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जाट संस्था के चुनाव में उतरे तीनों ही प्रोफेसर को नकारा
amarujala/Hisar
Updated Mon, 08 May 2017 12:51 AM IST
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जाट संस्था के चुनाव में उतरे तीनों ही प्रोफेसर को मतदाताओं ने नकार दिया। प्रधान पद के लिए प्रत्याशी रहे प्रोफेसर केएल रिणवा अपने चेले सतपाल पालू से एक तिहाई वोट ही हासिल कर सके। जाट संस्था के चुनाव में तीन इस कॉलेज में प्रोफेसर केएल रिणवा, जिले सिंह गोयत और मनदीप मलिक अपना भाग्य आजमाने उतरे थे। तीनों अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़ रहे थे। केएल रिणवा प्रधान, मनदीप मलिक उपप्रधान तथा जिले सिंह गोयत महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। तीनों ही प्रोफेसर को हार का मुंह देखना पड़ा। इनमें सबसे अधिक वोट मनदीप मलिक को हासिल हुए। मनदीप को 72 वोट आए। जिले सिंह गोयत को 28 वोट आए। केएल रिणवा को सबसे कम महज 23 वोट ही आए। इस चुनाव में प्रधान पद पर जीत हासिल करने वाले सतपाल पालू जाट कॉलेज के ही स्टूडेंट रहे हैं। यहां से बीए करने के समय प्रोफेसर केएल रिणवा उन्हें अंग्रेजी पढ़ाते थे। अब तीनों ही प्रोफेसर हार के बाद मंथन करने में जुटे हैं।
72 मतदाताओं का जताया आभार
भाजपा निगरानी समिति के अध्यक्ष मनदीप मलिक ने कहा कि कुल 199 कॉलेजियम में से उन्हें 72 मतदाताओं के वोट मिले। इन सभी मतदाताओं का आभार जाते हुए कहा कि उन्हें प्रधान से अधिक लोगों का समर्थन मिला है। जीत हासिल करने वाले प्रधान को महज 66 वोट आए हैं। इस लिहाज से उन पर प्रधान से छह अधिक कॉलेजियम ने भरोसा जताया है। मनदीप मलिक ने कहा कि जाट संस्था तथा समाज के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।
अजमेर ढांडा को सबसे ज्यादा वोट
वोट संख्या के हिसाब से बात करें तो सबसे अधिक 94 मत अजमेर ढांडा को मिले। इसके बाद दूसरा नंबर प्रविंद्र मलिक को 89 वोट मिले। तीसरा नंबर दिलदार को 82 वोट आए। चौथा नंबर मनदीप मलिक को 72 वोट आए। पांचवें नंबर पर थंबू सिंह को 71 वोट आए। प्रधान पद के प्रत्याशी अजमेर सिंह ने सबसे कम दो वोट लेने का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद प्रधान पद के ही प्रत्याशी रोहित मलहान तीन वोट पर सिमट गए। महासचिव पद के प्रत्याशी कृष्ण पूनिया को चार और उपप्रधान पद के प्रत्याशी मनोज को पांच वोट आए।
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इनेलो संगठन रहा सक्रिय
जीत पक्की करने के लिए इनेलो जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, जाट शिक्षण संस्थाओं के पूर्व प्रधान डॉ. टीसी कुंडू, पूर्व प्रधान पूर्ण सिंह डाबड़ा, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, युवा जिला प्रधान अमित बूरा, इनसो के जिला प्रधान सिल्क पूनिया सहित अन्य पदाधिकारियों की जाट कॉलेज के बाहर टेंट में ड्यूटी थी।
कोई नहीं आया भाजपा संगठन से....
भाजपा की ओर से लगाए गए टेंट में अजय सिंधु, जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव के बेटे हेमंत, को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन शशि ढाका, सतपाल श्योराण सहित अन्य लोगों की ड्यूटी लगाई थी। भाजपा संगठन की ओर से कोई नहीं आया। पूर्व प्रधान नरेंद्र लांबा भी यहां अपने बेटे के लिए अपील करते दिखे।
मतदाताओं को कराया लंच
इनेलो, भाजपा और जगजीत जंगी के स्टॉल में खाना उपलब्ध कराया गया था। इनेलो के टेंट में मतदाताओं को वोट डालने जाने से पहले ही इमरती जलेबी-लड्डू दिए जा रहे थे। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स और पेयजल भी टेंट में उपलब्ध था।
एलान से पहले ही निकले समर्थक
जीत का औपचारिक एलान होने से कुछ मिनट पहले ही चुनाव अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा किसी काम से बाहर आए थे। भाजपा के लोगों ने उनसे रिपोर्ट ली तो पता लगा कि भाजपा हार चुकी है। इसके बाद सभी भाजपाई मौकेे से अपने घरों की ओर निकल लिए।
कोषाध्यक्ष के लिए दो, अन्य के एक-एक वोट रद्द
जाट संस्था के चुनाव में प्रधान पद के लिए एक, कोषाध्यक्ष के लिए दो, उपाध्यक्ष के लिए एक, महासचिव के लिए एक वोट कैंसिल हुआ। एक से अधिक स्थानों पर मोहर लगी होने के कारण यह वोट रद्द किए गए।
23 लोगों की टीम ने कराया चुनाव
चुनाव के लिए डीआरओ राजेंद्र जांगड़ा, तहसीलदार कणब, पोलिंग अफसर संदीप कुमार, विनीत जैन सहित करीब 23 लोगों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी पदों के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर बनाए गए थे। मतदान से लेकर मतगणना तक करीब छह घंटे की लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है।
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72 मतदाताओं का जताया आभार
भाजपा निगरानी समिति के अध्यक्ष मनदीप मलिक ने कहा कि कुल 199 कॉलेजियम में से उन्हें 72 मतदाताओं के वोट मिले। इन सभी मतदाताओं का आभार जाते हुए कहा कि उन्हें प्रधान से अधिक लोगों का समर्थन मिला है। जीत हासिल करने वाले प्रधान को महज 66 वोट आए हैं। इस लिहाज से उन पर प्रधान से छह अधिक कॉलेजियम ने भरोसा जताया है। मनदीप मलिक ने कहा कि जाट संस्था तथा समाज के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।
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अजमेर ढांडा को सबसे ज्यादा वोट
वोट संख्या के हिसाब से बात करें तो सबसे अधिक 94 मत अजमेर ढांडा को मिले। इसके बाद दूसरा नंबर प्रविंद्र मलिक को 89 वोट मिले। तीसरा नंबर दिलदार को 82 वोट आए। चौथा नंबर मनदीप मलिक को 72 वोट आए। पांचवें नंबर पर थंबू सिंह को 71 वोट आए। प्रधान पद के प्रत्याशी अजमेर सिंह ने सबसे कम दो वोट लेने का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद प्रधान पद के ही प्रत्याशी रोहित मलहान तीन वोट पर सिमट गए। महासचिव पद के प्रत्याशी कृष्ण पूनिया को चार और उपप्रधान पद के प्रत्याशी मनोज को पांच वोट आए।
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इनेलो संगठन रहा सक्रिय
जीत पक्की करने के लिए इनेलो जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, जाट शिक्षण संस्थाओं के पूर्व प्रधान डॉ. टीसी कुंडू, पूर्व प्रधान पूर्ण सिंह डाबड़ा, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, युवा जिला प्रधान अमित बूरा, इनसो के जिला प्रधान सिल्क पूनिया सहित अन्य पदाधिकारियों की जाट कॉलेज के बाहर टेंट में ड्यूटी थी।
कोई नहीं आया भाजपा संगठन से....
भाजपा की ओर से लगाए गए टेंट में अजय सिंधु, जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव के बेटे हेमंत, को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन शशि ढाका, सतपाल श्योराण सहित अन्य लोगों की ड्यूटी लगाई थी। भाजपा संगठन की ओर से कोई नहीं आया। पूर्व प्रधान नरेंद्र लांबा भी यहां अपने बेटे के लिए अपील करते दिखे।
मतदाताओं को कराया लंच
इनेलो, भाजपा और जगजीत जंगी के स्टॉल में खाना उपलब्ध कराया गया था। इनेलो के टेंट में मतदाताओं को वोट डालने जाने से पहले ही इमरती जलेबी-लड्डू दिए जा रहे थे। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स और पेयजल भी टेंट में उपलब्ध था।
एलान से पहले ही निकले समर्थक
जीत का औपचारिक एलान होने से कुछ मिनट पहले ही चुनाव अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा किसी काम से बाहर आए थे। भाजपा के लोगों ने उनसे रिपोर्ट ली तो पता लगा कि भाजपा हार चुकी है। इसके बाद सभी भाजपाई मौकेे से अपने घरों की ओर निकल लिए।
कोषाध्यक्ष के लिए दो, अन्य के एक-एक वोट रद्द
जाट संस्था के चुनाव में प्रधान पद के लिए एक, कोषाध्यक्ष के लिए दो, उपाध्यक्ष के लिए एक, महासचिव के लिए एक वोट कैंसिल हुआ। एक से अधिक स्थानों पर मोहर लगी होने के कारण यह वोट रद्द किए गए।
23 लोगों की टीम ने कराया चुनाव
चुनाव के लिए डीआरओ राजेंद्र जांगड़ा, तहसीलदार कणब, पोलिंग अफसर संदीप कुमार, विनीत जैन सहित करीब 23 लोगों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी पदों के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर बनाए गए थे। मतदान से लेकर मतगणना तक करीब छह घंटे की लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है।