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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का मामला: प्रिंसिपल व दो शिक्षिका बदली, हॉस्टल वार्डन के खिलाफ निदेशालय को लिखा पत्र

Wed, 13 Jul 2022 11:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 13 Jul 2022 11:44 PM IST
सार

दुर्जनपुर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं से अभद्रता और जबरन बर्तन धुलवाने व मारपीट के मामले में कार्रवाई की गई है। पीड़ित छात्राओं को अभिभावक छुट्टी दिलवाकर घर ले गए। 

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In the case of Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya, the principal and two teachers changed
मंगलवार को स्कूल के बाहर धरने पर बैठे थे लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के हिसार के दुर्जनपुर गांव के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के मामले में बुधवार को जांच कमेटी ने कार्रवाई की। कमेटी ने बालिका विद्यालय के प्रिंसिपल व दो शिक्षिकाओं का तबादला कर दिया है। वहीं हॉस्टल वार्डन को बदलने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा है। 

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दुर्जनपुर गांव में स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का कार्यभार सौंपा हैं, वहीं सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ही दो शिक्षिकाओं को बालिका विद्यालय में कार्यरत कर दिया गया है। जांच कमेटी के सदस्य ने बताया कि बालिका विद्यालय में छात्राओं को आ रही पेयजल की किल्लत, बिजली की समस्या व सफाई की समस्या को ठीक करवा दिया है। उन्होंने बताया कि छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर जो आरोप लगाए थे उनकी जांच भी जारी है। 
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जांच कमेटी ने कहा कि हॉस्टल वार्डन किसी प्राइवेट कंपनी की कर्मचारी है, कंपनी के जरिए इसको यहां कार्यरत कर रखा है। इसलिए वार्डन बदलने का पत्र निदेशालय को भेजा है। गौरतलब है कि कस्तूरबा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय के मेन गेट पर मंगलवार को ग्रामीणों ने छात्राओं को अभिभावकों ने ताला जड़ कर धरना दिया था।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की जिन छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर प्रताड़ित करने व अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए थे, उनके अभिभावक छात्राओं कुछ दिन की छुट्टी दिलवाकर घर ले गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वार्डन की बदली नहीं होती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे

गौरतलब है कि ग्रामीण, छात्राओं व उनके अभिभावकों ने हॉस्टल वार्डन पर छात्राओं के साथ पक्षपात करने, अभद्र व्यवहार करने व स्कूल में मजदूरों की तरह काम करवाने का आरोप लगाया था। वहीं ग्रामीणों ने प्रिंसिपल पर भी दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। छात्राओं का कहा था कि हॉस्टल में हमें पीने का साफ पानी तक नहीं दिया जाता।

वार्डन पर आरोप है कि रात के समय वार्डन सिर्फ हमारे ही कमरे की लाइट कट कर देती है। नहाने के लिए पानी तक नहीं दिया जाता। छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर उन्हें बंधी बनाने का भी आरोप लगाया था। छात्राओं का कहना है कि हमसे जबरदस्ती हॉस्टल के झूठे बर्तन तक धुलवाए जाते हैं। इस बात का जब ग्रामीणों व अभिभावकों को पता चला तो उन्होंने स्कूल में आकर हंगामा कर दिया। 


जांच कमेटी ने कार्रवाई करते हुए बालिका विद्यालय के प्रिंसिपल को बदल दिया है। गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल को इसका चार्ज दे दिया है। दो शिक्षिकाओं को भी बदल दिया है। वहीं हॉस्टल वार्डन को बदलने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा दिया है। विद्यालय में पीने के पानी की समस्या का समाधान करवा दिया है। बिजली व सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त करवा दी है। - ज्ञान सिंह, जिला परियोजना संयोजक हिसार

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