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Hisar News: मोबाइल की लत और बिगड़ी दिनचर्या बच्चों को दे रही तनाव

Fri, 06 Jun 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Fri, 06 Jun 2025 12:41 AM IST
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Mobile addiction and disturbed daily routine are causing stress to children

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हिसार। बिगड़ती दिनचर्या और मोबाइल की लत से बच्चे तनाव का शिकार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल की मनोरोग ओपीडी में रोजाना बच्चों सहित करीब 20 ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें बैचेनी, घबराहट, काम में रुचि न होना व नींद न आने से जैसी समस्याएं हैं।स्क्रीनिंग के दौरान पता चला है कि अभिभावकों व बच्चों में तालमेल की कमी भी तनाव की बड़ी वजह है। चिकित्सकों की मानें तो इससे बचाव के लिए सोने, उठने, खाने और काम करने का समय निर्धारित करने के अलावा दिनचर्या में योग-मेडिटेशन को शामिल करना होगा।

नागरिक अस्पताल में मनोरोग चिकित्सक डॉ. शालू ने बताया कि बैचेनी, घबराहट, काम में रुचि न होना व नींद न आने जैसी शिकायतों का प्रमुख कारण ओवरथिंकिंग भी है। ओपीडी में स्क्रीनिंग के दौरान सामने आ रहा है कि मरीज अधिक सोचने के कारण अपने भावों पर नियंत्रित नहीं कर पाते हैं। इससे वे मानसिक रूप से बीमार होते हैं और धीरे-धीरे अन्य शारीरिक समस्याएं भी उन्हें घेर लेती हैं।
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बच्चों को सी फॉर कंट्रोल नहीं सी फॉर केयर करें

डॉ. शालू ने बताया कि आज के समय में बच्चों को सी फॉर कंट्रोल नहीं सी फॉर केयरिंग करने की जरूरत है। बेहतर होगा कि बच्चों व अभिभावकों के बीच सकारात्मक तालमेल हो। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों से संवाद करें। ताकि बच्चा अपनी समस्या निसंकोच कह सके। इसके अलावा बच्चों को मोबाइल फोन व सोशल मीडिया से दूर रखने की जरूरत है। इसके साथ ही शाम 4 बजे के बाद हर आयु वर्ग के लोगों को नकारात्मक खबरों से दूरी बनानी चाहिए।
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इन बातों को रखें ध्यान

- बच्चों को मंडला आर्ट के प्रति जागरूक करना चाहिए यानी उन्हें व्यस्त रखें।

- हर आयु वर्ग के लोगों को सुबह योग, मेडिटेशन जरूर करना चाहिए।

- सुबह से लेकर शाम तक करने वाले कार्यों को शेड्यूल के अनुसार बांटकर करना चाहिए।

- जितना हो सके बच्चों को मोबाइल फोन-सोशल मीडिया से दूर रखना चाहिए।

- बच्चों को आउटडोर खेलों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

- बच्चों को सकारात्मक संगत में शामिल होने के प्रति बढ़ावा देना चाहिए।

नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन करीब 20 ऐसे केस आ रहे हैं, जिनमें बैचेनी, घबराहट, काम में रुचि न होना व अनिद्रा जैसी शिकायत मिल रही है। दिनचर्या बिगड़ने व मोबाइल की लत के कारण ऐसी समस्याएं हो रही हैं।
- डॉ. शालू, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार।
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