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हिसार: मास्टर चाबी देकर रिपेयरिंग के लिए भेजा, मौका मिलते ही खाली कर दिया था लॉकर
Sun, 12 Feb 2023 05:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 12 Feb 2023 05:11 AM IST
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हिसार। बैंक लॉकर से सोने के जेवरात और डायमंड सेट चोरी करने का पकड़ा गया आरोपी पुलिस टीम के साथ।
हिसार। रेलवे मार्ग पर एसबीआई की शाखा के एक लॉकर से 70 तोले सोना और डायमंड के तीन सेट चोरी करने के मामले में वाहन चोरी निरोधक टीम ने एमसी कॉलोनी में रहने वाले आरोपी कृष्ण सोनी को पकड़ा है। बैंक के अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस ने षडयंत्र रचने की धारा भी जोड़ी है। पकड़े गए आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी ने दिल्ली और लुधियाना में अपने रिश्तेदारों के पास चोरी किए गए जेवरात छुपाए हुए हैं। रिमांड के दौरान जेवरात बरामद करना है।
मास्टर चाबी के साथ 20-25 चाबी देकर भेजा
डीएसपी कप्तान सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आरोपी 60 साल का कृष्ण सोनी 25 साल से बैंक के लॉकर रिपेयरिंग करने का काम करता है। आरोपी लगभग सभी बैंकों के लॉकर रिपेयरिंग करने के लिए जाता रहता है। किसी भी बैंक में लॉकर की रिपेयरिंग हो या चाबी लगवानी हो तो बैंक कर्मचारी इसे बुलाते है। बैंक कर्मी इसे ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड दोनों तरफ बुलाते हैं। नवंबर माह में एसबीआई की शाखा के अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कृष्ण सोनी को लॉकर रिपेयरिंग के लिए बुलाया था। उस समय उसे मास्टर चाबी के साथ 20-25 चाबी और दी थी।
न एंट्री, न कोई कर्मचारी भेजा
डीएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया कि बैंक की तरफ से कृष्ण सोनी को करीब 50 से 60 खाली लॉकर की रिपेयरिंग करने के लिए बुलाया गया था। उसके बाद उसे मास्टर चाबी के साथ अन्य चाबी भी दे दी गई। आरोपी नवंबर और दिसंबर में सात दिन तक बैंक के अंदर आता-जाता रहा। इस दौरान बैैंक के किसी भी रजिस्टर में आरोपी की कोई एंट्री नहीं हुई और न ही उसकी तलाशी ली गई। हैरान करने वाली बात ये है कि जब लॉकर रिपेयरिंग के लिए चाबी दी गई तो उसके साथ कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं गया और न ही वीडियोग्राफी की गई।
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एक दिन के 1500 रुपये मिले
एएसआई रोहताश सिंह ने बताया कि आरोपी कृष्ण को बैंक की तरफ से एक दिन के 1500 रुपये दिए गए थे। सात दिन तक आरोपी ने वहां पर काम किया गया। रुपये आरोपी के खाते में डाले गए। पूछताछ के दौरान बैंक के अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत भी सामने आई है। आरोपी ने दिल्ली और लुधियाना में अपने रिश्तेदारों के पास जेवरात छिपाए हुए हैं।
कंपनी में कर चुका है 20 साल तक काम
पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी कृष्ण सोनी ने करीब 20 साल तक रेडक्रॉस मार्केट में एक कंपनी में लॉकर रिपेयरिंग और चाबी बनाने का काम किया था। 1995 के बाद से बैंक में लॉकर रिपेयरिंग का काम करता आ रहा है। आरोपी शराब पीने का आदी भी है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में एसआई नरसिंह, एएसआई रोहताश सिंह, सिपाही राममेहर, अनिल कुमार और सोनू शामिल थे।
कैसे खोला लॉकर, पूछताछ में चलेगा पता
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने लॉकर को कैसे खोला इस बारे में रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा ये भी पूछा जाएगा कि बैंक के किस अधिकारी या कर्मचारी ने मदद की है।
यह था मामला
मुलतानी चौक निसासी आशा रानी ने 30 दिसंबर 2022 को रेलवे मार्ग स्थित एसबीआई की शाखा में अपना लॉकर 318 चेक करने के लिए आई थी। जब लॉकर खोला तो वह खाली था। अंदर रखे हुए 70 तोले सोने के जेवरात और डायमंड के तीन सेट गायब थे। उन्होंने बताया था कि 10 नवंबर 2022 को लॉकर चेक किया था उस समय जेवरात अंदर थे। एचटीएम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया था। उसके बाद जांच वाहन चोरी निरोधक पुलिस टीम को सौंपी गई थी।
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मास्टर चाबी के साथ 20-25 चाबी देकर भेजा
डीएसपी कप्तान सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आरोपी 60 साल का कृष्ण सोनी 25 साल से बैंक के लॉकर रिपेयरिंग करने का काम करता है। आरोपी लगभग सभी बैंकों के लॉकर रिपेयरिंग करने के लिए जाता रहता है। किसी भी बैंक में लॉकर की रिपेयरिंग हो या चाबी लगवानी हो तो बैंक कर्मचारी इसे बुलाते है। बैंक कर्मी इसे ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड दोनों तरफ बुलाते हैं। नवंबर माह में एसबीआई की शाखा के अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कृष्ण सोनी को लॉकर रिपेयरिंग के लिए बुलाया था। उस समय उसे मास्टर चाबी के साथ 20-25 चाबी और दी थी।
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न एंट्री, न कोई कर्मचारी भेजा
डीएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया कि बैंक की तरफ से कृष्ण सोनी को करीब 50 से 60 खाली लॉकर की रिपेयरिंग करने के लिए बुलाया गया था। उसके बाद उसे मास्टर चाबी के साथ अन्य चाबी भी दे दी गई। आरोपी नवंबर और दिसंबर में सात दिन तक बैंक के अंदर आता-जाता रहा। इस दौरान बैैंक के किसी भी रजिस्टर में आरोपी की कोई एंट्री नहीं हुई और न ही उसकी तलाशी ली गई। हैरान करने वाली बात ये है कि जब लॉकर रिपेयरिंग के लिए चाबी दी गई तो उसके साथ कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं गया और न ही वीडियोग्राफी की गई।
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एक दिन के 1500 रुपये मिले
एएसआई रोहताश सिंह ने बताया कि आरोपी कृष्ण को बैंक की तरफ से एक दिन के 1500 रुपये दिए गए थे। सात दिन तक आरोपी ने वहां पर काम किया गया। रुपये आरोपी के खाते में डाले गए। पूछताछ के दौरान बैंक के अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत भी सामने आई है। आरोपी ने दिल्ली और लुधियाना में अपने रिश्तेदारों के पास जेवरात छिपाए हुए हैं।
कंपनी में कर चुका है 20 साल तक काम
पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी कृष्ण सोनी ने करीब 20 साल तक रेडक्रॉस मार्केट में एक कंपनी में लॉकर रिपेयरिंग और चाबी बनाने का काम किया था। 1995 के बाद से बैंक में लॉकर रिपेयरिंग का काम करता आ रहा है। आरोपी शराब पीने का आदी भी है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में एसआई नरसिंह, एएसआई रोहताश सिंह, सिपाही राममेहर, अनिल कुमार और सोनू शामिल थे।
कैसे खोला लॉकर, पूछताछ में चलेगा पता
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने लॉकर को कैसे खोला इस बारे में रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा ये भी पूछा जाएगा कि बैंक के किस अधिकारी या कर्मचारी ने मदद की है।
यह था मामला
मुलतानी चौक निसासी आशा रानी ने 30 दिसंबर 2022 को रेलवे मार्ग स्थित एसबीआई की शाखा में अपना लॉकर 318 चेक करने के लिए आई थी। जब लॉकर खोला तो वह खाली था। अंदर रखे हुए 70 तोले सोने के जेवरात और डायमंड के तीन सेट गायब थे। उन्होंने बताया था कि 10 नवंबर 2022 को लॉकर चेक किया था उस समय जेवरात अंदर थे। एचटीएम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया था। उसके बाद जांच वाहन चोरी निरोधक पुलिस टीम को सौंपी गई थी।