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लुवास ने किया अपना पहला अंतरराष्ट्रीय करार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Sat, 29 Aug 2015 01:15 AM IST
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लुवास विश्वविद्यालय ने यूनाइटेड किंगडम के पशु रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए ख्याति प्राप्त पिरब्राइट संस्थान के साथ समझौता किया है।
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यह समझौता लुवास के कुलपति मेजर जनरल डॉ. श्रीकांत और पिरब्राइट संस्थान के निदेशक प्रो. जॉन फजकरली ने लुवास के अनुसंधान निदेशक डॉ. रविंद्र शर्मा व वैज्ञानिक डॉ. सुशीला मान व डॉ. नरेंद्र मान तथा पिरब्राइट संस्थान के वैज्ञानिक प्रो. ब्रायन चार्ल्सटन, प्रो. पीटर मार्टिन व प्रो. सत्या पारीदा की उपस्थिति में किया गया।
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इस समझौते से दोनों संस्थानों में अनुसंधान सहयोग और वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों के आदान प्रदान से अनुसंधान एवं शिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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इसके साथ शिक्षण कौशल, ज्ञान, तकनीक का आदान प्रदान होगा। लुवास के कुलपति डॉ. श्रीकांत ने बताया कि बढ़ते वैश्वीकरण के समय में अपने वैज्ञानिक ज्ञान व क्षमताओं के बेहतर दोहन के लिए और देश की समग्र तरक्की के लिहाज से ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौते बड़े कारगर साबित होते हैं।
इस समझौते से लुवास की वैश्विक पहचान बनेगी और अनुसंधान के लिए नए विकल्प खुलेंगे। जानकारी के अनुसार ब्रिटेन का पिरब्राइट संस्थान दुनिया में अपने यहां पशुओं में होने वाले विषाणु रोगों पर अनुसंधान के लिए प्रसिद्ध है। पशुओं में होने वाले विषाणु रोगों जैसे मुंहखुर रोग, स्वाइन फीवर तथा इनफ्लुएंजा पर इस संस्थान में अनुसंधान की सुविधाएं उपलब्ध हैं।