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रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर लगी प्रवासी श्रमिकों की लंबी लाइनें, नहीं रखी सामाजिक दूरी

Fri, 08 May 2020 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2020 12:15 AM IST
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Long lines of migrant workers on the road outside the railway station, no social distance maintained
ट्रेन को रवाना करने रेलवे स्टेशन पर पहुंचे डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा, विधायक कमल गुप्ता, डीसी डॉ. ? - फोटो : Hisar
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को अपने घर भेजने के लिए वीरवार को हिसार से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए दूसरे दिन श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना की गई। ट्रेन में बैठे श्रमिकों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। हर कोई श्रमिक अपने घर जाने के लिए बेताब नजर आ रहा था। मगर रेलवे स्टेशन के अंदर और बाहर सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ती नजर आईं।
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हालात यह रहे कि पहली बार स्टेशन के बाहर प्रवासी मजदूरों की लाइन लग गई। इस दौरान सामाजिक दूरी नजर नहीं आई। वहीं दूसरी बार डिप्टी स्पीकर व विधायक प्लेटफार्म पर पहुंचे, उस समय भी वहां भीड़ लग गई। उधर, मजदूरों को लाने वाली बसों को बाहर सड़क पर ही खड़ा कर दिया गया। इस कारण कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही।
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दरअसल, वीरवार को हिसार से मुजफ्फरपुर के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना की गई। दोपहर दो बजे प्लेटफार्म नंबर-1 से रवाना हुई ट्रेन को डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा, विधायक डॉ. कमल गुप्ता और मेयर गौतम सरदाना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीसी डॉ. प्रियंका सोनी और एसपी गंगाराम पूनिया भी मौजूद रहे। स्पेशल ट्रेन में 1200 प्रवासी श्रमिकों को निशुल्क भेजा गया। इससे पहले बुधवार को भी एक ट्रेन हिसार से कटिहार के लिए भेजी गई थी।
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ट्रेन में सीटें न बचने के कारण कुछ मजदूरों को वापस भेजा
कई प्रवासी मजदूरों को ट्रेन में बैठाने के लिए अन्य जिलों से हिसार लाया गया था। मगर ट्रेन में सीटें न बचने के कारण उन्हें वापस भेज दिया गया। अब उन्हें बाद में ट्रेन में भिजवाया जाएगा। वहीं ट्रेन चलने की सूचना पर रेलवे स्टेशन के बाहर भी लोगों की भीड़ लग गई। मगर ट्रेन में उन्हीं मजदूरों को बैठाया गया, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ था।
बिहार के इन आठ जिलों के भेजे गए श्रमिक
पश्चिमी चंपारण के 338, मुजफ्फरपुर के 266, दरभंगा के 185, गोपालगंज के 38, पूर्वी चंपारण के 172, शिवहर के 26, मधुबनी के 82, सीतामढ़ी के 93 श्रमिक भेजे गए।
कई कर्मियों को उपलब्ध नहीं करवाए सैनिटाइजर और मास्क
वहीं रेलवे में काम करने वाले कई कर्मचारियों को प्रशासन की ओर से ना तो सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए गए हैं और न ही उन्हें मास्क दिए गए। वीरवार को जब डिप्टी स्पीकर, विधायक और मेयर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर वापस जाने लगे तो रेलवे कर्मी मोनू सैनी ने विधायक गुप्ता से कहा कि साहब, हमें मास्क-सैनिटाइजर नहीं दिए गए। इस पर विधायक ने कहा कि आपको मास्क और सैनिटाइजर दिला दिया जाएगा।
श्रमिकों ने ट्रैक पर फेंक दिए भोजन के खाली लिफाफे
रेलवे स्टेशन पर वीरवार को गुरुद्वारा और विभिन्न संस्थाओं की ओर से भी श्रमिकों को खाना खिलाया गया। मगर खाना खाने के बाद श्रमिकों ने सफाई का ध्यान नहीं रखा। श्रमिकों ने खाली लिफाफे ट्रैक पर ही फेंक दिए।
प्रवासी श्रमिक हमारे मेहमान : गंगवा
डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि सभी प्रवासी श्रमिक हरियाणा प्रदेश के मेहमान थे और लॉकडाउन खुलने के बाद परिस्थितियां सामान्य होने पर ये फिर अपने कार्य स्थलों पर लौट आएंगे। विधायक ने कहा कि हरियाणा में रहने वाले जो प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं, वे ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। उन्हें आगामी दिनों में स्पेशल ट्रेन के माध्यम से उनके घर तक भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी।
हाथ सैनिटाइज करवाकर भोजन-पानी दिया गया : उपायुक्त
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि ट्रेन में जींद, कैथल, गुरुग्राम, करनाल, भिवानी, नारनौल, पानीपत, अंबाला, रोहतक, झज्जर, यमुनानगर, हिसार, दादरी व हांसी के 1200 श्रमिकों को 37 बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां इन सबकी जांच की गई व हाथों को सैनिटाइज करवाकर भोजन व पानी दिया गया। प्रत्येक श्रमिक की स्कैनिंग करके उन्हें मास्क भी उपलब्ध करवाए गए। रेलवे की ओर से प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को 580 रुपये का टिकट मुहैया कराया गया। इस स्पेशल ट्रेन के लिए सरकार द्वारा 6.96 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। सफर के दौरान दिल्ली में इन्हें रेलवे द्वारा खाना उपलब्ध करवाया जाएगा।

वर्जन
हिसार से दो ही ट्रेनेें चलाने की प्लानिंग आई थी। दोनों ट्रेनें भेजी जा चुकी हैं। अभी हमारे पास कोई अन्य ट्रेन चलाने की प्लानिंग नहीं आई है।
- जितेंद्र मीणा, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल, रेलवे
वर्जन
सभी श्रमिकों को आराम से ट्रेन में बैठाया गया। किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। दूसरे दिन भी सभी प्रवासी श्रमिकों को निशुल्क यात्रा करवाई गई।
- दयानंद वर्मा, टीटीआई, रेलवे
ये रहे मौजूद
एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश, नारनौंद एसडीएम विकास यादव, नगर निगम के अधीक्षक अभियंता रामजीलाल, स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी, सीएमआई संदीप मीणा, आरपीएफ एसएचओ बीरबल यादव, एएसआई सुरेश कुमार, जीआरपी से एसएचओ प्रदीप कुमार, डीएसपी गुरदयाल सिंह, एसआई राधेश्याम, एसआई रोहताश, एसआई अनिल, एसआई राजेंद्र, एसआई नरेश कुमार, प्रधान सिपाही सुनीता, एएआई ऊषा, प्रधान सिपाही मीना कुमारी आदि मौजूद रहे।
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