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बालसमंद रोड पर बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा सड़क पर गिरा, बड़ा हादसा बचा
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बालसमंद रोड पर बिल्डिंग का हिस्सा टूटने के बाद के हालात।
- फोटो : Hisar
बालसमंद रोड पर वीरवार को 60 साल पुरानी बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, बिल्डिंग के साथ ही मेन रोड है, जिससे पूरे दिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है। जिस समय बिल्डिंग का हिस्सा गिरा, उस समय भी मामूली सी दूरी पर होने के कारण वहां से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बच गए। इस बिल्डिंग के निचले हिस्से में दुकानें बनी हुई हैं। बिल्डिंग मालिक को नगर निगम प्रशासन ने 2011 में ही नोटिस जारी किया था। मगर अभी तक मालिक ने बिल्डिंग को नहीं गिराया था। हालांकि, मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। निगम प्रशासन व बिल्डिंग मालिकों के बीच केस चल रहा है। बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलने के बाद निगम अधिकारियों ने वीडियोग्राफी करवाई।
पांच साल पहले सर्वे हुआ, आज तक कोई कार्रवाई नहीं
नगर निगम प्रशासन की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से साल 2014-15 में शहर में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग्स का सर्वे किया गया था। उस पर निगम टीम के सर्वे में 40 ऐसी बिल्डिंग सामने आई थी, जिनकी हालत जर्जर है। इन बिल्डिंगों के मालिकों को निगम प्रशासन ने नोटिस भी जारी किए थे। मगर इनमें से अधिकांश बिल्डिंग ज्यों की त्यों ही खड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि तीन-चार बिल्डिंग ही मालिकों द्वारा अपने स्तर पर ढहाई गई है। बाकी को दोबारा नोटिस जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
150 से अधिक बिल्डिंग ऐसी, जिनसे खतरा
वहीं, जानकारों का मानना है कि शहर में 150 से अधिक बिल्डिंग ऐसी है, जिनको कंडम की श्रेणी में माना जा सकता है। इन बिल्डिंग की जर्जर हालत होने के कारण ये कभी भी गिर सकती हैं। इस कारण इनके आसपास से गुजरने वालों के लिए खतरा बना रहता है। रामपुरा मोहल्ला, विजय नगर, सैनियान मोहल्ला, पुराना मुलतानी चौक आदि एरिया ऐसे हैं, जहां ऐसी कई बिल्डिंग बनी हुई है। ये बिल्डिंग 50 साल से भी अधिक समय से पुरानी है।
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पांच साल पहले सर्वे हुआ, आज तक कोई कार्रवाई नहीं
नगर निगम प्रशासन की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से साल 2014-15 में शहर में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग्स का सर्वे किया गया था। उस पर निगम टीम के सर्वे में 40 ऐसी बिल्डिंग सामने आई थी, जिनकी हालत जर्जर है। इन बिल्डिंगों के मालिकों को निगम प्रशासन ने नोटिस भी जारी किए थे। मगर इनमें से अधिकांश बिल्डिंग ज्यों की त्यों ही खड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि तीन-चार बिल्डिंग ही मालिकों द्वारा अपने स्तर पर ढहाई गई है। बाकी को दोबारा नोटिस जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
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150 से अधिक बिल्डिंग ऐसी, जिनसे खतरा
वहीं, जानकारों का मानना है कि शहर में 150 से अधिक बिल्डिंग ऐसी है, जिनको कंडम की श्रेणी में माना जा सकता है। इन बिल्डिंग की जर्जर हालत होने के कारण ये कभी भी गिर सकती हैं। इस कारण इनके आसपास से गुजरने वालों के लिए खतरा बना रहता है। रामपुरा मोहल्ला, विजय नगर, सैनियान मोहल्ला, पुराना मुलतानी चौक आदि एरिया ऐसे हैं, जहां ऐसी कई बिल्डिंग बनी हुई है। ये बिल्डिंग 50 साल से भी अधिक समय से पुरानी है।
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