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ज्वेलर को गोली मारने के आरोपी के पिता ने की खुदकुशी
hisar, narnaund
Updated Sat, 28 Jun 2014 12:01 AM IST
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सर्राफ को दिनदहाड़े गोली मारने के मामले में एक और मोड़ आ गया है। आरोपी नीरज उर्फ टिंडा के पिता और नारनौंद थाने में होमगार्ड धर्मबीर ने इस प्रकरण से दुखी होकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने आरोप लगाया है कि सुनार से कोई चौथ वसूली का मामला नहीं था। धर्मबीर ने एसपी और एसएचओ से पुलिस द्वारा नीरज मामले में परिवार के लोगों को तंग नहीं करने की गुहार लगाई है।
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23 जून को नारनौंद के पुराने बाजार में एक सर्राफा व्यापारी बालकिशन को मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी और मौके से फरार हो गए थे। सर्राफा व्यापारी के बेटे ने इस मामले में पुलिस में बयान दर्ज करवाया था कि नारनौंद निवासी नीरज उर्फ टिंडा ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसके पिता पर गोली चलाई है।
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तभी से टिंडा का पिता धर्मबीर सदमे में था और वह अकसर गुमसुम सा रहता था। बृहस्पतिवार देर शाम को वह सिसाय अपनी रिश्तेदारी में गया हुआ था। वहीं पर देर रात को उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसे गंभीर हालत में हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर उसने देर रात दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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धर्मबीर के सुुसाइड नोट में लिखा है कि मैं एसएचओ और डीएसपी साहब को नीरज मामले में सारी सच्चाई बता चुका हूं। पिछले साल बालू सुनार की दुकान पर कुछ लड़के पैसा मांगने के लिए आए थे। इनमें से एक को मेरे बेटे नीरज ने पकड़ा था और पुलिस के हवाले कर दिया था।
वह लड़का इस समय जेल में है और इस बात का पूरा गांव गवाह है। उसी दिन से वह लड़का मेरे बेटे से रंजिश रखने लगा। उस मामले में जब कोर्ट में गवाई हुई तो बालू सुनार उर्फ बालकिशन अपनी गवाही से मुकर गया। मेरे बेटे ने कई बार उससे गवाही देने के लिए मनाया। मेरे जाने के बाद मेरे परिवार की देखरेख पुलिस करे और परिवार को तंग न करे।