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फाइल पर आते आते बदल गए मंत्री डॉ. बनवारीलाल के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:49 AM IST
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Dr. Banwarilal
- फोटो : Bureau
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जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारीलाल के आदेश फाइलों में आते आते बदल गए। पिछली जनपरिवाद समिति की बैठक में मंत्री ने गांव प्रभुवाला में जोहड़ की जमीन पर काटे गए प्लॉट खाली कराने के आदेश दिए थे। मीटिंग की मिनटस तैयार की गई तो ऐसे आदेश नहीं पाए गए। सरकारी जमीन से कब्जे हटाने के आदेश ही जारी किए गए।
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जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने 21 दिसंबर को लघु सचिवालय परिसर में जनपरिवाद समिति की बैठक ली थी, जिसमें गांव प्रभुवाला के लोगों ने शिकायत रखी थी। इनका कहना था कि 2010 में गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लाट वितरित किए गए थे। जिसमें एसी वर्ग के करीब 300 लोगों को प्लाट दिए गए। बीसी केटेगरी के 65 लोगों को अब तक प्लाट नहीं दिए गए। एसी वर्ग के लोगों को जो प्लाट दिए गए वह जोहड़ की जमीन में दे दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार जोहड़ की जमीन को किसी अन्य उपयोग में नहीं लाया जा सकता। इस बारे में 2010 में उच्च न्यायालय की ओर से इस बारे में सभी विभागों को गाइड लाइन भी जारी की गई थी। मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि जोहड़ की जमीन पर प्लाट काटने के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। जोहड़ की जमीन पर काटे गए प्लाट खाली कराए जाएं। मंत्री के यह आदेश फाइलों में पहुंचने से पहले ही बदल गए। अधिकारियों ने मीटिंग की मिनटस तैयार कर मंत्री को भेजी, जिसमें मंत्री के आदेशों का मतलब ही बदल दिया गया। जिला पंचायत विकास विभाग की ओर से अब प्रभुवाला गांव में पंचायती जमीन पर कब्जे हटाने का निर्देश दिया गया है। बीसी वर्ग के लोगों को प्लाट देने के बारे में उचित कार्यवाही के लिए लिखा है। जोहड़ की जमीन पर काटे गए प्लाट खाली कराने के बारे में कोई उल्लेख नहीं है।
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मैं पांच बजे तक ही सरकारी अधिकारी
इस बारे में डीडीपीओ अरविंद मलिक को फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि वह पांच बजे तक ही सरकारी अधिकारी हैं। इसके बाद किसी का फोन नहीं सुनते। इसके बाद कोई सरकारी काम भी नहीं करते।
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