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Haryana: किसानों को नहीं मिल रहा सरसों का MSP, 15 से हैफेड शुरू करेगी खरीद, कृषि मंत्री ने कही ये बात
Fri, 10 Mar 2023 09:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 Mar 2023 09:54 PM IST
सार
प्रदेश की 114 अनाज मंडियों में सरसों की खरीद होगी। कृषि मंत्री बोले कि आलू रेट कम, किसान मंडियों में बेचें, जे फार्म लेकर आएं, हम भावांतर में पैसा देंगे। एचएयू में तीन दिवसीय हरियाणा कृषि विकास मेले का शुभारंभ कृषि मंत्री ने किया।
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सरसों
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय हरियाणा कृषि विकास मेले में बतौर मुख्यातिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि किसानों को मंडियों में सरसों का एमएसपी नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते सरकार ने 15 मार्च से सरसों की खरीद शुरू करने का फैसला लिया है। इस बारे में हैफेड को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हैफेड न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर सरसों की खरीद करेगी। प्रदेश की 114 अनाज मंडियों में सरसों की खरीद की जाएगी।
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एचएयू में तीन दिवसीय हरियाणा कृषि विकास मेले का शुभारंभ कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किया। उन्होंने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई है। कई जगह से सरसों के एमएसपी से कम पर बिकने की जानकारी मिली है। जिसके चलते सरकार ने 15 मार्च से ही सरसों खरीद का फैसला लिया है।
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पहले यह तिथि 28 मार्च थी। इस बारे में हैफेड को आदेश दे दिए गए हैं। हैफेड ने इस बारे में तैयारी शुरु कर दी है। इस बार आलू के दाम कम हैं। किसान मंडियों में अपनी फसल को बेचें। जे फार्म लेकर आएं हम भावांतर के जरिये किसानों को भरपाई करेंगे। इस दौरान उन्होंने लक्की ड्रॉ के विजेता किसानों को सम्मानित किया।
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सबसे बड़ी चुनौती खेती में रासायनिक तत्वों व कीटनाशकों का सिफारिश से अधिक छिड़काव करना है। जिससे कई प्रकार की बीमारियां हमें घेर रही हैं। खेती में गाय के गोबर का इस्तेमाल करें। किसान को डीबीटी के माध्यम से 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बारिश के पानी से फसलों को काफी नुकसान से बचाने के लिए 1200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। 7 से 8 प्रतिशत भूमि पर कल्लर भूमि को बोरबोल से जोड़ने का काम भी किया है। गुरुग्राम में बाजरे के बिस्किट, केक, पिज्जा आदि उत्पाद बिकवाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने अध्यक्षीय भाषण में कृषि में प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध हो रहे दोहन पर चिंता जताई। साथ ही किसानों को कृषि उत्पादन के साथ इनकी गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देने को कहा।
किसान कल्याण विभाग ही अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि ढैंचा को हरी खाद के रूप में उगाने का 6 लाख एकड़ का लक्ष्य है। प्राकृतिक खेती के लिए खरीफ सीजन में भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 20 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा है।
पहले दिन 9449 किसानों ने कराया पंजीकरण...
पहले दिन मेले में 9449 किसानों ने पंजीकरण कराया। किसानों के आधार कार्ड के आधार पर यह पंजीकरण किया गया। पहले दिन तीन पुरस्कार निकाले गए। लक्की ड्रॉ के जरिये विजेता किसानों का चयन किया गया। जिसमें हिसार के मतलोडा निवासी विरेंद्र सिंह को प्रथम पुरस्कार के तौर पर मिनी ट्रैक्टर प्रदान किया गया।
सातरोड़ कलां निवासी सुनील को सुपर बिडर पुरस्कार के तौर पर प्रदान किया गया। तृतीय पुरस्कार पॉवर बिडर अंबाला के गांव भूंड माजरी निवासी मुकेश को मिला।
यह रहे मौजूद...
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, फतेहाबाद के विधायक दूड़ाराम, हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश आहुजा, जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा , मेला प्रशासक जगदीप सिंह भी मौजूद रहे। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने स्वागत भाषण दिया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के महानिदेशक डॉ. नरहरि बांगड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया।