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जीजेयू : फीस वृद्धि के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर विद्यार्थी
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जीजेयू में फीस वृद्धि के खिलाफ धरने पर बैठे विद्यार्थी।
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के विद्यार्थियों ने फीस वृद्धि, छात्रावास और अन्य समस्याओं के विरोध में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले दो वर्षों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में बेतहाशा वृद्धि की है, जो प्रदेश के अन्य सरकारी विश्वविद्यालयों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक है।
क्रांतिकारी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने कहा कि जब तक फीस में की गई वृद्धि को वापस नहीं लिया जाता, धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थी पहले सिटी गेट तक पहुंचे, जहां धरना दिया। इसके बाद कुलपति कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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प्रो. अनिल भानखड़, प्रो. संजीव कुमार और प्रो. संदीप ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, छात्र फीस वापसी की ठोस घोषणा की मांग को लेकर अड़े रहे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण और सस्ती शिक्षा हमारा हक है।
विद्यार्थियों ने बताया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) समेत अन्य सरकारी विश्वविद्यालयों में जहां स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस तुलनात्मक रूप से कम है, वहीं जीजेयू में यह आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए बड़ी बाधा बन चुकी है।
छात्रावास के एक कमरे में रहने को मजबूर 5-6 लड़कियां : प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि हजारों विद्यार्थियों को प्रवेश लेने के बावजूद विश्वविद्यालय में छात्रावास नहीं मिला, जिससे उन्हें बाहर महंगे और असुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त छात्रावास शुल्क और भोजन (मेस) शुल्क भी अत्यधिक हैं। छात्राओं के हॉस्टल में तो और भी बुरा हाल है। एक कमरे में 5-6 लड़कियों का रखा जा रहा है।
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आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले दो वर्षों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में बेतहाशा वृद्धि की है, जो प्रदेश के अन्य सरकारी विश्वविद्यालयों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक है।
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क्रांतिकारी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने कहा कि जब तक फीस में की गई वृद्धि को वापस नहीं लिया जाता, धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थी पहले सिटी गेट तक पहुंचे, जहां धरना दिया। इसके बाद कुलपति कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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प्रो. अनिल भानखड़, प्रो. संजीव कुमार और प्रो. संदीप ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, छात्र फीस वापसी की ठोस घोषणा की मांग को लेकर अड़े रहे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण और सस्ती शिक्षा हमारा हक है।
विद्यार्थियों ने बताया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) समेत अन्य सरकारी विश्वविद्यालयों में जहां स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस तुलनात्मक रूप से कम है, वहीं जीजेयू में यह आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए बड़ी बाधा बन चुकी है।
छात्रावास के एक कमरे में रहने को मजबूर 5-6 लड़कियां : प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि हजारों विद्यार्थियों को प्रवेश लेने के बावजूद विश्वविद्यालय में छात्रावास नहीं मिला, जिससे उन्हें बाहर महंगे और असुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त छात्रावास शुल्क और भोजन (मेस) शुल्क भी अत्यधिक हैं। छात्राओं के हॉस्टल में तो और भी बुरा हाल है। एक कमरे में 5-6 लड़कियों का रखा जा रहा है।