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Hisar News: संपत्ति कर भरवाने में फिसड्डी रही नगर परिषद, साढ़े तीन करोड़ की जगह एक करोड़ ही हुए जमा

Thu, 13 Feb 2025 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 13 Feb 2025 12:14 AM IST
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Municipal council was lagging behind in paying property tax, instead of three and a half crores only one crore was deposited
हांसी नगर परिषद कार्यालय
हांसी। नगर परिषद संपत्ति कर भरवाने के मामले में फिसड्डी रही। नगर परिषद को संपत्ति कर से साढ़े 3 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान था। लेकिन नगर परिषद एक करोड़ रुपये ही कर जमा करवा पाई।
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वहीं स्टांप ड्यूटी और बिजली बिलों पर लगने वाले म्युनिसिपल टैक्स से 20 करोड़ रुपये की आय का अनुमान था। इससे भी नगर परिषद को कुछ भी आय नहीं हुई। जबकि आमजन जमीन खरीदने-बेचने में स्टांप ड्यूटी व बिजली बिल भरने में म्युनिसिपल टैक्स भर रहा है। वहीं एक वर्ष में नगर परिषद ने सफाई के लिए टिप्परों की मरम्मत पर 21 लाख रुपये खर्च किए है। वाहनों में 37 लाख रुपये का तेल डलवाया गया है।
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चालू वित्त वर्ष में नगर परिषद 27.35 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। 2025-26 में 47.66 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं नगर परिषद को इस बार 25.63 करोड़ रुपये की आय हुई जो कि अनुमान से आधी थी। 2025-26 में 49.30 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
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नगर परिषद की बजट बैठक शुक्रवार को परिषद कार्यालय में होनी है। बैठक से पहले नगर परिषद ने पार्षदों को अपनी आय व व्यय का ब्योरा भेजा है। वहीं बजट के ब्योरे के अनुसार नगर परिषद को वर्ष 2024-25 में बिजली बिलों पर लगने वाली म्युनिसिपल टैक्स से 2.20 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान था। साथ ही स्टांप ड्यूटी से 18 करोड़ रुपये की कमाई होनी थी, जिसमें से नगर परिषद को एक रुपया भी नहीं मिला। बैठक में पार्षद इसी को लेकर ही सबसे ज्यादा सवाल करेंगे। क्योंकि बिजली बिलों में म्युनिसिपल टैक्स जुड़ कर आ रहा है, साथ ही तहसील में स्टांप ड्यूटी भी जमीन खरीदने के समय दी जा रही है।


कचरा एकत्रित करने से 75 लाख की जगह 8.2 लाख रुपये की आय हुई
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के सुविधा शुल्क से 75 लाख रुपये की आय होनी थी। लेकिन मात्र 8.2 लाख रुपये की आय हुई। पेयजल व सीवरेज लाइन डालने के लिए तोड़ी जाने वाली गलियों पर परिषद रोड कट चार्ज लेती है। इससे 15 लाख रुपये की आय होनी थी। लेकिन यह आय नहीं हुई। विभिन्न ग्रांट के 10 करोड़ रुपये आए हैं।



वाहनों के तेल पर 37 लाख रुपये खर्चे
नगर परिषद ने वाहनों में तेल भरवाने के लिए 37 लाख रुपये खर्च किए है। वर्ष 2025-26 में 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर परिषद के 78 हजार रुपये खर्च हुए। वहीं चुनावों में साढ़े 7 लाख रुपये खर्च हुए। विकास कार्यों पर विभिन्न ग्रांट के तहत 15 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा पार्कों के रखरखाव पर 38.54 लाख रुपये, वाहनों की मरम्मत पर 3.90 लाख रुपये, गलियों व रोड की मरम्मत के लिए 35 लाख रुपये, गलियां बनाने के लिए 66.50 लाख रुपये, कचरा उठान के लिए लगाए गए 27 टिप्परों व 2 ट्रैक्टर ट्राॅलियों पर 21 लाख रुपये व सफाई के लिए 45.34 लाख रुपये खर्च हुए।




बैठक में हो सकता है हंगामा
नगर परिषद में पार्षदों की बैठक करीब 1 वर्ष के बाद हो रही है। एक वर्ष से परिषद की हाउस बैठक भी नहीं हुई। ऐसे में स्वभाविक है कि बैठक हंगामेदार रहेगी। क्योंकि पार्षद कई दिनों के बाद औपचारिक रूप से एक साथ होंगे व उन्हें अपनी मांग रखने का मंच मिलेगा।



बजट की बैठक बुलाई गई है। बैठक में बजट का लेखा जोखा पेश किया जाएगा। - डॉ. सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, हांसी।
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