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Hisar News: पावरलिफ्टिंग में नेशनल चैंपियन बनीं भाटोल जाटान की ज्योति
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विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित करते आयोजक।
बास। गांव भाटोल जाटान की बेटी ज्योति बामल ने पावरलिफ्टिंग के राष्ट्रीय मंच पर अपनी ताकत और प्रतिभा का ऐसा लोहा मनवाया। कर्नाटक के देवांगरी में 22 से 30 जून तक हुई जूनियर व सब-जूनियर पावरलिफ्टिंग नेशनल चैंपियनशिप में ज्योति ने 84 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेते हुए 530 किलोग्राम भार उठाया और स्क्वॉट, बेंच प्रेस व डेडलिफ्ट में गोल्ड मेडल जीते।
ज्योति इस समय भिवानी स्थित भीम स्टेडियम में कोच गोपाल कृष्ण से प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच गोपाल ने बताया कि ज्योति बेहद मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी है, जिसने अपने समर्पण और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में ज्योति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगी। ज्योति की इस उपलब्धि पर उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटीं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीं।
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पिता नसीब बामल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक दिन नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीतेगी। आज पूरे गांव और जिले में हमारा सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
बेटी मेहनत और जज्बा देखकर भर आती हैं आंखें
मां शीला पूनिया ने भावुक होते हुए कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होती ज्योति ने यह साबित कर दिखाया है। बेटी मेहनत और जज्बा देखकर आंखें भर आती हैं। पूर्व सरपंच अनिल बामल ने कहा कि बेटियों की ऐसी उपलब्धियां पूरे समाज को दिशा देने का काम करती हैं। ज्योति बामल आज हर उस बेटी के लिए मिसाल बन चुकी है जो सपनों को हकीकत में बदलना चाहती है।
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ज्योति इस समय भिवानी स्थित भीम स्टेडियम में कोच गोपाल कृष्ण से प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच गोपाल ने बताया कि ज्योति बेहद मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी है, जिसने अपने समर्पण और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
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उन्होंने कहा कि यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में ज्योति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगी। ज्योति की इस उपलब्धि पर उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटीं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीं।
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पिता नसीब बामल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक दिन नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीतेगी। आज पूरे गांव और जिले में हमारा सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
बेटी मेहनत और जज्बा देखकर भर आती हैं आंखें
मां शीला पूनिया ने भावुक होते हुए कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होती ज्योति ने यह साबित कर दिखाया है। बेटी मेहनत और जज्बा देखकर आंखें भर आती हैं। पूर्व सरपंच अनिल बामल ने कहा कि बेटियों की ऐसी उपलब्धियां पूरे समाज को दिशा देने का काम करती हैं। ज्योति बामल आज हर उस बेटी के लिए मिसाल बन चुकी है जो सपनों को हकीकत में बदलना चाहती है।