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Hisar News: जिला नागरिक अस्पताल में जल्द लगेगी एमआरआई मशीन
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जिला नागरिक अस्पताल हिसार के इसी पीपीसी के स्टोर रूम को सुधारकर एमआरआई मशीन लगाने की है तैयारी।
- फोटो : 1
हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में जल्द ही एमआरआई मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। प्रसवोत्तर केंद्र (पीपीसी) के पास स्टोर रूम को मोडिफाई कर एमआरआई कक्ष बनाया जाएगा। इससे मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं सहित शरीर के कई अंगों और ऊतकों की जांच संभव होगी। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर महंगी जांच कराना नहीं पड़ेगा और सरकारी दरों पर या पात्रता प्रमाण दिखाकर मुफ्त जांच भी हो सकेगी।
अस्पताल में पहले से ही सीटी स्कैन और डायलिसिस सेवा पीपीपी मोड में संचालित की जा रही हैं। यहां रोजाना औसतन 40 सीटी स्कैन और 16 डायलिसिस सत्र होते हैं। एमआरआई मशीन के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये का निवेश होगा, साथ ही कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी।
सीटी स्कैन केंद्र के प्रबंधक तरुण खुराना बताते हैं कि इस मशीन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का निवेश करना होता है जबकि एमआरआई केंद्र के पांच करोड़ रुपये के निवेश समेत कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक भी चाहिए। सरोज, मोनू, रमेश चंद, संजय, मुकेश कुमार आदि तीमारदारों ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने की मांग की है।
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-- -- -- -- -- -- एमआरआई मशीन क्या है
चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) शरीर के अंदर की विस्तृत छवियां बनाती है, जिससे रोगों का निदान और उपचार में मदद मिलती है। इसका उपयोग मस्तिष्क, रीढ़, जोड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं सहित अन्य ऊतकों की जांच के लिए किया जाता है। यह आयनीकरण विकिरण का उपयोग नहीं करती और शक्तिशाली चुंबक एवं रेडियो तरंगों से काम करती है।
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अस्पताल में पहले से ही सीटी स्कैन और डायलिसिस सेवा पीपीपी मोड में संचालित की जा रही हैं। यहां रोजाना औसतन 40 सीटी स्कैन और 16 डायलिसिस सत्र होते हैं। एमआरआई मशीन के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये का निवेश होगा, साथ ही कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी।
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सीटी स्कैन केंद्र के प्रबंधक तरुण खुराना बताते हैं कि इस मशीन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का निवेश करना होता है जबकि एमआरआई केंद्र के पांच करोड़ रुपये के निवेश समेत कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक भी चाहिए। सरोज, मोनू, रमेश चंद, संजय, मुकेश कुमार आदि तीमारदारों ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने की मांग की है।
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चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) शरीर के अंदर की विस्तृत छवियां बनाती है, जिससे रोगों का निदान और उपचार में मदद मिलती है। इसका उपयोग मस्तिष्क, रीढ़, जोड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं सहित अन्य ऊतकों की जांच के लिए किया जाता है। यह आयनीकरण विकिरण का उपयोग नहीं करती और शक्तिशाली चुंबक एवं रेडियो तरंगों से काम करती है।