांकि नगर निगम के अधिकारी दो महीने से इस मामले को ठंडे बस्ते में छोड़े हुए थे। मगर जैसे ही मामला मेयर गौतम सरदाना के संज्ञान में आया तो उन्होंने अधिकारियों को टेंडर रद्द करने के निर्देश दिए। इसके बाद ठेकेदार को नोटिस देकर टेंडर रद्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने तलाकी गेट पार्किंग का टेंडर जारी करके 2 जुलाई ठेकेदार को वर्क ऑर्डर दे दिया था। यह टेंडर 6 लाख 79 हजार रुपये में दिया गया था। नियमानुसार वर्क ऑर्डर मिलने के एक सप्ताह में टेंडर में दी गई बोली के अनुरूप राशि जमा करानी होती है। ठेकेदार को एक बार में 60 प्रतिशत व इसके बाद 40 प्रतिशत राशि दो हिस्सों में जमा करवानी थी। मगर ठेकेदार ने 2 महीने से ज्यादा पार्किंग चलाने के बाद भी 60 प्रतिशत पैसा जमा नहीं करवाया। इसी कारण से टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार ने मांगा ठेका
अब इस मामले में नगर निगम अधिकारियों के पास दो विकल्प रहेंगे। पहला विकल्प दोबारा ई-टेंडर का होगा जबकि दूसरा विकल्प दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार को ठेका देने का है। विशेष बात यह है कि दूसरे नंबर पर रहा ठेकेदार पार्किंग का ठेका लेने के लिए हामी भर चुका है। इसके लिए उसने अधिकारियों से संपर्क भी किया है।
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जानकारी के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने तलाकी गेट पार्किंग का टेंडर जारी करके 2 जुलाई ठेकेदार को वर्क ऑर्डर दे दिया था। यह टेंडर 6 लाख 79 हजार रुपये में दिया गया था। नियमानुसार वर्क ऑर्डर मिलने के एक सप्ताह में टेंडर में दी गई बोली के अनुरूप राशि जमा करानी होती है। ठेकेदार को एक बार में 60 प्रतिशत व इसके बाद 40 प्रतिशत राशि दो हिस्सों में जमा करवानी थी। मगर ठेकेदार ने 2 महीने से ज्यादा पार्किंग चलाने के बाद भी 60 प्रतिशत पैसा जमा नहीं करवाया। इसी कारण से टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
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दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार ने मांगा ठेका
अब इस मामले में नगर निगम अधिकारियों के पास दो विकल्प रहेंगे। पहला विकल्प दोबारा ई-टेंडर का होगा जबकि दूसरा विकल्प दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार को ठेका देने का है। विशेष बात यह है कि दूसरे नंबर पर रहा ठेकेदार पार्किंग का ठेका लेने के लिए हामी भर चुका है। इसके लिए उसने अधिकारियों से संपर्क भी किया है।
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