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56 कर्मचारियों को ठेके पर लगाने वाले टेंडर में घालमेल
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:11 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : Bureau
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नगर निगम में ई-टेंडर होते हुए भी घालमेल जारी है। उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर या फिर उनकी शह पर नियम कानून ताक पर रखकर कुछ विशेष फर्मों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। अब एक और नया मामला सामने आ गया है। इस मामले में नगर निगम ईओ को ही छोटे अधिकारियों ने दरनिकार कर दिया। इससे पहले सेक्टरों की सफाई टेंडर मामले में तो सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ी और रोहतक के एक ठेकेदार को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
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ईओ ने मांगी शर्तें तो सीनियर एकाउंट ऑफिसर से खुलवाया
निगम में मंगलवार को हेड क्लर्क नगर निगम में लगे 56 कर्मचारियों को कांट्रेक्ट पर रखने के बारे में एजेंसियों के लगे टेंडर को खोलने बारे ईओ से मिले। उन्होंने ईओ को दो कंपनियों के पीले लिफाफे थमाते हुए कहा कि आप कमेटी के सदस्य हैं। ये दो कंपनियों के टेंडर आए हैं, जिनकी टेक्निकल बिड खोलनी है। ईओ ने पैकेट हाथ में लेकर टेबल पर रख लिए और कहा कि ठीक है मैं मेंबर हूं तो इन्हें यहां रख दो और शर्तें भी ले आओ। जो भी इस कमेटी के मेंबर हैं उन्हें भी यहां बुला लो। सबके सामने टेंडर खोल लेते हैं। इस पर हेड क्लर्क ने कहा कि शर्तें ले आता हूं। उन्होंने वे दोनों पैकेट वहां से उठा लिए और सीनियर अकाउंट आफिसर के कार्यालय में चले गए। ईओ इंतजार करते रहे और दूसरी ओर सीनियर एकाउंट ऑफिसर से टेंडर खुलवा लिए गए।
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ये कैसा खेल
नगर निगम में हो रहे इस तरह के मामले से हर कर्मचारी व अधिकारी आमजन के लिए संदेह के दायरे में है। मंगलवार को हुए इस खेल में एक सीनियर एकाउंट ऑफिसर व एक हेड क्लर्क ने अपनी पावर दिखाई। उन्होंने पहले ईओ को मेंबर बता दिया। जब ईओ ने शर्तें मांग ली तो उन्हें ही दरकिनार कर दिया गया। बाद में जाकर टेंडर खोल दिया। दूसरा हाल में रोहतक से आए कुछ अधिकारी टेंडर प्रक्रिया को अपने अधीन करना चाहते हैं। उन्होंने खुद ही डिजिटल सिग्नेचर भी बनवा लिए ताकि इस प्रक्रिया में कहीं न नहीं उन्हें भी शामिल कर लिया जाए।
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खोलने के बाद बोले करो हस्ताक्षर
टेंडर की टेक्निकल बिड खोलने के बाद हेड क्लर्क फाइल ईओ अतर सिंह खनगवाल के पास ले गए। अतर सिंह को जाकर बोले कि टेंडर तो खोल दिए आप हस्ताक्षर कर दो। ईओ ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब मेरे सामने टेंडर खोला ही नहीं गया तो मैं हस्ताक्षर क्यों करूं।
एक कंपनी कर पाई शर्तें पूरी
नगर निगम के सूत्रों ने दावा किया है कि जिस कंपनी ने पहले ठेका लिया हुआ था उसे ही दिलवाने के लिए यह खेल रचा गया है। उस कंपनी की शर्तें पूरी थी। दूसरी कंपनी को सपोर्टिंग के रूप में यूज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस कंपनी का आवेदन स्वीकार करवाने के लिए यह खेल रचा गया है।
नियम के हिसाब से एक कंपनी को टेंडर नहीं दिया जा सकता। हेड क्लर्क राजकुमार पहले मेरे पास आया था उसने कहा था कि टेंडर खोलना है। आप कमेटी के मेंबर हो आप खोलो। जब मैंने शर्तें मंगवाई तो वह पैकेट लेकर चला गया और खुद खोलकर ले आया। शाम को वह हस्ताक्षर करवाने लगा मैंने इंकार कर दिया। नियम के हिसाब से शर्तें की पूरी ही नहीं हो रही। हालांकि मैंने तो इसके लिए रिकॉल के लिए मौखिक आदेश दिए हैं।
- अतर सिंह खनगवाल, ईओ नगर निगम हिसार
अगर ऐसा हुआ है तो टेंडर दोबारा रिकॉल करवाएंगे। हेड क्लर्क ऐसा क्यों कर रहा है। ये गलत है। नगर निगम में पारदर्शिता से काम होना चाहिए।
- सरजीत नैन, सीटीएम एवं ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम हिसार