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चार साल से मलेरिया-डेंगू का डंक हुआ कमजोर, इस साल नहीं मिला एक भी केस
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हिसार। कभी मलेरिया-डेंगू के कहर से जूझ रहे जिले के लिए इस साल राहत है। पिछले चार साल से दोनों बीमारियों के आंकड़ों में कमी आई है। वहीं, ऐसा पहली बार है कि जनवरी से अब तक जिले में मलेरिया-डेंगू का एक भी केस नहीं मिला है। साल 2020 में मलेरिया के सिर्फ 2 और डेंगू के 117 केस सामने आए थे।
बता दें कि 2017 से लेकर अब तक चिकुनगुनिया के शून्य केस है। मलेरिया-डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग लारवा एक्टिविटी करने, लारवा मिलने पर नोटिस देने एवं स्लाइड बनाने पर अधिक जोर देगा। इस बारे में मलेरिया विभागीय अधिकारियों ने वीरवार सुबह बैठक की। बैठक में नोडल डॉ. सुभाष खतरेजा, डॉ. नरेंद्र भुक्कल, हेल्थ इंस्पेक्टर आरडी जांगड़ा, सुखबीर सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
विभाग में रोज मलेरिया की जांच के लिए संदिग्ध 100 स्लाइड आ रही हैं। दूसरी ओर इस माह में करीब 20 डेंगू के सैंपल आ चुके हैं। इस साल डेंगू के कुल 31 सैंपल आए हैं। यह एलाइजा टेस्ट होता है, जिसकी रिपोर्ट करीब 6 घंटों के अंतराल में आती है। राहत की बात यह है कि इस साल में अब तक मलेरिया-डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। विभाग की ओर से लारवा मिलने पर 1107 लोगों को नोटिस थमाए गए हैं।
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सात साल के आंकड़ों पर एक नजर
साल मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया
2015 199 1140 00
2016 198 496 180
2017 168 538 00
2018 25 282 00
2019 46 116 00
2020 02 117 00
2021 00 00 00
1107 लोगों को लारवा मिलने पर दिए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बार 1107 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिनके घरों में लारवा मिला। शुरू में नोटिस देने का सिलसिला बढ़ गया था, क्योंकि ज्यादातर घरों में लारवा मिल रहा था। इसके बाद लोगों में जागरूकता आई तो नोटिस में भी कमी आई। लारवा मिलने पर मच्छरजैनित बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक होगी।
सभी को रूटीन की एक्टिविटी बढ़ाने, ज्यादा से ज्यादा स्लाइड बनाने एवं लारवा मिलने पर नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं। जिले में अभी तक डेंगू व मलेरिया के शून्य केस है। इस माह में डेंगू के 20 सैंपल जांच के लिए आ चुके है। सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। - डॉ. सुभाष खतरेजा, नोडल अधिकारी, आईडीएसपी विभाग, हिसार।
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बता दें कि 2017 से लेकर अब तक चिकुनगुनिया के शून्य केस है। मलेरिया-डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग लारवा एक्टिविटी करने, लारवा मिलने पर नोटिस देने एवं स्लाइड बनाने पर अधिक जोर देगा। इस बारे में मलेरिया विभागीय अधिकारियों ने वीरवार सुबह बैठक की। बैठक में नोडल डॉ. सुभाष खतरेजा, डॉ. नरेंद्र भुक्कल, हेल्थ इंस्पेक्टर आरडी जांगड़ा, सुखबीर सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
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विभाग में रोज मलेरिया की जांच के लिए संदिग्ध 100 स्लाइड आ रही हैं। दूसरी ओर इस माह में करीब 20 डेंगू के सैंपल आ चुके हैं। इस साल डेंगू के कुल 31 सैंपल आए हैं। यह एलाइजा टेस्ट होता है, जिसकी रिपोर्ट करीब 6 घंटों के अंतराल में आती है। राहत की बात यह है कि इस साल में अब तक मलेरिया-डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। विभाग की ओर से लारवा मिलने पर 1107 लोगों को नोटिस थमाए गए हैं।
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सात साल के आंकड़ों पर एक नजर
साल मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया
2015 199 1140 00
2016 198 496 180
2017 168 538 00
2018 25 282 00
2019 46 116 00
2020 02 117 00
2021 00 00 00
1107 लोगों को लारवा मिलने पर दिए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बार 1107 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिनके घरों में लारवा मिला। शुरू में नोटिस देने का सिलसिला बढ़ गया था, क्योंकि ज्यादातर घरों में लारवा मिल रहा था। इसके बाद लोगों में जागरूकता आई तो नोटिस में भी कमी आई। लारवा मिलने पर मच्छरजैनित बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक होगी।
सभी को रूटीन की एक्टिविटी बढ़ाने, ज्यादा से ज्यादा स्लाइड बनाने एवं लारवा मिलने पर नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं। जिले में अभी तक डेंगू व मलेरिया के शून्य केस है। इस माह में डेंगू के 20 सैंपल जांच के लिए आ चुके है। सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। - डॉ. सुभाष खतरेजा, नोडल अधिकारी, आईडीएसपी विभाग, हिसार।