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मॉक ड्रिल : गंभीर मरीजों को लेकर दौड़ी एंबुलेंस, चिकित्सकों ने तुरंत संभाली कमान
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नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान मरीज का उपचार करते चिकित्सक।
- फोटो : Hisar
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हिसार। नागरिक अस्पताल में सोमवार को एंबुलेंस कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को लेकर पहुंची। इस दौरान ज्यादातर को ऑक्सीजन की जरूरत थी। पूरा अस्पताल स्टाफ मुस्तैदी से मरीजों के उपचार में जुट गया और कुछ समय बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। यह दृश्य कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर किए गए मॉक ड्रिल में दिखा।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी महामारी मॉक ड्रिल के स्वयंसेवी बन कर मरीज बने। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों ने इस ड्रिल में भाग लेकर तैयारियों का 24 घंटे के लिए जायजा लिया। एंबुलेंस के पहुंचते ही स्टाफ स्ट्रेचर के साथ तैयार था। मरीज के तीमारदार ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इस दौरान मरीज का तापमान थर्मल स्कैनर से एवं पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल जांचा गया। कुछ मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करवाया गया। जहां डॉ. ज्योति, स्टॉफ नर्स सुमन, रितु एवं पायल मौजूद रहे। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी डॉ. मोहित ने संभाली।
ऑक्सीजन प्लांट एवं गैस मेनिफोल्ड द्वारा डॉ. राजीव तंवर एवं मनोज द्वारा लगातार 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई बहाल की गई। दवाओं का जिम्मा फार्मेसी ऑफिसर अनिल शर्मा एवं रविंद्र चोपड़ा ने संभाला। मॉक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई के साथ-साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, मॉनिटर, मरीजों को रेफर की स्थिति में तैयारियों, दवाओं एवं लगातार 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई, लैब टेस्ट के मानकों को परखा गया। इस मौके पर डॉ. लता सांगवान, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, डॉ. अजय चुघ, संतोष, पुष्पा, कृष्णा नर्सिंग सिस्टर, चीफ फार्मेसी ऑफिसर रोमी सिंगला आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी महामारी मॉक ड्रिल के स्वयंसेवी बन कर मरीज बने। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों ने इस ड्रिल में भाग लेकर तैयारियों का 24 घंटे के लिए जायजा लिया। एंबुलेंस के पहुंचते ही स्टाफ स्ट्रेचर के साथ तैयार था। मरीज के तीमारदार ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इस दौरान मरीज का तापमान थर्मल स्कैनर से एवं पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल जांचा गया। कुछ मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करवाया गया। जहां डॉ. ज्योति, स्टॉफ नर्स सुमन, रितु एवं पायल मौजूद रहे। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी डॉ. मोहित ने संभाली।
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ऑक्सीजन प्लांट एवं गैस मेनिफोल्ड द्वारा डॉ. राजीव तंवर एवं मनोज द्वारा लगातार 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई बहाल की गई। दवाओं का जिम्मा फार्मेसी ऑफिसर अनिल शर्मा एवं रविंद्र चोपड़ा ने संभाला। मॉक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई के साथ-साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, मॉनिटर, मरीजों को रेफर की स्थिति में तैयारियों, दवाओं एवं लगातार 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई, लैब टेस्ट के मानकों को परखा गया। इस मौके पर डॉ. लता सांगवान, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, डॉ. अजय चुघ, संतोष, पुष्पा, कृष्णा नर्सिंग सिस्टर, चीफ फार्मेसी ऑफिसर रोमी सिंगला आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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