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Haryana: हिसार समेत सात जिलों में खरीफ फसलों का नहीं होगा बीमा, कोई भी कंपनी तैयार नहीं
Mon, 17 Jun 2024 06:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Updated Mon, 17 Jun 2024 06:33 PM IST
सार
हरियाणा में क्लस्टर 2 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कोई कंपनी नहीं आई। जिसके चलते इस क्लस्टर के 7 जिलों में बीमा नहीं हो पा रहा।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
हरियाणा के हिसार जिले के दो लाख से अधिक किसान खरीफ फसल धान, कपास, बाजरा, ग्वार आदि की बिजाई करते हैं। जिसमें 3.18 लाख एकड़ में कपास की बिजाई हो चुकी है। अगले महीने धान, ग्वार, बाजरे की बिजाई होगी।
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अगर इन फसलों को प्राकृतिक आपदा से कोई नुकसान हुआ तो उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। हिसार सहित 7 जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए इस बार भी कोई कंपनी नहीं आई है। अगर आंधी, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि, बाढ़, बेमौसमी बारिश, गुलाबी सुंडी, उखेड़ा से फसलों को नुकसान हुआ तो किसान पूरी तरह से सरकार के रहमोकरम पर निर्भर होंगे।
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वर्ष 2016 में पूरे देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू हुई थी। इस योजना का मकसद सभी किसानों की फसलों का बीमा करना और कृषि जोखिम को कम करना था। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं और कीटों या बीमारियों के कारण फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को बीमा और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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शुरुआत में तो किसानों ने इसका विरोध किया, लेकिन बीमा कंपनियों ने अच्छा खासा क्लेम दिया तो किसान इसकी ओर आकर्षित हुए। शुरुआत में यह सभी के लिए लागू की गई, लेकिन बाद में इसे स्वैच्छिक कर दिया गया था।
400 करोड़ मुआवजा देना पड़ा तो कंपनियों ने खींच लिया हाथ
इस योजना के तहत प्रदेश के 21 जिलों को 3 क्लस्टर में बांट कर बीमा का लाभ दिया जाता है। हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, सोनीपत, जींद क्लस्टर-2 में हैं। 2021-22 में बीमा कंपनियों को हिसार, भिवानी में 400 करोड़ से अधिक का मुआवजा देना पड़ा तो बीमा कंपनी ने क्लस्टर-2 में बीमा करने से इन्कार कर दिया। खरीफ 2023-24 के लिए कोई कंपनी नहीं आई। प्रदेश सरकार ने किसानों को आखिरी महीने में बीमा की वैकल्पिक सुविधा दी थी। जिसमें अधिकतर किसान आवेदन ही नहीं कर पाए। अब 2024-25 के लिए भी कोई कंपनी बीमा करने को तैयार नहीं है। बीमा कंपनियां खरीफ फसल की कपास, धान, बाजरा, मूंग की फसल का बीमा करती हैं।
14 जिलों को मिल रहा फायदा
क्लस्टर एक में पंचकूला, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी शामिल हैं। क्लस्टर तीन में यमुनानगर, पानीपत, पलवल, रोहतक, फतेहाबाद, झज्जर, मेवात और चरखी दादरी शामिल हैं। इन सभी जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चल रही है।
वर्ष बीमा कराने वाले
2016-17 132117
2017-18 156764 260051461 901288665 1272480647 46946 232495
2018-19 179459 305255357 179.496080 1307523195 55879 260400
2019-20 206803 350731599 2385094135 1918307111 78162 243375
2020-21 208188 580277561 1996621687 2284325059 70950 257462
2021-22 203605 544509057 192.1070711 2819462169 86459 244440
कुल 1086936 2257587167 9648676133 10024267855 237531 1453335
क्लस्टर 2 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कोई कंपनी नहीं आई। जिसके चलते इस क्लस्टर के 7 जिलों में बीमा नहीं हो पा रहा। इस बारे में मुख्यालय की ओर से ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पिछले वर्ष सरकार ने प्रीमियम लेकर बीमा किया था। इस बार अभी तक कोई निर्देश नहीं आए हैं। -डॉ. राजबीर सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग, हिसार।